19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या आप जीभ की सफाई करना भूल जाते हैं? जानिए यह आदत सेहत के लिए क्यों है खतरनाक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आप जीभ की सफाई करना भूल जाते हैं? जानिए यह आदत सेहत के लिए क्यों है खतरनाक

सारांश

सुबह की जीभ की सफाई को नजरअंदाज करना आपकी सेहत को नुकसान पहुँचा सकता है। जानिए कैसे इस सरल आदत से आप अपने पाचन और मुंह की स्वच्छता को बेहतर बना सकते हैं।

मुख्य बातें

जीभ की सफाई से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं।
यह पाचन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
दांतों के साथ-साथ जीभ को भी साफ करना चाहिए।
आयुर्वेद में जीभ की सफाई के सरल उपाय हैं।
यह एक छोटी आदत है, लेकिन इसके फायदे बड़े हैं।

नई दिल्ली, २९ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सुबह का समय शरीर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दौरान शरीर विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में व्यस्त रहता है। ऐसे में लोग अक्सर दांतों की सफाई के लिए उठते हैं। लेकिन कई लोग रोजाना जीभ की सफाई करना भूल जाते हैं। यदि आप भी ऐसा करते हैं, तो यह आदत आपकी सेहत के लिए धीरे-धीरे हानिकारक बन सकती है।

सुबह उठने पर जीभ पर जो सफेद परत नजर आती है, वह टॉक्सिन्स को दर्शाती है। दांतों के साथ-साथ जीभ को साफ करना भी आवश्यक है। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो ये टॉक्सिन्स पेट में वापस चले जाते हैं और पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बनते हैं। इसके अलावा, मुंह से बदबू आना, स्वाद का अनुभव न होना, शरीर में बैक्टीरिया का बढ़ना, पाचन समस्याएं, और दांतों का कमजोर होना जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

आयुर्वेद में जीभ की सफाई को छोटी आदत माना गया है, लेकिन यह आदत पूरे शरीर को बीमारियों से बचा सकती है। आयुर्वेद में जीभ की सफाई के सरल उपाय बताए गए हैं। सबसे पहले, जीभ को टंग क्लिनर से हल्के हाथों से दो से तीन बार साफ करें। इसके बाद दांतों को ब्रश करें और कुल्ला करके मुंह को साफ करें। अंत में, ऑयल पुलिंग करें। मुंह में नारियल का तेल लेकर कुछ समय घुमाएं और कुल्ला कर दें। इससे मुंह पूरी तरह स्वच्छ हो जाएगा और जीभ पर लगे बैक्टीरिया भी कम होंगे।

इससे मुंह की दुर्गंध में सुधार होगा, बैक्टीरिया की संख्या कम होगी और पाचन में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलेगा। इस सरल आदत से शरीर में कुछ ही दिनों में बड़े बदलाव आएंगे। जीभ हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका पाचन से गहरा संबंध है। मुंह की सफाई पाचन से जुड़ी होती है, क्योंकि मुंह में बनने वाली स्वस्थ लार भोजन को पचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि जीभ की सफाई को नजरअंदाज करना एक साधारण सी गलती है, जो स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। यह न केवल पाचन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि मौखिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीभ की सफाई क्यों जरूरी है?
जीभ की सफाई से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और यह पाचन और मौखिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
जीभ की सफाई कैसे करें?
जीभ को टंग क्लिनर से साफ करें, फिर दांतों को ब्रश करें और अंत में ऑयल पुलिंग करें।
क्या जीभ की सफाई न करने से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है?
जीभ की सफाई न करने से मुंह की दुर्गंध, पाचन समस्याएं और बैक्टीरिया का बढ़ना हो सकता है।
आयुर्वेद में जीभ की सफाई के क्या उपाय हैं?
आयुर्वेद में जीभ को साफ करने के लिए टंग क्लिनर और ऑइल पुलिंग के तरीकों का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।
सुबह की जीभ की सफाई का सही समय क्या है?
सुबह उठते ही, दांतों की सफाई से पहले जीभ की सफाई करना सबसे अच्छा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले