क्या मुंबई में भाजपा ने बीएमसी चुनाव से पहले 26 कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए निष्कासित किया?
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी की मुंबई शाखा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते एक महत्वपूर्ण और कठोर कदम उठाया है। भाजपा के मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने अनुशासनहीनता के आरोप में 26 कार्यकर्ताओं को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया है।
यह कार्रवाई बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव 2026 के संदर्भ में संगठन की मजबूती और अनुशासन बनाए रखने के लिए की गई है।
अमित साटम द्वारा जारी किए गए आदेश में उल्लेख किया गया है कि संबंधित कार्यकर्ताओं को कई बार समझाया गया था, लेकिन उन्होंने महायुति के अधिकृत उम्मीदवारों को सहयोग नहीं दिया। पार्टी नेतृत्व के अनुसार, यह आचरण पार्टी की नीति, अनुशासन और चुनावी रणनीति के विपरीत है। इसी कारण से यह कार्रवाई की गई।
अमित साटम ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि आगामी बीएमसी चुनाव भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और ऐसे समय में किसी भी प्रकार की गुटबाजी, अनुशासनहीनता या पार्टी विरोधी गतिविधियों को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी हित सर्वोपरि है, और जो भी कार्यकर्ता पार्टी की लाइन के खिलाफ कार्य करेगा, उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
निष्कासित कार्यकर्ताओं में आसावरी पाटील, प्रवीण मरगज, मुक्ता महेश पटेल, संगीता खुटवड, सुचित्रा नाईक, प्रशांत ठाकुर, जयमुरगन नाडार, धनश्री अजय बागल, दिवेश यादव, विनित सिंह, अयोध्या पाठक, सरबतजीत सिंह संधू, सुचित्रा संदीप जाधव, अमित शेलार, कॅप्टन राकेश कोहेलो, शोभा सागावकर, दिव्या ढोले, मोहन अम्बेकर, उर्मिला गुप्ता, सुशील सिंह, सुषमा देशमुख, नेहल शहा, स्नेहाली वाडेकर, सिद्धदेश कोयंडे, प्रिया प्रवीण मरगज और जान्हवी राणे शामिल हैं।
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच यह स्पष्ट संदेश देने के लिए लिया गया है कि भाजपा में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है। इस कार्रवाई के बाद मुंबई भाजपा संगठन में हलचल तेज हो गई है और आगामी चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति और अधिक आक्रामक होने के संकेत मिल रहे हैं।
अंबरनाथ नगर पालिका में बुधवार देर रात कांग्रेस के 12 नगरसेवकों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। यह सामूहिक पार्टी प्रवेश कार्यक्रम नवी मुंबई में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस घटनाक्रम को अंबरनाथ की स्थानीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे भाजपा की स्थिति काफी मजबूत हुई है।