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क्या बलूचिस्तान में बढ़ते अपराध और पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों के खिलाफ लोगों ने विशाल प्रदर्शन किया?

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क्या बलूचिस्तान में बढ़ते अपराध और पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों के खिलाफ लोगों ने विशाल प्रदर्शन किया?

सारांश

बलूचिस्तान के केच जिले में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन, यह दर्शाता है कि वहां की जनता अब और सहन नहीं कर सकती। जानें इस मुद्दे की पूरी कहानी और क्या हैं इसके पीछे की वजहें।

मुख्य बातें

बढ़ते अपराध के खिलाफ जनता का गुस्सा राज्य की जिम्मेदारी की मांग सुरक्षा की गारंटी की आवश्यकता राजनीतिक सक्रियता का बढ़ता उदाहरण सामाजिक संगठनों का समर्थन

क्वेटा, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के केच जिले में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के खिलाफ तुर्बत शहर में बड़ी संख्या में लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस प्रदर्शन में सैकड़ों पुरुषों और महिलाओं ने हिस्सा लिया।

यह विरोध रैली ‘ऑल पार्टीज केच’, व्यापारियों के संगठन, डॉक्टरों की एसोसिएशन और विभिन्न नागरिक समाज संगठनों के संयुक्त आह्वान पर आयोजित की गई। सोमवार को आयोजित रैली अप्सर बाजार से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरती हुई शहीद फिदा चौक पहुंची, जहां यह एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गई। यह जानकारी द बलूचिस्तान पोस्ट ने दी।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल पार्टी के नेता अब्दुल मलिक बलोच ने कहा कि केच जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अपहृत युवाओं हसीब हाजी यासीन और शाह नवाज गुल जान की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करना राज्य संस्थानों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने प्रशासन से अपनी जिम्मेदारियां निभाने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। मलिक बलोच ने कहा कि प्रभावित परिवारों और राजनीतिक नेताओं ने पिछले एक महीने से सभी संबंधित संस्थानों से संपर्क किया, लेकिन हर संस्था जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालती रही।

ऑल पार्टीज केच के संयोजक नवाब खान शंबीजई ने फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं को बेहद चिंताजनक बताया और चेतावनी दी कि यदि हसीब यासीन और शाह नवाज गुल जान को जल्द बरामद नहीं किया गया, तो 7 जनवरी को पूर्ण शटरडाउन हड़ताल की जाएगी।

केच बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट सैयद मजीद शाह ने क्षेत्र में हो रही अपहरण की घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि विरोध स्वरूप बार एसोसिएशन ने अदालत की कार्यवाही का बहिष्कार किया। पूर्व सीनेटर इस्माइल बुलेदी ने कहा कि केच और पूरे मकरान क्षेत्र के लोग असुरक्षा की भावना से जूझ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कारोबार ठप हो रहे हैं, आजीविका के साधन खत्म होते जा रहे हैं और लोगों से जीवन के मूल अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों और आम नागरिकों को सुरक्षा देने और फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की।

प्रदर्शन को बीएनपी अवामी के केंद्रीय उपाध्यक्ष ज़रीफ ज़दाग, बीएनपी नेता गफूर बलोच, जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम केच के नेता मौलाना अब्दुल हफीज़ मेंगल समेत कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।

इसी बीच, सोमवार को बलूचिस्तान के पंजगुर जिले में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।

पंजगुर के सहायक आयुक्त आमिर जान ने बताया कि आईईडी एक मोटरसाइकिल में लगाया गया था, जिसमें घायल हुए लोगों में से तीन की हालत गंभीर है। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन के अनुसार, हमले का संभावित निशाना फ्रंटियर कोर का वाहन था, जो इस विस्फोट से बच गया और सभी सुरक्षाकर्मी सुरक्षित हैं।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट रिमोट कंट्रोल के जरिए किया गया प्रतीत होता है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिस मोटरसाइकिल में आईईडी लगाया गया था, उसे मुख्य बाजार में एक ठेले के पास खड़ा किया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। सरकार को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में प्रदर्शन का कारण क्या है?
प्रदर्शन का कारण बलूचिस्तान में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति है।
प्रदर्शन में कितने लोग शामिल हुए?
प्रदर्शन में सैकड़ों पुरुषों और महिलाओं ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन कब आयोजित किया गया?
प्रदर्शन 6 जनवरी को आयोजित किया गया।
प्रदर्शन के प्रमुख नेता कौन थे?
प्रदर्शन का नेतृत्व बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल मलिक बलोच ने किया।
क्या प्रदर्शन के दौरान कोई हिंसा हुई?
प्रदर्शन में कोई हिंसा की सूचना नहीं है, लेकिन पंजगुर जिले में एक आईईडी विस्फोट हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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