क्या मादुरों की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी सेना ने टैंकरों पर कब्जा किया?

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क्या मादुरों की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी सेना ने टैंकरों पर कब्जा किया?

सारांश

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका ने ब्रिटेन के सहयोग से अटलांटिक महासागर में रूसी टैंकर पर कब्जा कर लिया है। यह घटना अमेरिका और रूस के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है। जानें इस घटनाक्रम के सभी पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • अमेरिका ने रूसी टैंकर पर कब्जा किया है।
  • यह घटना अमेरिका और रूस के बीच तनाव को बढ़ा सकती है।
  • वेनेजुएला पर अमेरिका का दबाव बढ़ रहा है।
  • ब्रिटेन ने अमेरिका की मदद की है।
  • अमेरिका के दक्षिण कमांड ने इस क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाली है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, अमेरिका ने ब्रिटेन की मदद से अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले तेल टैंकर 'मारिनेरा' पर बलात्कारी कब्जा कर लिया है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसने मारिनेरा पर कब्जा करने में अमेरिका की सहायता की।

अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद, रूस नाराज हो गया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि एक बार फिर युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा, अमेरिकी सेना ने एक और टैंकर पर कैरेबियन सागर में कब्जा किया।

दोनों टैंकरों पर अलग-अलग ऑपरेशन के तहत कब्जा किया गया। अमेरिकी सेना ने पहले बताया था कि वेनेजुएला से जुड़े एक प्रतिबंधित तेल टैंकर पर कई हफ्तों तक पीछा करने के बाद, उन्होंने नॉर्थ अटलांटिक में कब्जा कर लिया।

यूरोपीय कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, "यूएससीजीसी मुनरो द्वारा ट्रैक किए जाने के बाद अमेरिकी फेडरल कोर्ट द्वारा जारी वारंट के अनुसार जहाज को नॉर्थ अटलांटिक में जब्त किया गया था।"

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, रूस ने उस खाली तेल टैंकर को एस्कॉर्ट करने के लिए एक सबमरीन भेजी थी, जिसे अमेरिकी सेना हफ्तों से पीछा कर रही थी।

अमेरिकी सेना जिस तेल टैंकर का पीछा कर रही थी, उसे पहले बेला-1 के नाम से जाना जाता था। अमेरिका पिछले महीने से ही बेला-1 का पीछा कर रहा था, हालांकि पहले वह अमेरिकी सेना की नाकाबंदी से बच निकला था। उसके बाद, उसने अमेरिकी कोस्ट गार्ड द्वारा उस पर कब्जा करने की कोशिश को विफल कर दिया था। अंततः, हफ्तों के पीछा करने के बाद, अमेरिका ने इस तेल टैंकर पर कब्जा कर लिया।

इससे अमेरिका और रूस के बीच तनाव बढ़ गया है, और वेनेजुएला पर भी और दबाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, पुराने और जंग लगे टैंकर बेला-1 पर 2024 में अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया था। यह प्रतिबंध गैरकानूनी ईरानी तेल ले जाने वाले टैंकरों के एक शैडो फ्लीट के संदर्भ में था।

एनालिटिक्स फर्म केप्लर के अनुसार, जिस समय बेला-1 को कब्जे में लिया गया, उस समय उसमें कोई तेल नहीं था। इसके अलावा, अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में एक प्रतिबंधित टैंकर जहाज को जब्त करने का ऐलान किया।

अमेरिका के दक्षिण कमांड के पास इस क्षेत्र की जिम्मेदारी है। सदर्न कमांड ने टैंकर को कब्जे में लेने की जानकारी देते हुए कहा, "अमेरिका के लोगों ने बिना किसी घटना के एक प्रतिबंधित डार्क फ्लीट मोटर टैंकर को पकड़ लिया। पकड़ा गया जहाज एम/टी सोफिया पानी में चल रहा था और कैरेबियन सागर में गैरकानूनी गतिविधियों में संलग्न था।"

Point of View

और यह वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष इस मामले को बातचीत के माध्यम से सुलझाएंगे।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

मादुरो की गिरफ्तारी का कारण क्या था?
मादुरो की गिरफ्तारी का कारण उनके द्वारा किए गए कई विवादास्पद निर्णय और राजनीतिक संकट हैं।
अमेरिका का इस टैंकर पर कब्जा करने का क्या उद्देश्य था?
अमेरिका का उद्देश्य वेनेजुएला से जुड़े प्रतिबंधित तेल टैंकरों को रोकना और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन कराना था।
रूस ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
रूस ने अमेरिका की इस कार्रवाई को निंदनीय बताया है और तनाव बढ़ने की चेतावनी दी है।
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