सुबह उठने पर शरीर में जकड़न से मिलेगी राहत, जानिए आमवातारि वटी के फायदे
सारांश
Key Takeaways
- आमवातारि वटी एक प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय है।
- यह जोड़ों के दर्द, सूजन और अकड़न से राहत देती है।
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी जरूरी है।
- गुनगुना पानी और लहसुन का सेवन फायदेमंद है।
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की जीवनशैली में कई घंटे कुर्सी पर बैठना आम बात है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी और जकड़न आना स्वाभाविक है।
वात की वृद्धि के कारण जोड़ों में दर्द की समस्या भी उत्पन्न होती है। सुबह उठते ही कई लोग शरीर में भारीपन, जकड़न और जोड़ों के दर्द का सामना करते हैं। ऐसे में आयुर्वेद में आमवातारि वटी का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
आयुर्वेद के अनुसार, जोड़ों के दर्द, सूजन और अकड़न का मुख्य कारण वात और मंद पाचन होता है। जब पाचन सही नहीं होता, तब शरीर में आम (टॉक्सिन) की मात्रा बढ़ने लगती है। आम के कारण आंतों में संक्रमण और जोड़ों में दर्द, रूमेटॉइड और आर्थराइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं के चलते शरीर चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है और दर्द से राहत पाने के लिए आमवातारि वटी का सेवन अत्यंत लाभकारी होता है। इसके नियमित सेवन से जोड़ों की सूजन, दर्द और अकड़न में काफी कमी आती है, लेकिन इसे चिकित्सक की सलाह पर ही लेना चाहिए।
आमवातारि वटी में आयुर्वेद की सबसे प्रभावी जड़ी-बूटियों का मिश्रण होता है। इसे बनाने में शुद्ध गुग्गुलु, चित्रक मूल, त्रिफला (आंवला, हरड़, बहेड़ा), शुद्ध पारद और शुद्ध गंधक का उपयोग किया जाता है। इसके सेवन से पेट संबंधी रोगों में भी सुधार होता है और मंद पाचन में तेजी आती है।
आमवातारि वटी के साथ साथ जीवनशैली में भी सुधार करना आवश्यक है। सुबह की शुरुआत गुनगुने पानी से करें और कोशिश करें कि सुबह मेथी के कुछ दाने या लहसुन का सेवन करें। लहसुन जोड़ों के दर्द में राहत देने में सहायक होता है। लंबे समय तक एक ही स्थान पर न बैठें, क्योंकि इससे मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है और गंभीर स्थिति में पानी भरने की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए हल्का व्यायाम अवश्य करें।