फिट रहने के लिए रोज कितने कदम पैदल चलना चाहिए?
सारांश
Key Takeaways
- पैदल चलने से दिल की सेहत में सुधार होता है।
- रोजाना 30 मिनट की वॉकिंग से हार्ट अटैक का खतरा कम होता है।
- रोजाना 9,000 से 10,000 कदम चलना आदर्श है।
- बुजुर्गों के लिए 6,000 से 9,000 कदम चलना फायदेमंद है।
- चलने से मानसिक तनाव कम होता है और मूड बेहतर होता है।
नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। खराब आहार, वायु प्रदूषण, मौसमी परिवर्तन और तनाव के कारण स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों का मानना है कि छोटी-छोटी आदतों के माध्यम से स्वास्थ्य में सुधार संभव है। इनमें से एक सबसे सरल और प्रभावी आदत है पैदल चलना यानी वॉकिंग।
पैदल चलना केवल हमारी मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत नहीं करता, बल्कि यह दिल की सेहत को सुधारने और आयु बढ़ाने में भी सहायक है।
आयुर्वेद के अनुसार, चलना शरीर की ऊर्जा और जीवन शक्ति को संतुलित करता है, पाचन क्रिया में सुधार करता है और मानसिक तनाव को कम करता है। विज्ञान भी यह मानता है कि रोजाना पैदल चलने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी कम हो जाता है।
चलना किसी भी उम्र के लिए सबसे आसान एक्सरसाइज है। जब हम पैदल चलते हैं, तो हमारे दिल की धड़कन तेज होती है, रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। नियमित वॉकिंग से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, कोलेस्ट्रॉल कम होता है और वजन संतुलित रहता है। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यधिक लाभकारी है। चलते समय शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है, जो तनाव कम करता है और मूड को अच्छा बनाता है।
आयुर्वेद के अनुसार, तेज चलना प्राणवायु को सक्रिय करता है, जिससे ऊर्जा बढ़ती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। हार्ट अटैक से बचने के लिए विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना कम से कम तीस मिनट तक तेज चलना चाहिए।
अमेरिकी हार्ट फाउंडेशन और नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन के अध्ययन के अनुसार, 30 मिनट की तेज वॉक यानी लगभग 9,000 से 10,000 कदम रोजाना हफ्ते में पांच दिन दिल की सेहत के लिए आदर्श है। इससे रक्त संचार सही रहता है, दिल की धड़कन मजबूत होती है और ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहते हैं। यदि कोई इतनी लंबी वॉक नहीं कर पाता तो 3,800 से 4,000 कदम भी शुरुआत में लाभकारी हैं। आवश्यक यह है कि हर दिन नियमित रूप से चला जाए।
विशेषज्ञ60 साल और उससे अधिक उम्र के लोग यदि रोजाना 6,000 से 9,000 कदम चलते हैं, तो उनका हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा उन लोगों की तुलना में 40 से 50 प्रतिशत कम हो जाता है जो रोज सिर्फ 2,000 कदम चलते हैं।
लगभग 2.5 मील से 4 मील तक चलने से दिल मजबूत रहता है और कार्डियोवैस्कुलर बीमारी का खतरा कम होता है। आयुर्वेद भी मानता है कि नियमित और संतुलित चलना शरीर की गर्मी और ऊर्जा को बनाए रखता है, जिससे उम्र लंबी और स्वस्थ रहती है।