ईरान युद्ध के बावजूद अदाणी टोटल गैस ने सीएनजी और पीएनजी की कीमतें नहीं बढ़ाई
सारांश
Key Takeaways
- अदाणी टोटल गैस ने सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की।
- कंपनी की 70%25 गैस घरेलू स्रोतों से आती है।
- ईरान युद्ध ने गैस आपूर्ति को प्रभावित किया है।
- औद्योगिक उपभोक्ताओं को 40%25 गैस का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।
- कंपनी स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रयासरत है।
अहमदाबाद, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में ईरान युद्ध के कारण गैस आपूर्ति में बाधाएं आने के बावजूद अदाणी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) ने वाहनों के लिए सीएनजी और घरों में पाइप के जरिए मिलने वाली कुकिंग गैस (पीएनजी) की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की है। कंपनी के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
एटीजीएल के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी की लगभग 70 प्रतिशत गैस की आपूर्ति घरेलू स्रोतों से होती है, जिसे वाहनों के लिए रिटेल सीएनजी स्टेशनों और घरों में खाना बनाने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस के रूप में उपलब्ध कराया जाता है। इन दोनों उपभोक्ता श्रेणियों के लिए कीमतें फिलहाल बिना किसी बदलाव के बनी हुई हैं। हालांकि, ईरान युद्ध के चलते आयातित प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में कमी के कारण बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को मिलने वाली गैस में कुछ कटौती की गई है।
एटीजीएल, जो कि अदाणी समूह और फ्रांस की ऊर्जा कंपनी टोटलएनर्जीज का एक संयुक्त उद्यम है, अपनी कुल गैस आवश्यकताओं का लगभग 30 प्रतिशत एलएनजी के रूप में आयात करती है। यह गैस मुख्य रूप से वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए प्रदान की जाती है।
ईरान युद्ध के कारण सप्लाई चेन में आई बाधाओं के चलते इन उपभोक्ताओं को बताया गया है कि वे अपनी कॉन्ट्रैक्ट की गई गैस मात्रा का केवल 40 प्रतिशत ही उपयोग करें।
ईरान युद्ध और उसके प्रभाव से खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में तनाव बढ़ गया है, जिसके चलते हॉर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है, जो अरब सागर तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग है।
इसके अलावा, एलएनजी का बड़ा निर्यातक कतर भी ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर किए गए मिसाइल हमलों के बाद गैस शिपमेंट रोक चुका है।
वैश्विक स्तर पर लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का निर्यात हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर होता है। ऐसे में यदि इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही बाधित होती है तो वैश्विक बाजार में आपूर्ति प्रभावित होगी और कीमतों में तेजी आ सकती है।
एटीजीएल के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी के औद्योगिक ग्राहकों को 40 प्रतिशत तक की खपत पर कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार ही बिल दिया जाएगा। इससे अधिक गैस खरीदने पर उन्हें स्पॉट मार्केट की कीमत चुकानी होगी।
कंपनी का कहना है कि वह मौजूदा आपूर्ति चुनौतियों के बीच भी गैस की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने और सभी उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।