बलूचिस्तान में BRG का दावा: सिबी में 6 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी ढेर, चागाई में पुलिस थाना उड़ाया
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने 16 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि उसके लड़ाकों ने सिबी जिले के मिथरी इलाके में राजमार्ग नाकाबंदी के दौरान छह पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को मार डाला और कई अन्य को घायल किया। स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, इसी दौरान चागाई जिले के यक्मच में एक पुलिस थाने को विस्फोटकों से पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
BRG के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने अपने बयान में कहा कि संगठन के लड़ाकों ने गुरुवार को सिबी जिले के मिथरी इलाके में मुख्य राजमार्ग को अवरुद्ध कर वहाँ से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी ली। द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, जब पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक मुठभेड़ हुई, जिसमें कथित तौर पर छह सुरक्षाकर्मी मौके पर ही मारे गए।
मुठभेड़ के बाद BRG के लड़ाकों ने पास की एक पुलिस चौकी पर नियंत्रण कर लिया। पुलिसकर्मियों के वहाँ से चले जाने के बाद लड़ाकों ने चौकी से उपकरण और मोटरसाइकिलें जब्त कीं और इमारत में आग लगा दी। BRG ने यह भी दोहराया कि बलूचिस्तान को पूरी स्वतंत्रता मिलने तक इस तरह के सशस्त्र अभियान जारी रहेंगे।
चागाई में पुलिस थाना विस्फोट से उड़ाया
इसी दिन चागाई जिले के यक्मच में गुरुवार तड़के हथियारबंद लोगों ने यक्मच पुलिस थाने पर कब्जा कर लिया और बड़ी मात्रा में विस्फोटक रखकर इमारत को पूरी तरह नष्ट कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हमलावरों ने यक्मच बाजार में लगे कई सुरक्षा कैमरों पर भी गोलीबारी कर उन्हें क्षतिग्रस्त किया। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है।
पृष्ठभूमि: बढ़ती हिंसा की श्रृंखला
यह घटनाएँ बलूचिस्तान में हाल के हफ्तों में तेज हुई हिंसा की एक कड़ी हैं। 5 अक्टूबर 2026 को हथियारबंद लड़ाकों ने क्वेटा-तफ्तान राजमार्ग को अवरुद्ध करने के बाद राष्ट्रीय डेटाबेस एवं पंजीकरण प्राधिकरण (नाड्रा) के एक कार्यालय में आग लगाई थी, जिसकी जिम्मेदारी बाद में बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने ली थी।
इसी सप्ताह की शुरुआत में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने भी 7 से 12 अक्टूबर के बीच बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में 16 हमले करने का दावा किया था। BLA के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि इन अभियानों में सैन्य काफिलों को निशाना बनाना, आईईडी का इस्तेमाल, स्नाइपर हमले, राजमार्गों की नाकाबंदी और पाकिस्तानी सेना के लिए काम करने का आरोप लगाए गए लोगों पर हमले शामिल थे। संगठन के अनुसार, इन हमलों में दर्जनों पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई घायल हुए।
सरकार की प्रतिक्रिया और सत्यापन की स्थिति
गौरतलब है कि इन सभी हमलों में हताहतों की संख्या अभी तक पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं की गई है। ये दावे सशस्त्र संगठनों की ओर से जारी बयानों पर आधारित हैं। बलूचिस्तान पुलिस और पाकिस्तानी सेना की आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।
क्या होगा आगे
बलूचिस्तान में जारी अस्थिरता पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक दीर्घकालिक चुनौती बनी हुई है। यह हमले ऐसे समय में हुए हैं जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट और खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती अशांति से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ कई सशस्त्र संगठनों — BRG, BLA और BLF — की सक्रियता इस बात का संकेत है कि बलूच सशस्त्र आंदोलन कथित तौर पर अधिक समन्वित और आक्रामक हो रहा है।