क्या हाकिनी योग मुद्रा तनाव और एंग्जाइटी से राहत दिला सकती है?

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क्या हाकिनी योग मुद्रा तनाव और एंग्जाइटी से राहत दिला सकती है?

सारांश

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना बेहद जरूरी है। हाकिनी योग मुद्रा एक सरल उपाय है जो न केवल तनाव कम करती है, बल्कि याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायता करती है। जानें इसके लाभ और कैसे इसे सही तरीके से करना है।

Key Takeaways

  • हाकिनी योग मुद्रा से तनाव और एंग्जाइटी में कमी आती है।
  • यह याददाश्त और एकाग्रता को बढ़ाती है।
  • इसके नियमित अभ्यास से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
  • यह नींद की गुणवत्ता में सुधार करती है।
  • हाथों की उंगलियों को जोड़ने से मस्तिष्क सक्रिय होता है।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना एक चुनौती बन गया है। कार्य का दबाव, लगातार स्मार्टफोन और स्क्रीन के सामने बैठना, नींद की कमी और बढ़ता तनाव हमारे शरीर और दिमाग पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं।

इससे न केवल एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएँ बढ़ रही हैं, बल्कि याददाश्त भी कमजोर हो रही है और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई आ रही है। इस स्थिति में योग हमारे स्वास्थ्य के लिए एक कारगर उपाय हो सकता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और नर्वस सिस्टम को मजबूत करने का भी कार्य करता है। इस संदर्भ में हाकिनी योग मुद्रा एक सरल हस्त मुद्रा है, जो दिमाग को सक्रिय रखने, तनाव कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती है।

हाकिनी योग मुद्रा, जिसे पावर जेस्चर या ब्रेन पॉवर मुद्रा भी कहा जाता है, इसे हाथों की पांचों उंगलियों को आपस में जोड़कर किया जाता है। इसे करने के लिए सबसे पहले आप पद्मासन या वज्रासन में बैठ जाएं और आंखें बंद करके गहरी और लंबी सांस लें। फिर एक हाथ की सभी उंगलियों की टिप को दूसरे हाथ की उंगलियों की टिप से जोड़ें। ध्यान रखें कि उंगलियों पर अत्यधिक दबाव न पड़े। भौहों के बीच पर ध्यान केंद्रित करते हुए मन को अनावश्यक विचारों से दूर रखें। शुरुआत में इसे दो से तीन मिनट करें और धीरे-धीरे इसे पांच मिनट तक बढ़ाएं। रोज़ सुबह खाली पेट और शाम को इसका अभ्यास करने से इसके प्रभाव में वृद्धि होती है।

इस मुद्रा के कई लाभ हैं। सबसे पहले, यह ध्यान और एकाग्रता को बढ़ाती है। हाथों की उंगलियों को जोड़ने से मस्तिष्क के दोनों हिस्से सक्रिय होते हैं, जिससे याददाश्त मजबूत होती है और किसी भी कार्य पर ध्यान बनाए रखना आसान हो जाता है। इसके साथ ही यह तनाव और घबराहट को भी कम करती है। जो लोग लगातार चिंतित रहते हैं या डिप्रेशन का सामना कर रहे हैं, उनके लिए यह मुद्रा मानसिक शांति और संतुलन प्रदान करती है।

हाकिनी मुद्रा आत्मविश्वास बढ़ाने में भी सहायक है। इसे करने से व्यक्ति अपने कार्यों के प्रति उत्साहित और प्रेरित महसूस करता है, साथ ही मानसिक स्थिरता और ऊर्जा भी बढ़ती है।

इसके अलावा, हाकिनी मुद्रा नींद की गुणवत्ता को सुधारने में भी मदद करती है। दिनभर की थकान और तनाव के कारण कई लोगों को रात में नींद नहीं आती। इस मुद्रा का अभ्यास शरीर में रक्तसंचार बढ़ाता है और ऑक्सीजन का प्रवाह सुधारता है, जिससे नींद गहरी और संतुलित होती है। इसके नियमित अभ्यास से नर्वस सिस्टम, टिश्यू और सेल्स की कार्यक्षमता भी बेहतर होती है। इससे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति दिनभर सक्रिय महसूस करता है।

Point of View

बल्कि याददाश्त और एकाग्रता को भी बढ़ाती है। इस प्रकार, योग का अभ्यास करने से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

हाकिनी योग मुद्रा कितनी बार करनी चाहिए?
इसे रोज़ सुबह खाली पेट और शाम को अभ्यास करना चाहिए।
क्या हाकिनी मुद्रा से तनाव कम होता है?
हाँ, यह मुद्रा तनाव और घबराहट को कम करने में सहायक होती है।
क्या यह मुद्रा याददाश्त बढ़ाने में मदद करती है?
जी हाँ, हाकिनी मुद्रा मस्तिष्क के दोनों हिस्सों को सक्रिय करती है, जिससे याददाश्त मजबूत होती है।
क्या इस मुद्रा का अभ्यास करना सुरक्षित है?
बिल्कुल, यदि इसे सही तरीके से किया जाए तो यह पूरी तरह से सुरक्षित है।
क्या यह मुद्रा आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक है?
हाँ, यह मुद्रा आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करती है।
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