क्या प्रीमैच्योर मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में डिप्रेशन के कई कारण हैं?

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क्या प्रीमैच्योर मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में डिप्रेशन के कई कारण हैं?

सारांश

क्या प्रीमैच्योर मेनोपॉज महिलाओं में डिप्रेशन का कारण बन सकता है? एक नए अध्ययन ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा किया है। जानें, इसके पीछे के कारण और उपाय।

Key Takeaways

  • प्रीमैच्योर मेनोपॉज महिलाओं में डिप्रेशन का खतरा बढ़ाता है।
  • भावनात्मक सहारे की कमी भी समस्या को बढ़ा सकती है।
  • सामान्य चिकित्सा सहायता महत्वपूर्ण है।
  • हार्मोन थेरेपी एक विकल्प है, लेकिन डिप्रेशन का प्राथमिक उपचार नहीं।
  • नियमित जांच से मानसिक स्वास्थ्य की पहचान हो सकती है।

नई दिल्ली, 16 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कई महिलाओं ने प्रीमैच्योर मेनोपॉज के दौरान डिप्रेशन का अनुभव किया है। इस पर वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन किया और पाया कि मेनोपॉज के लक्षणों की गंभीरता और भावनात्मक सहारे की कमी के कारण कई महिलाओं को मेनोपॉज के प्रारंभिक चरण में डिप्रेशन हो सकता है।

प्रीमैच्योर मेनोपॉज को चिकित्सा भाषा में प्रीमैच्योर ओवेरियन इन्सफीशियन्सी (पीओआई) कहा जाता है। इसमें अंडाशय जल्दी काम करना बंद कर देते हैं, जिससे महिला के शरीर में हार्मोन का संतुलन प्रभावित होता है। अध्ययन में यह पाया गया है कि जिन महिलाओं को यह समस्या होती है, उनमें जीवनभर डिप्रेशन और एंग्जायटी का खतरा अधिक होता है।

मेनोपॉज से जूझ रही महिलाओं को एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी के साथ-साथ प्रजनन क्षमता की हानि का भी सामना करना पड़ता है। शरीर में यह बदलाव अचानक होता है, जिसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

मेनोपॉज पत्रिका में ऑनलाइन प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि कुछ कारणों से महिलाओं को जल्दी मेनोपॉज में डिप्रेशन और एंग्जायटी का अधिक खतरा होता है। इनमें कम उम्र में बीमारी का पता लगना, मेनोपॉज के लक्षणों की गंभीरता, भावनात्मक सहारे की कमी और प्रजनन क्षमता की हानि शामिल हैं।

मेनोपॉज सोसाइटी की सहायक चिकित्सा निदेशक डॉ. मोनिका क्रिसमस ने कहा, "जिन महिलाओं को पीओआई होता है, उनमें डिप्रेशन बहुत सामान्य है। इसलिए, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इन महिलाओं की नियमित जांच की जाए ताकि उनकी मानसिक स्थिति को जल्दी पहचाना जा सके और उपचार किया जा सके।"

इस अध्ययन में 345 महिलाओं को शामिल किया गया जो पीओआई से प्रभावित हैं। इनमें से लगभग 29.9 प्रतिशत महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण दिखे। जिन्होंने हार्मोन थेरेपी एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोजन का उपयोग किया और जिन्होंने नहीं किया, उनके डिप्रेशन के लक्षणों में कोई विशेष अंतर नहीं पाया गया।

डॉ. क्रिसमस ने कहा, "हार्मोन थेरेपी पीओआई से पीड़ित महिलाओं के लिए मेनोपॉज से जुड़ी समस्याओं को कम करने और उनकी सेहत को सुरक्षित रखने के लिए एक सामान्य उपचार है। लेकिन, डिप्रेशन के उपचार के लिए हार्मोन थेरेपी प्राथमिक विकल्प नहीं है।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि प्रीमैच्योर मेनोपॉज और इसके साथ होने वाले मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना और उन्हें सही समय पर सहायता प्रदान करना हमारा कर्तव्य है।
NationPress
31/08/2025

Frequently Asked Questions

प्रीमैच्योर मेनोपॉज क्या है?
प्रीमैच्योर मेनोपॉज, जिसे प्रीमैच्योर ओवेरियन इन्सफीशियन्सी (पीओआई) कहा जाता है, में अंडाशय जल्दी काम करना बंद कर देते हैं।
डिप्रेशन के लक्षण क्या हैं?
डिप्रेशन के लक्षणों में उदासी, थकान, निराशा, और सामान्य गतिविधियों में रुचि की कमी शामिल हैं।
क्या हार्मोन थेरेपी डिप्रेशन का इलाज कर सकती है?
हार्मोन थेरेपी पीओआई से पीड़ित महिलाओं के लिए सहायक हो सकती है, लेकिन यह डिप्रेशन के उपचार का प्राथमिक विकल्प नहीं है।