पाकिस्तान: एमनेस्टी इंटरनेशनल ने हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन की तत्काल रिहाई की मांग की
सारांश
Key Takeaways
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 30 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान सरकार से दो पश्तून मानवाधिकार कार्यकर्ताओं — हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन — की तत्काल रिहाई की माँग की है। दोनों कार्यकर्ता पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) से जुड़े हैं और कथित तौर पर 12 नवंबर 2025 से पाकिस्तानी अधिकारियों की हिरासत में हैं। संगठन ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन करार दिया है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, दोनों कार्यकर्ता खैबर पख्तूनख्वा सरकार द्वारा बुलाई गई प्रांतीय विधानसभा की एक बैठक में समुदाय के प्रतिनिधियों के रूप में शामिल हुए थे। जब उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया, तो उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया और परिसर से बाहर निकल गए।
चश्मदीदों के हवाले से संगठन ने बताया कि पेशावर के सिटी पुलिस अधिकारी उस समय मौके पर मौजूद थे और उन्होंने सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को पुलिस वाहनों में ले जाने का निर्देश दिया। इस सात सदस्यीय दल में हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन भी शामिल थे।
पाँच की रिहाई, दो अब भी लापता
18 जनवरी 2026 को इस दल के पाँच सदस्यों को पंजाब प्रांत की अटक जेल से रिहा कर दिया गया। हालाँकि, हनिफ पश्तीन और नूरुल्लाह तारीन के बारे में अब तक कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। एमनेस्टी ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी को लिखे एक पत्र में दोनों के ठिकाने का खुलासा करने और उनकी जानकारी परिजनों को उपलब्ध कराने की माँग की है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि दोनों कार्यकर्ताओं को