क्या सिर से जूं को तुरंत खत्म करने के लिए ये दो उपाय प्रभावी हैं?
सारांश
Key Takeaways
- नारियल का तेल और नीम के बीज मिलकर जूं को खत्म करने में मदद करते हैं।
- नीम के बीज जूं के लिए जहर की तरह काम करते हैं।
- वैसलीन और कपूर का मिश्रण भी प्रभावी है।
- यह उपचार सिर की खुजली और डैंड्रफ को कम करता है।
- प्राकृतिक उपायों से जूं की समस्या को आसानी से सुलझाया जा सकता है।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सिर में जूं होना एक सामान्य समस्या है, लेकिन जब जूं लग जाती हैं, तो यह हमारी दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं। बालों में चिपकी लीखें और खुजली के कारण होने वाले छोटे-छोटे घाव व्यक्ति को चिड़चिड़ा बना देते हैं। आयुर्वेद में यह माना जाता है कि जब सिर की त्वचा में गंदगी और अधिक पसीना होता है, तब जूं जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। ऐसे में कुछ प्राकृतिक उपाय मिलकर इस समस्या को प्रभावी ढंग से समाप्त कर सकते हैं।
इन समस्याओं से निजात पाने के लिए नारियल का तेल और नीम के बीजों का मिश्रण बेहद कारगर माना जाता है। आयुर्वेद में नीम को कीड़ों और परजीवियों को नष्ट करने वाला माना गया है। नीम के बीजों में ऐसे कड़वे तत्व होते हैं जो जूं के लिए अत्यंत हानिकारक होते हैं। वहीं, नारियल का तेल सिर की त्वचा को पोषण प्रदान करता है और जड़ों तक पहुंचकर जूं के श्वसन मार्ग को बंद कर देता है।
जब नारियल का तेल धीमी आंच पर गर्म किया जाता है और उसमें नीम के बीज मिलाए जाते हैं और कुछ दिनों के लिए रखा जाता है, तो नीम के औषधीय गुण तेल में पूरी तरह समाहित हो जाते हैं। जब यह तेल सिर पर लगाया जाता है, तो यह सबसे पहले जूं की बाहरी परत को कमजोर करता है। जूं छोटे छिद्रों पर निर्भर करती हैं, और यह तेल उन छिद्रों को बंद कर देता है, जिससे जूं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।
नीम के बीजों का कड़वापन लीखों को भी प्रभावित करता है, जिससे वे बालों से ढीली पड़ने लगती हैं और जूं फिर से उत्पन्न नहीं हो पाती। विज्ञान के अनुसार, नीम में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण सिर की त्वचा में संक्रमण को कम करते हैं। इसके नियमित उपयोग से चार से पांच सप्ताह में जूं पूरी तरह समाप्त हो जाती हैं।
वैसलीन और कपूर का मिश्रण भी इस समस्या का समाधान करता है। आयुर्वेद में कपूर को ठंडा करने वाला, कीटाणुनाशक और खुजली को शांत करने वाला माना जाता है। कपूर की तेज खुशबू और उसकी गर्म तासीर जूं के लिए हानिकारक होती है। वहीं, वैसलीन एक गाढ़ा पदार्थ है, जो जूं को बालों में फंसा देती है और उनकी गति को रोक देती है। जब वैसलीन और कपूर को मिलाकर सिर की त्वचा पर लगाया जाता है, तो यह मिश्रण जूं के शरीर को ढक देता है। इससे जूं को ऑक्सीजन नहीं मिलती और वे जल्दी मर जाती हैं।
वैसलीन जूं के श्वसन तंत्र को अवरुद्ध करती है, जबकि कपूर उनके तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है। कपूर की खुशबू जूं को सिर से दूर भगाने में मदद करती है। यही कारण है कि इस उपाय के बाद जब बालों को धोकर कंघी की जाती है, तो मरी हुई जूं और लीखें आसानी से निकल जाती हैं। इसके अलावा, कपूर सिर की खुजली और डैंड्रफ को भी कम करता है, जिससे त्वचा को राहत मिलती है।