क्या पाकिस्तान के बलूचिस्तान में फिर से रेलवे ट्रैक पर धमाका हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- धमाका बलूचिस्तान में हुआ।
- कोई जनहानि नहीं हुई।
- पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
- ट्रैक की मरम्मत चल रही है।
- पिछले महीने भी विस्फोट हुआ था।
क्वेटा, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बुधवार को एक बार फिर से रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया गया। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नसीराबाद जिले के नोतल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट अज्ञात हमलावरों ने विस्फोटक सामग्री का उपयोग कर रेलवे ट्रैक पर धमाका किया।
यह विस्फोट उस समय हुआ, जब उस मार्ग से कोई ट्रेन नहीं गुजर रही थी। धमाके के परिणामस्वरूप रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इस मामले की जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए, इलाके को घेर लिया गया और हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने के कारण कुछ समय के लिए रेल यातायात को रोक दिया गया। रेलवे अधिकारी प्रभावित हिस्से की मरम्मत में लगे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले महीने भी बलूचिस्तान में डेरा मुराद जमाली के पास रेलवे ट्रैक पर लगाए गए बम के फटने से ट्रैक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जबकि पुलिस ने एक अन्य विस्फोटक को निष्क्रिय किया था। पुलिस के अनुसार, नसीराबाद के नोतल इलाके में मुख्य रेलवे ट्रैक पर एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लगाया गया था, जो पेशावर से क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस के मौके पर पहुंचने से पहले ही फट गया। डॉन अखबार ने इस जानकारी की पुष्टि की थी।
इससे पहले, नवंबर में बलूचिस्तान के बोलान दर्रा क्षेत्र में जाफर एक्सप्रेस पर हमला हुआ था। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, क्वेटा से पेशावर जा रही इस ट्रेन पर आब-ए-गुम के निकट सशस्त्र लोगों ने फायरिंग की थी। ट्रेन में सवार रेलवे पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद हमलावर भाग गए। इस घटना में भी किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली थी।
अक्टूबर में सिंध के शिकारपुर जिले में क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाकर किए गए धमाके में कम से कम सात लोग घायल हो गए थे। शिकारपुर के डिप्टी कमिश्नर शकील अब्रो ने बताया था कि सुल्तान कोट रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ था।
इसके अलावा, पिछले साल मार्च में क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस को बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की मजीद ब्रिगेड ने हाईजैक कर लिया था। 11 मार्च 2025 को बोलान दर्रे के धबर इलाके में ट्रैक उड़ाकर ट्रेन को रोका गया था, जिसमें 400 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया गया था। यह गतिरोध 24 घंटे से अधिक समय तक चला था। बीएलए ने दावा किया था कि उसने पहचान पत्रों की जांच के बाद कम से कम 20 सुरक्षा कर्मियों की हत्या की थी।