16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सर्दियों में सिर, कान और पैर की मालिश जरूरी है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सर्दियों में सिर, कान और पैर की मालिश जरूरी है?

सारांश

सर्दियों में त्वचा की देखभाल के लिए अभ्यंग या तेल मालिश अत्यंत महत्वपूर्ण है। जानें कैसे सिर, कान और पैरों की मालिश से न केवल त्वचा को नमी मिलती है बल्कि शरीर को भी अनेक लाभ होते हैं।

मुख्य बातें

सर्दियों में शरीर के तीन हिस्सों पर तेल लगाना आवश्यक है।
अभ्यंग से त्वचा को नमी और कोमलता मिलती है।
सिर की मालिश से बाल मजबूत होते हैं और सिरदर्द कम होता है।
पैरों की मालिश से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है।
रोजाना अभ्यंग से इम्यूनिटी बढ़ती है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों का मौसम आते ही त्वचा में रूखापन और बेजानापन दिखाई देने लगता है। ठंडी हवाएं शरीर की नमी को चुरा लेती हैं, जिससे त्वचा सूख जाती है। लेकिन इसका उपाय अभ्यंग या तेल की मालिश में छिपा है। आयुर्वेद के अनुसार, सर्दियों में शरीर के तीन प्रमुख अंगों पर तेल लगाना आवश्यक है, जिससे कई लाभ मिलते हैं।

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय बताता है कि अभ्यंग या तेल से मालिश करना एक उत्तम आयुर्वेदिक उपाय है।

यह न केवल त्वचा को नमी और कोमलता प्रदान करता है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन को भी सुधारता है।

आयुष मंत्रालय की सलाह है कि सर्दियों में खासतौर पर तीन स्थानों – सिर, कान और पैर पर ध्यान देना चाहिए।

यह अंग सर्दियों में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं और इन पर मालिश से विशेष लाभ प्राप्त होता है।

अभ्यंग के लिए तिल का तेल सबसे लाभदायक है, क्योंकि यह गर्म प्रकृति का होता है और सर्दियों में शरीर को गर्माहट प्रदान करता है। इसके अलावा सरसों का तेल या नारियल का तेल का भी उपयोग किया जा सकता है। तेल को हल्का गुनगुना करके पूरे शरीर पर मालिश करें।

सिर पर तेल की मालिश करने से बाल मजबूत होते हैं। सिरदर्द दूर होता है और मन को शांति मिलती है। तिल के तेल से स्कैल्प की मालिश करने से डैंड्रफ और रूखापन कम होता है।

कान में थोड़ी मात्रा में तेल डालकर हल्की मालिश करने से कान की सफाई होती है, सुनने की क्षमता बढ़ती है और सर्दियों में होने वाली समस्याओं जैसे कान दर्द से राहत मिलती है।

साथ ही यह अच्छी नींद लाने और तनाव को कम करने में भी सहायक है।

पैरों की मालिश बेहद महत्वपूर्ण है। पैरों पर तेल लगाकर अच्छी तरह रगड़ें, क्योंकि पैरों में कई एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं। इससे पूरे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, थकान दूर होती है और नींद अच्छी आती है। सर्दियों में पैर फटने की समस्या भी इससे समाप्त रहती है।

नियमित अभ्यंग से त्वचा मुलायम और चमकदार बनी रहती है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है, जोड़ों को लचीला बनाता है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है।

एक्सपर्ट के अनुसार, सर्दियों में अभ्यंग बेहद लाभदायक साबित होता है। यह आयुर्वेदिक तरीका सरल, सुरक्षित और घर पर ही किया जा सकता है। सुबह नहाने से पहले 10-15 मिनट अभ्यंग करें, फिर गुनगुने पानी से स्नान करें। इससे शरीर तेल को अच्छी तरह सोख लेता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समझना महत्वपूर्ण है कि सर्दियों में हमारी त्वचा और स्वास्थ्य का ख्याल रखना आवश्यक है। अभ्यंग या तेल से मालिश एक प्राचीन आयुर्वेदिक तकनीक है जो सर्दियों में न केवल हमारी त्वचा को सुरक्षित रखती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधारती है। यह एक सरल और प्रभावी विधि है, जिसे हर कोई अपने घर में आसानी से कर सकता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्दियों में तेल मालिश करने का सही तरीका क्या है?
सर्दियों में तेल को हल्का गर्म करके सिर, कान और पैरों पर अच्छी तरह से लगाएं और 10-15 मिनट तक मालिश करें।
कौन सा तेल सर्दियों में सबसे अच्छा है?
सर्दियों में तिल का तेल, सरसों का तेल या नारियल का तेल सबसे अच्छे होते हैं।
तेल मालिश से कौन-कौन से लाभ होते हैं?
तेल मालिश से त्वचा को नमी मिलती है, रक्त संचार बेहतर होता है और तनाव कम होता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले