पाकिस्तान: एमनेस्टी इंटरनेशनल ने हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन की तत्काल रिहाई की मांग की

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पाकिस्तान: एमनेस्टी इंटरनेशनल ने हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन की तत्काल रिहाई की मांग की

सारांश

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान में PTM कार्यकर्ताओं हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन की तत्काल रिहाई की माँग की है, जो कथित तौर पर 12 नवंबर 2025 से हिरासत में हैं। पाँच साथियों की जनवरी 2026 में रिहाई के बावजूद दोनों का कोई अता-पता नहीं — एक ऐसा मामला जो पाकिस्तान में पश्तून कार्यकर्ताओं पर व्यापक दमन की तस्वीर पेश करता है।

Key Takeaways

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 30 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान से हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन की तत्काल रिहाई की माँग की। दोनों कार्यकर्ता पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) से जुड़े हैं और 12 नवंबर 2025 को पेशावर में प्रांतीय विधानसभा परिसर के बाहर पुलिस हिरासत में लिए गए थे। सात सदस्यीय दल में से पाँच को 18 जनवरी 2026 को अटक जेल से रिहा किया गया, लेकिन दोनों कार्यकर्ता अब भी लापता हैं। एमनेस्टी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जबरन हिरासत और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताया। संगठन ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी को पत्र लिखकर ठिकाने का खुलासा और पारदर्शी जाँच की माँग की।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 30 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान सरकार से दो पश्तून मानवाधिकार कार्यकर्ताओं — हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन — की तत्काल रिहाई की माँग की है। दोनों कार्यकर्ता पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) से जुड़े हैं और कथित तौर पर 12 नवंबर 2025 से पाकिस्तानी अधिकारियों की हिरासत में हैं। संगठन ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन करार दिया है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, दोनों कार्यकर्ता खैबर पख्तूनख्वा सरकार द्वारा बुलाई गई प्रांतीय विधानसभा की एक बैठक में समुदाय के प्रतिनिधियों के रूप में शामिल हुए थे। जब उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया, तो उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया और परिसर से बाहर निकल गए।

चश्मदीदों के हवाले से संगठन ने बताया कि पेशावर के सिटी पुलिस अधिकारी उस समय मौके पर मौजूद थे और उन्होंने सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को पुलिस वाहनों में ले जाने का निर्देश दिया। इस सात सदस्यीय दल में हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन भी शामिल थे।

पाँच की रिहाई, दो अब भी लापता

18 जनवरी 2026 को इस दल के पाँच सदस्यों को पंजाब प्रांत की अटक जेल से रिहा कर दिया गया। हालाँकि, हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन के बारे में अब तक कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। एमनेस्टी ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी को लिखे एक पत्र में दोनों के ठिकाने का खुलासा करने और उनकी जानकारी परिजनों को उपलब्ध कराने की माँग की है।

अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि दोनों कार्यकर्ताओं को

Point of View

बल्कि अपनी लोकतांत्रिक साख का भी सवाल है — खासकर तब, जब वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सामान्यीकरण की कोशिश कर रहा है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन कौन हैं?
हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन पाकिस्तान में पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) से जुड़े मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। PTM पाकिस्तान के पश्तून समुदाय के अधिकारों के लिए काम करने वाला एक प्रमुख सामाजिक आंदोलन है।
दोनों कार्यकर्ताओं को कब और कहाँ हिरासत में लिया गया था?
एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, दोनों को 12 नवंबर 2025 को पेशावर में प्रांतीय विधानसभा परिसर से बाहर निकलते समय पुलिस हिरासत में लिया गया था। उनके साथ पाँच अन्य PTM प्रतिनिधि भी थे, जिन्हें बाद में 18 जनवरी 2026 को अटक जेल से रिहा किया गया।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान से क्या माँगें की हैं?
एमनेस्टी ने पाकिस्तान सरकार से तीन माँगें रखी हैं — दोनों कार्यकर्ताओं के ठिकाने का तत्काल खुलासा, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत पेश करना, और सभी आरोपों की पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करना। यह माँग खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी को लिखे पत्र के जरिए की गई है।
इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन क्यों माना जा रहा है?
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे 'जबरन हिरासत' करार दिया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक गंभीर उल्लंघन है। महीनों तक परिजनों को कोई जानकारी न देना और ठिकाने का खुलासा न करना इसे जबरन गायब किए जाने की श्रेणी में रखता है, जिससे दुर्व्यवहार और यातना की आशंका भी बढ़ जाती है।
पाकिस्तान में PTM कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई का यह पहला मामला है?
नहीं, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने स्पष्ट किया है कि यह कोई अलग घटना नहीं है। संगठन के अनुसार, पाकिस्तान में PTM कार्यकर्ताओं के खिलाफ मनमानी गिरफ्तारी, उत्पीड़न, धमकी और जबरन गायब किए जाने की व्यापक कार्रवाई चल रही है।
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