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क्या अधिक शुगर और फैट से कई बीमारियां हो सकती हैं? सावधानी बरतनी आवश्यक है: डॉक्टर अमर आमले

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क्या अधिक शुगर और फैट से कई बीमारियां हो सकती हैं? सावधानी बरतनी आवश्यक है: डॉक्टर अमर आमले

सारांश

नागपुर में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, समोसे और जलेबी जैसी तली हुई चीज़ों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। डॉक्टर अमर आमले ने इस पहल को सकारात्मक बताया और कहा कि इससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

मुख्य बातें

तली हुई चीज़ें और अधिक चीनी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्णय लिया।
लोगों को अपनी डाइट और जीवनशैली में सुधार करना चाहिए।

नागपुर, 14 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। तंबाकू स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। आपने देखा होगा कि इस तरह के विज्ञापनों का प्रचार कई दुकानों पर किया जाता है। अब इसी तर्ज पर सरकारी कैंटीनों और रेस्टोरेंट में समोसे और जलेबी जैसी वस्तुओं के लिए भी तंबाकू की चेतावनी की तरह चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्ड में तेल और चीनी की मात्रा का विवरण देना अनिवार्य होगा। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के इस निर्देश को नागपुर के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर आमले ने सही ठहराया है। राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि समोसा और जलेबी केवल उदाहरण हैं, क्योंकि कोई भी तला हुआ या चीनी से भरपूर भोजन अधिक मात्रा में खाने से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। यह मोटापा बढ़ाता है, जो उच्च रक्तचाप, मधुमेह, दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक, किडनी फेलियर और यहां तक कि कैंसर का कारण बन सकता है। यह पहल गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम के लिए एक सकारात्मक कदम है।

डॉ. आमले ने स्वास्थ्य विभाग के इस नोटिफिकेशन का समर्थन करते हुए कहा कि इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और वे स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग रहेंगे। इस नोटिफिकेशन के अनुसार, कैंटीन में लोगों को यह जानकारी मिलेगी कि समोसा किस तेल में तला गया है और एक जलेबी में कितनी चीनी है। उन्होंने बताया कि चीनी हमारे शरीर को काफी हानि पहुंचाती है। युवा अक्सर गर्मियों में 250 एमएल कोल्ड ड्रिंक पी लेते हैं, जिसमें 10 से 30 ग्राम चीनी होती है, जो सीधे शरीर में जाती है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति को बाहर के तले हुए भोजन से बचना चाहिए। समोसे और जलेबी से जितना दूर रहेंगे, उतना ही स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगा। हालांकि, एक स्वस्थ व्यक्ति अपनी फिटनेस के अनुसार एक जलेबी या समोसा खा सकता है। लेकिन, अधिक जलेबी खाने से शरीर में चीनी की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, समोसे और जलेबी को छोड़कर फलों और सब्जियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

लोगों में बढ़ती बीमारियों के लिए उन्होंने जीवनशैली को मुख्य कारण बताया है। उन्होंने कहा कि 50 साल पहले लोगों में इतनी बीमारियां नहीं होती थीं, लेकिन आज युवा से लेकर बुजुर्ग सभी कई बीमारियों से ग्रस्त हैं। इसका मुख्य कारण हमारी डाइट है। बीमारियों से बचने के लिए हमें अपनी जीवनशैली पर ध्यान देना होगा, और ज्यादा से ज्यादा फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि हमारी जीवनशैली और डाइट में बदलाव लाने की आवश्यकता है। डॉक्टर अमर आमले के अनुसार, जागरूकता बढ़ाना और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना अत्यंत आवश्यक है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वास्थ्य मंत्रालय ने तली हुई चीज़ों पर चेतावनी क्यों लगाई?
तली हुई चीज़ों और अधिक चीनी के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने के लिए यह पहल की गई है।
क्या समोसे और जलेबी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं?
यदि अधिक मात्रा में खाए जाएं, तो ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित मात्रा क्या है?
एक स्वस्थ व्यक्ति अपनी फिटनेस के अनुसार सीमित मात्रा में खा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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