रात में ब्रश करने का महत्व: दिल की सेहत के लिए लापरवाही हो सकती है खतरनाक
सारांश
Key Takeaways
- रात में ब्रश करना दिल की सेहत के लिए आवश्यक है।
- प्लाक और बैक्टीरिया को हटाना महत्वपूर्ण है।
- आयुर्वेद में दांतों की सफाई का महत्व है।
- नियमित ब्रश से मसूड़ों की बीमारी कम होती है।
- दिल की नसों की सुरक्षा के लिए स्वच्छता आवश्यक है।
नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिस्तर पर जाने से पहले ब्रश न करने की आदत को लोग अक्सर हलके में लेते हैं, लेकिन यह लापरवाही केवल दांतों की कैविटी तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि यह धीरे-धीरे पूरे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। विशेष रूप से, इसका दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही इस बात को मानते हैं कि मुंह की सफाई ही शरीर की संपूर्ण सेहत के लिए आवश्यक है। दिनभर के खाने-पीने के बाद दांतों और मसूड़ों में खाना फंसा रह जाता है। यदि रात में ब्रश नहीं किया जाए, तो ये बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और प्लाक का निर्माण करते हैं। प्लाक न केवल दांतों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि मसूड़ों में सूजन भी उत्पन्न करता है। यही सूजन आगे चलकर शरीर के अंदर फैल सकती है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, मुंह में हानिकारक बैक्टीरिया पनपने के बाद ये खून के जरिए अन्य हिस्सों तक पहुंच जाते हैं और सूजन का कारण बनते हैं। लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन दिल की नसों यानी ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे नसों की आंतरिक परत कमजोर होती है और उनमें चर्बी जमा होने लगती है। यह स्थिति आगे चलकर हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ा सकती है।
आयुर्वेद में सुबह के साथ-साथ रात में भी दांतों की सफाई करने की सलाह दी जाती है, ताकि दिनभर जमा हुई गंदगी शरीर के अंदर न जाए।
कई शोधों में यह पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से रात में ब्रश करते हैं और समय-समय पर दांतों की सफाई कराते हैं, उनमें मसूड़ों की बीमारी कम होती है। मसूड़ों की बीमारी का कम होना सीधे दिल की सेहत को बेहतर बनाता है।