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क्या अमेरिका ने पाक समर्थित 'टीआरएफ' को आतंकी संगठन घोषित किया?

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क्या अमेरिका ने पाक समर्थित 'टीआरएफ' को आतंकी संगठन घोषित किया?

सारांश

अमेरिका ने पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार पाक समर्थित टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित किया है। यह निर्णय ट्रंप की मांग पर लिया गया और इसे भारत की कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। जानें इस फैसले का महत्व और टीआरएफ के आतंकवादी गतिविधियों के बारे में।

मुख्य बातें

अमेरिका ने टीआरएफ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया।
पहलगाम हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी।
यह निर्णय ट्रंप की मांग पर लिया गया।
भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
टीआरएफ हाइब्रिड आतंकवादियों को भर्ती करता है।

न्यूयॉर्क, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका ने पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार पाक समर्थित द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) की सूची में रखा है। यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांग पर लिया गया है। इसे भारत की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार (अमेरिकी समयानुसार) को एक बयान जारी कर इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया। उन्होंने इसे अमेरिकी राष्ट्रपति का पीड़ितों के प्रति न्याय करार दिया।

मार्को रुबियो ने अपने बयान में कहा, 'लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का एक मुखौटा और प्रॉक्सी, टीआरएफ ने 22 अप्रैल, 2025 को भारत के पहलगाम में हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी। यह 2008 में मुंबई हमलों के बाद लश्कर का भारत में नागरिकों पर किया गया सबसे घातक हमला था।'

उन्होंने आगे कहा, 'टीआरएफ ने भारतीय सुरक्षा बलों पर कई हमलों की जिम्मेदारी भी ली है, जिनमें 2024 का हमला भी शामिल है। अमेरिकी सरकार का यह फैसला राष्ट्रपति ट्रंप के पहलगाम हमले के प्रति न्याय का आह्वान है। यह कार्रवाई हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रति ट्रंप प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।'

विदेश मंत्रालय के अनुसार, हमले की कड़ी निंदा करने वाले ट्रंप ने टीआरएफ हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया था और 'इस जघन्य हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए भारत के प्रति पूर्ण समर्थन' व्यक्त किया था।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रुबियो के साथ अपनी बैठकों और पिछले महीने वाशिंगटन में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में टीआरएफ हमले का मुद्दा उठाया था।

कांग्रेस पार्टी के नेता शशि थरूर के नेतृत्व में एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने पिछले महीने अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों और अधिकारियों से मुलाकात की थी और उन्हें टीआरएफ की भूमिका से अवगत कराया था।

टीआरएफ एक आतंकी संगठन है जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है। यह ऐसे लोगों को भर्ती करता है जो आम से नागरिक लगते हैं, लेकिन गुप्त तरीके से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होते हैं। इन्हें हाइब्रिड आतंकवादी कहा जाता है। भारत सरकार ने 5 जनवरी, 2023 को टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

आतंकवाद के खिलाफ एक ठोस कदम है। यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दा है और सभी देशों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने टीआरएफ को क्यों आतंकवादी संगठन घोषित किया?
अमेरिका ने टीआरएफ को पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार मानते हुए आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
पहलगाम हमला कब हुआ था?
पहलगाम हमला 22 अप्रैल, 2025 को हुआ था, जिसमें 26 नागरिकों की मृत्यु हुई थी।
अमेरिका का इस निर्णय पर क्या कहना है?
अमेरिका ने इसे पीड़ितों के प्रति न्याय का प्रतीक माना है।
भारत सरकार ने टीआरएफ को कब घोषित किया था?
भारत सरकार ने 5 जनवरी, 2023 को टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित किया था।
राष्ट्र प्रेस
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