क्या बलूचिस्तान में पाक समर्थित डेथ स्क्वाड का आतंक बढ़ रहा है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बलूचिस्तान में पाक समर्थित डेथ स्क्वाड का आतंक बढ़ रहा है?

सारांश

बलूचिस्तान में पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वाड की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, जिससे वहां के युवाओं के लिए सुरक्षा का खतरा उत्पन्न हो रहा है। यह मामला मानवाधिकार संगठनों की चिंता को और बढ़ाता है। क्या बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का उल्लंघन बढ़ रहा है?

मुख्य बातें

बलूचिस्तान में पाक समर्थित डेथ स्क्वाड की बढ़ती गतिविधियाँ मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में वृद्धि युवाओं का अपहरण और हत्या बीवाईसी की चिंताएँ और मांगें सरकार की प्रतिक्रिया में कमी

क्वेटा, 23 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान और बलूचिस्तान के बीच का तनाव अब भी जारी है। इस संदर्भ में, एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने बताया है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वाड ने कम से कम दो बलूच युवकों की हत्या कर दी है।

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं। इस बीच, अत्याचार का एक नया मामला सामने आया है। इस क्षेत्र में हत्या, जबरन गुमशुदगी और यातनाओं के मामलों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

मानवाधिकार संस्था बलूच यकजेहती समिति (बीवाईसी) ने कहा कि पंजगुर जिले के पारूम क्षेत्र के रहने वाले 20 वर्षीय मजदूर जहूर बलूच का 20 अक्टूबर की तड़के अपहरण कर लिया गया था।

गवाहों के अनुसार, अपहरणकर्ता एक वाहन में आए और जहूर को उसके घर से ले गए। अगली सुबह उसका क्षत-विक्षत शव मिला, जिससे उसकी हत्या की पुष्टि हुई।

बीवाईसी ने कहा, "यह दुखद घटना अकेली नहीं है, बल्कि बलूच आबादी को निशाना बनाकर जबरन गायब करने और हत्याओं के संगठित अभियान का एक हिस्सा है। जहूर की मौत बलूचिस्तान में जारी भय के माहौल को दर्शाती है, जहां युवाओं का नियमित रूप से अपहरण किया जाता है और हत्या की जाती है।"

एक और भयावह घटना का उल्लेख करते हुए, बीवाईसी ने कहा कि 20 अक्टूबर को एक बलूच नागरिक, फकीर जान, का प्रताड़ित और गोलियों से छलनी शव एक खुले मैदान में पाया गया। इससे बलूचिस्तान में एक हत्या का पर्दाफाश हुआ।

मानवाधिकार संस्था के अनुसार, फकीर का 18 अक्टूबर की रात पंजगुर के ग्वाश क्षेत्र में राज्य समर्थित दस्ते ने अपहरण कर लिया था।

बीवाईसी ने जोर देकर कहा, "इन गंभीर उल्लंघनों के बावजूद मानवाधिकार संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की निरंतर चुप्पी बेहद परेशान करती है। हम इन गैरकानूनी हत्याओं और बलूचिस्तान में जारी अत्याचारों के लिए जिम्मेदार लोगों की स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की तत्काल मांग करते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

हम अपने देश के नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील हैं। बलूचिस्तान में हो रहे अत्याचारों की कड़ी निंदा करते हैं और सरकार से अपील करते हैं कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है?
जी हाँ, बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का उल्लंघन लगातार बढ़ रहा है, जिसमें अपहरण और हत्या के मामले शामिल हैं।
पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वाड का क्या मतलब है?
यह एक ऐसा समूह है जो पाकिस्तान के समर्थन से बलूच युवाओं का अपहरण और हत्या करता है।
मानवाधिकार संगठन इस पर क्या कर रहे हैं?
मानवाधिकार संगठन इन घटनाओं की निंदा कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
क्या सरकार इस पर ध्यान दे रही है?
सरकार की प्रतिक्रिया अभी तक संतोषजनक नहीं रही है, और मानवाधिकार संगठनों की चिंताएँ बढ़ रही हैं।
क्या बलूचिस्तान में स्थिति सुधारने के लिए कुछ किया जा रहा है?
अभी तक, स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, जो अभी तक दिखाई नहीं दे रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले