क्या थायरॉइड और पीसीओडी में सहायक है योनि मुद्रा, जो हार्मोनल संतुलन को बेहतर बनाती है?
सारांश
Key Takeaways
- तनाव को कम करने में सहायता करती है।
- हार्मोनल संतुलन को सुधारने में मदद करती है।
- इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है।
- ध्यान और एकाग्रता को बढ़ाती है।
- यह थायरॉइड और पीसीओडी जैसी समस्याओं में सहायक है।
नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की तेज़ रफ्तार वाली ज़िंदगी में तनाव केवल दिमाग पर ही असर नहीं डालता, बल्कि यह धीरे-धीरे पूरे शरीर को प्रभावित करने लगता है। नींद में खलल, चिड़चिड़ापन, हार्मोनल असंतुलन, और इम्युनिटी में कमी, ये सभी तनाव के कारण होते हैं। ऐसे समय में आयुष मंत्रालय योग करने की सिफारिश करता है।
योग की कई मुद्राएं हैं, लेकिन कुछ मुद्राएं ऐसी होती हैं जो दिखने में साधारण लगती हैं, फिर भी वे गहरे बदलाव लाती हैं। योनि मुद्रा उन्हीं में से एक है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, योनि मुद्रा मन को शांति प्रदान करने में सहायक है। जब व्यक्ति अपनी सांस, विचार और ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करता है, तो इससे तनाव कम होता है और मन को एक नई शांति मिलती है। इसे करने के लिए सुखासन या पद्मासन में बैठकर आंखें बंद करें और हाथों की उंगलियों से एक विशिष्ट आकृति बनाकर कुछ समय तक गहरी सांस के साथ ध्यान करें। यह सरल क्रिया पूरे तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करती है।
जब हम योनि मुद्रा में होते हैं, तो बाहरी शोर धीरे-धीरे मन से दूर होने लगता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित अभ्यास से तनाव हार्मोन का स्तर कम होता है, जिससे चिंता, डर और बेचैनी में राहत मिलती है। यही कारण है कि यह मुद्रा उन लोगों के लिए भी लाभकारी है जो लंबे समय से मानसिक दबाव में हैं।
हार्मोनल संतुलन के संदर्भ में भी योनि मुद्रा को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया है। महिलाओं के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन सीधे तौर पर मूड, पीरियड्स और ऊर्जा स्तर को प्रभावित करते हैं। नियमित अभ्यास से शरीर की आंतरिक ग्रंथियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे हार्मोन का संतुलन बेहतर होता है। यह पुरुषों के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि यह तनाव से संबंधित हार्मोनल असंतुलन को दूर करने में मदद करता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, जब मन शांत होता है, तो शरीर की रक्षा प्रणाली बेहतर तरीके से काम करती है। योनि मुद्रा के अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का प्रवाह संतुलित होता है, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और छोटी बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
यह मुद्रा ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में बहुत उपयोगी मानी जाती है। आज के समय में बच्चों से लेकर बड़ों तक ध्यान भटकने की समस्या बढ़ गई है। योनि मुद्रा मन को एक बिंदु पर केंद्रित करने में मदद करती है। धीरे-धीरे विचार स्पष्ट होते हैं, निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होता है, और कार्य में ध्यान लग जाता है।
थायरॉइड और पीसीओडी जैसी समस्याओं में भी योनि मुद्रा राहत देने का कार्य करती है। यह शरीर के संतुलन को सुधारकर इन समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद करती है। मासिक धर्म की अनियमितता में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखा गया है, क्योंकि यह तनाव को कम कर हार्मोनल संतुलन को ठीक करती है।