क्या अमेरिकी दूतावास ने भारतीय छात्रों को चेतावनी दी है कि 'नियमों का उल्लंघन करने पर उन्हें देश से निकाला जा सकता है'?
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिकी दूतावास ने भारतीय छात्रों को चेतावनी दी है।
- नियमों का उल्लंघन करने पर वीजा रद्द किया जा सकता है।
- अवधि में 6000 विदेशी छात्रों का वीजा रद्द हुआ।
- अवधि में अवधि और कानूनों का पालन जरूरी है।
- भारत का नाम प्रवासी देशों की सूची में नहीं है।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका में भारतीय छात्रों की चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं। भारतीय दूतावास ने भारतीय छात्रों के लिए चेतावनी जारी की है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्रों ने नियमों का उल्लंघन किया, तो उन्हें देश से निकाला जा सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारतीय दूतावास ने कहा, "अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने पर आपके स्टूडेंट वीजा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। यदि आपको गिरफ्तार किया जाता है या आप कोई कानून तोड़ते हैं, तो आपका वीजा रद्द किया जा सकता है, आपको डिपोर्ट किया जा सकता है, और आप भविष्य में अमेरिकी वीजा के लिए अयोग्य हो सकते हैं। नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को जोखिम में न डालें। अमेरिकी वीजा एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं।
यह चेतावनी तब आई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले वर्ष 2025 में अमेरिकी वीजा नियमों और प्रवासी नियमों में बड़े बदलाव किए हैं।
अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर अवैध प्रवासियों के विषय में भी चेतावनी जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि अवैध प्रवासी हिंसक कार्टेल, मानव तस्करों और भ्रष्ट अधिकारियों के शिकार बनते हैं। अवैध प्रवासियों का शोषण किया जाता है, जिससे उनका सफर बेकार साबित होता है।
पिछले वर्ष 30 दिसंबर को भी अमेरिकी दूतावास ने कानून तोड़ने और आपराधिक सजा के विषय में कहा था कि यदि आप अमेरिका में कानून तोड़ते हैं, तो आपको भारी सजा दी जाएगी। ट्रंप सरकार अवैध प्रवास को समाप्त करने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
रिपोर्टों के अनुसार, 2025 में अमेरिका में पढ़ाई कर रहे लगभग 6000 विदेशी छात्रों का वीजा रद्द किया गया है, जिसमें कई भारतीय छात्र भी शामिल हैं। अमेरिका में करीब तीन लाख विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
हाल ही में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लाभ लेने वाले प्रवासी देशों की एक सूची जारी की थी, जिसमें भारत का नाम शामिल नहीं था। यह अमेरिका के बड़े प्रवासी माहौल में भारतीय प्रवासियों की खास आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
ये आंकड़े दो टेबल में प्रदर्शित किए गए हैं, जो अमेरिका में सरकारी सहायता प्राप्त प्रवासी परिवारों का हिस्सा दिखाते हैं। यह दर 80 फीसदी से ज्यादा से लेकर 40 फीसदी से थोड़ा कम तक है।
इस सूची में भूटान सबसे ऊपर है, जहाँ भूटानी प्रवासियों की अमेरिकी सरकार से मदद लेने की दर 81.4 फीसदी है। इसके बाद यमन 75.2 फीसदी, सोमालिया 71.9 फीसदी और मार्शल आइलैंड्स 71.4 फीसदी हैं।
दूसरे पृष्ठ पर ऐसे देशों को शामिल किया गया है जिनमें कल्याणकारी भागीदारी कम है, लेकिन फिर भी उल्लेखनीय है। आइवरी कोस्ट इस सूची में 49.1 फीसदी के साथ सबसे आगे है।