क्या अफगानिस्तान ने नंगरहार और खोस्त पर सैन्य हमलों को लेकर पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया?

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क्या अफगानिस्तान ने नंगरहार और खोस्त पर सैन्य हमलों को लेकर पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया?

सारांश

अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी सेना द्वारा नंगरहार और खोस्त प्रांतों में हवाई हमलों के खिलाफ पाकिस्तान के राजदूत को तलब किया है। इस घटना ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। जानें विस्तार से इस गंभीर मुद्दे के बारे में।

Key Takeaways

  • पाकिस्तानी हवाई हमले ने अफगान नागरिकों में दहशत फैलाई।
  • तालिबान ने हमलों की कड़ी निंदा की।
  • अफगानिस्तान ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए चेतावनी दी।
  • दोनों देशों के रिश्ते में तनाव बढ़ रहा है।
  • बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान आवश्यक है।

काबुल, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान का विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी सेना द्वारा नंगरहार और खोस्त प्रांतों में किए गए कथित हवाई हमलों पर काबुल में पाकिस्तान के राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान अधिकारियों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है, जिसमें तीन व्यक्तियों की मौत हुई और सात अन्य घायल हो गए।

गुरुवार को भेजे गए पत्र में अफगान विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन और ड्यूरंड रेखा के पास नागरिक क्षेत्रों पर बमबारी को “अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन और उकसाने वाला कदम” बताया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि अफगान संप्रभुता की रक्षा के लिए यह “लाल रेखा” है और चेतावनी दी कि “ऐसी गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाइयों के परिणाम भुगतने होंगे।”

काबुल स्थित खामा प्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि नंगरहार और खोस्त प्रांतों में रातभर चले ड्रोन हमलों में कम से कम 13 लोग प्रभावित हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। नंगरहार के शिनवार जिले में एक आवासीय घर पर हमले में चार बच्चों और एक महिला समेत पांच लोग घायल हुए। उसी रात खोस्त प्रांत के स्पेरा जिले के सुरखख लाहौरी क्षेत्र में एक अन्य ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हुए। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पाकिस्तानी ड्रोन जानबूझकर नागरिक घरों को निशाना बना रहा था, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।

पाकिस्तान पहले भी खोस्त और पक्तिका में इस तरह के ड्रोन हमले कर चुका है, जिनमें कई नागरिकों की जान गई थी। जनवरी में पक्तिका के बर्मल जिले में पाकिस्तानी विमानों के हमले में कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। पाकिस्तान, तालिबान पर प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को शरण देने का आरोप लगाता रहा है, जिसने तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान में कई हमले किए हैं।

इस वर्ष की शुरुआत में पाकिस्तान ने आतंकवादी हमलों में वृद्धि के कारण कई महत्वपूर्ण सीमा चौकियां बंद कर दी थीं। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने व्यापार और आवाजाही पर पाबंदियां लागू कीं। ताजा घटना दोनों देशों के बीच रिश्तों की नाजुक स्थिति को उजागर करती है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय बैठकें हुई हैं, लेकिन सुरक्षा मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।

Point of View

न कि सैन्य संघर्ष के माध्यम से।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के राजदूत को क्यों तलब किया?
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के राजदूत को नंगरहार और खोस्त प्रांतों में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराने के लिए तलब किया।
इन हमलों में कितने लोग प्रभावित हुए?
इन हमलों में तीन लोगों की मौत हुई और सात अन्य घायल हुए।