एयरबस ए320 के सॉफ्टवेयर अपडेट ने क्यों मचाई हाहाकार?

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एयरबस ए320 के सॉफ्टवेयर अपडेट ने क्यों मचाई हाहाकार?

सारांश

एयरबस के ए320 एयरक्राफ्ट के सॉफ़्टवेयर अपडेट ने विमानन जगत में हलचल मचा दी है। इस अपडेट के चलते कई एयरलाइंस को प्रभावित होने की संभावना है। जानें इसके पीछे का कारण और इससे क्या खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।

Key Takeaways

  • सॉफ्टवेयर अपडेट का उद्देश्य सौर विकिरण के प्रभाव को कम करना है।
  • ईएलएसी सिस्टम की सुरक्षा के लिए अपडेट आवश्यक है।
  • भारतीय एयरलाइंस को इस अपडेट का पालन करना आवश्यक है।
  • डीजीसीए ने सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं।
  • यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। एयरबस ने अपने एक सॉफ़्टवेयर अपडेट के चलते ए320 एयरक्राफ्ट को लेकर वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। एयरबस ने विश्वभर में लगभग 6 हजार से अधिक ए320 एयरक्राफ्ट में सॉफ़्टवेयर अपडेट की जानकारी दी है, जिससे विमानन एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

यह ध्यान देने योग्य है कि भारतीय विमानन कंपनियों जैसे एयर इंडिया और इंडिगो में भी एयरबस के कुछ विमान शामिल हैं। इस सॉफ़्टवेयर अपडेट और हार्डवेयर बदलाव का प्रभाव भारतीय उड़ान सेवाओं पर भी देखने को मिल सकता है। एयरबस के एक बयान के अनुसार, ए320 एयरक्राफ्ट सौर विकिरण से प्रभावित हो रहे हैं, जिसके कारण उड़ान के दौरान डेटा साझा करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

30 अक्टूबर को जे ब्लू एयरलाइंस की एक फ्लाइट न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुई थी। इस दौरान, सौर विकिरण के कारण विमान का पिच डाउन हो गया, जिससे लगभग 15 लोग घायल हो गए। जांच में पता चला कि यह समस्या एलीवेटर एंड एइलरॉन कंप्यूटर (ईएलएसी) के कारण हुई। ईएलएसी किसी भी फ्लाइट की पिच को नियंत्रित करता है।

जांच के परिणाम सामने आते ही, यूरोपीय यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (ईएएसए) और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने इमरजेंसी एयरवर्थिनेस डायरेक्टिव जारी किया। इसमें सभी विमानों के सॉफ़्टवेयर को अगली उड़ान से पहले अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।

एयरबस के बयान में कहा गया है कि तेज सौर विकिरण ईएलएसी में डेटा में गड़बड़ी कर सकता है, जिससे गलत डेटा उत्पन्न होगा। इसके परिणामस्वरूप उड़ान के दौरान असामान्य व्यवहार हो सकता है। एयरबस ने ऐसे विमानों की पहचान कर ली है और कहा है कि जब तक उनके सॉफ़्टवेयर को अपडेट नहीं किया जाता, तब तक उन्हें उड़ान में इस्तेमाल करना जोखिम भरा होगा।

एविएशन विशेषज्ञ सनत कोल ने कहा कि एयरबस की ओर से सभी एयरलाइंस को सॉफ्टवेयर अपडेट के निर्देश दिए गए हैं। इंडिगो और एयर इंडिया ने भी इस पर काम करने की पुष्टि की है। इसके अलावा, भारत की कई अन्य एयरलाइन कंपनियों को भी इस निर्देश का पालन करना होगा।

कोल ने न्यूज एजेंसी राष्ट्र प्रेस से कहा, "सोलर प्लाज्मा के कारण एयरक्राफ्ट में संरचनात्मक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए सॉफ्टवेयर को तुरंत अपडेट कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है।" इस बीच, विमानन नियामक डीजीसीए ने ए318, ए319, ए320 और ए321 एयरक्राफ्ट के लिए आवश्यक सुरक्षा दिशानिर्देश भी जारी कर दिए हैं। इन दिशानिर्देशों में कहा गया है कि कोई भी एयरक्राफ्ट आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना सेवा में नहीं रहेगा।

Point of View

यह कहना उचित है कि एयरबस का यह सॉफ़्टवेयर अपडेट न केवल विमानन उद्योग के लिए, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि सभी विमान सुरक्षा मानकों का पालन करें।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

एयरबस ए320 सॉफ्टवेयर अपडेट का मुख्य कारण क्या है?
एयरबस ए320 सॉफ़्टवेयर अपडेट का मुख्य कारण सौर विकिरण के प्रभाव से विमान की उड़ान में डेटा साझा करने में कठिनाई है।
इस अपडेट का भारतीय एयरलाइंस पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस अपडेट का असर भारतीय एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया और इंडिगो पर पड़ेगा, क्योंकि उन्हें भी अपने विमानों के सॉफ़्टवेयर को अपडेट करना होगा।
क्या यह सॉफ्टवेयर अपडेट आवश्यक है?
हां, यह सॉफ़्टवेयर अपडेट आवश्यक है ताकि उड़ान के दौरान विमान की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सौर विकिरण के कारण क्या समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं?
सौर विकिरण के कारण ईएलएसी में डेटा में गड़बड़ी हो सकती है, जिससे उड़ान के दौरान असामान्य व्यवहार उत्पन्न हो सकता है।
क्या डीजीसीए ने इस मुद्दे पर कोई दिशा-निर्देश जारी किए हैं?
जी हां, डीजीसीए ने ए318, ए319, ए320 और ए321 एयरक्राफ्ट के लिए आवश्यक सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं।
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