केरल चुनाव नतीजों से पहले विजयन कैबिनेट की अंतिम बैठक: वालपराई पीड़ितों को ₹10 लाख मुआवजा मंजूर
सारांश
Key Takeaways
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 2 मई 2026 को अपने दूसरे कार्यकाल की अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की — यह महज 10 मिनट की ऑनलाइन बैठक थी, जो केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक एक दिन पहले आयोजित हुई। 9 अप्रैल को हुए मतदान के बाद सोमवार को घोषित होने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि विजयन ऐतिहासिक लगातार तीसरी जीत दर्ज करेंगे या कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सत्ता में वापसी करेगा।
वालपराई दुर्घटना पीड़ितों को राहत
इस अंतिम बैठक का सबसे अहम फैसला वालपराई दुर्घटना के पीड़ितों के लिए वित्तीय सहायता से जुड़ा रहा। इस दुर्घटना में मलप्पुरम के पांग सरकारी यूपी स्कूल के शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके परिजनों को ले जा रहा एक वाहन पलट गया था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री राहत कोष से पाँच मृतकों के परिवारों को ₹10 लाख प्रति परिवार मुआवजे को मंजूरी दी। लाभार्थियों में स्कूल बस चालक नौशाद अली, रसोइया साजिदा, रुखिया, शकीला और छात्र मोहम्मद हिशाम के परिजन शामिल हैं।
चिकित्सा खर्च और बीमा से अधिक राशि का प्रावधान
सरकार ने घायलों के इलाज का खर्च उठाने का भी निर्णय लिया। मृत शिक्षक के बेटे मोहम्मद शाहद, एक अन्य शिक्षक की बेटी मसनीन और वाहन चालक मोहम्मद फाहिस के चिकित्सा खर्च सरकार वहन करेगी। गौरतलब है कि अन्य मृत शिक्षक बीमा योजनाओं के अंतर्गत आते थे, और जहाँ बीमा कवरेज से अधिक खर्च होगा, वहाँ अतिरिक्त राशि भी राहत कोष से दी जाएगी।
12वें वेतन आयोग के लिए 14 नए पद
कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में 12वें वेतन आयोग के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए 14 अतिरिक्त पद सृजित करने वाले पूर्व आदेश की औपचारिक पुष्टि की। यह प्रशासनिक कदम आयोग के कामकाज को गति देने के उद्देश्य से उठाया गया।
विजयन ने साथी मंत्रियों को दी शुभकामनाएँ
बैठक के समापन पर पिनाराई विजयन ने अपने साथी मंत्रियों को शुभकामनाएँ दीं। उल्लेखनीय है कि केवल एक मंत्री को छोड़कर कैबिनेट के सभी सदस्य इस बार चुनाव लड़ रहे हैं। विजयन का यह राजनीतिक सफर 2016 में शुरू हुआ था और 2021 में दोबारा जीत के साथ आगे बढ़ा — अब यह एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ सोमवार के नतीजे उनके भविष्य की दिशा तय करेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब केरल में सत्ता-विरोधी लहर और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की उपलब्धियों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। परिणाम चाहे जो भी हो, यह बैठक विजयन के दो कार्यकालों की विदाई का प्रतीक बन गई।