बलूचिस्तान में मोर्टार हमले से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत

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बलूचिस्तान में मोर्टार हमले से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत

सारांश

बलूचिस्तान में एक दिल दहला देने वाली घटना में, पाकिस्तानी बलों की मोर्टार फायरिंग से एक ही परिवार के तीन सदस्य मारे गए। यह घटना 31 मार्च को अवारान जिले में हुई। मानवाधिकार संगठन ने इसकी कड़ी निंदा की है और जांच की मांग की है।

Key Takeaways

  • 31 मार्च
  • एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हुई।
  • मृतकों में 60 वर्षीय मोहम्मद उमर, 57 वर्षीय फैजा और उनकी पुत्री शामिल हैं।
  • बलूच वॉयस फॉर जस्टिस ने घटना की निंदा की और जांच की मांग की।
  • यह घटना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन दर्शाती है।

क्वेटा, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों द्वारा की गई मोर्टार फायरिंग में एक बच्चे समेत बलूच परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ‘पांक’ के अनुसार यह दुःखद घटना 31 मार्च को शाम के समय अवारान जिले के बुंगुल बाजार क्षेत्र में हुई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बलूच सशस्त्र समूहों द्वारा पास के एक सैन्य शिविर पर हमले के बाद, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने नागरिकों के निकट भारी हथियारों का उपयोग किया, जिसमें मोर्टार शेलिंग भी शामिल थी।

एक मोर्टार शेल बुंगुल बाजार में एक आवासीय घर पर गिरा, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों की पहचान 60 वर्षीय मोहम्मद उमर, 57 वर्षीय फैजा और उनकी पुत्री महजैब बलूच (जो कि पांचवीं कक्षा की छात्रा हैं) के रूप में हुई है।

इस घटना की निंदा करते हुए, बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने कहा कि “यह घटना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन दर्शाती है, विशेष रूप से भेदभाव और अनुपात के सिद्धांतों का। यह सभी पक्षों को आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाध्य करती है। नागरिक क्षेत्रों में अप्रत्यक्ष फायरिंग का उपयोग गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है और इसकी सख्त जांच की आवश्यकता है।”

संगठन ने इस घटना की तुरंत, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की और कहा कि दोषियों को कानूनी ढांचे के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

इस बीच, पांक ने पाकिस्तानी सेना की ओर से चार आम लोगों की गैर-न्यायिक हत्याओं और तीन अन्य लोगों के जबरदस्ती गायब होने पर जोर दिया।

संगठन के अनुसार, 18 वर्षीय छात्र गुलाम कादिर और दो अन्य व्यक्तियों के शव बलूचिस्तान के ग्वादर जिले में तटीय पल्लेरी लिंक रोड पर पाए गए।

पांक ने कहा, “इन परिस्थितियों से यह स्पष्ट होता है कि यह न्यायेतर हत्या का मामला है। एक साथ कई शवों का मिलना संगठित हिंसा और लक्षित हमलों की आशंका को बढ़ाता है।”

संगठन ने 28 मार्च को पंजगुर जिले के दुजाप क्षेत्र के निवासी फराज बलूच की कथित हत्या की भी कड़ी निंदा की, जिसे पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड्स द्वारा अंजाम दिया गया।

Point of View

NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

यह घटना कब हुई?
यह घटना 31 मार्च को हुई थी।
मृतकों की पहचान क्या है?
मृतकों में 60 वर्षीय मोहम्मद उमर, 57 वर्षीय फैजा और उनकी पांचवीं कक्षा की छात्रा पुत्री महजैब बलूच शामिल हैं।
कौन सा संगठन इस घटना की निंदा कर रहा है?
बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) इस घटना की निंदा कर रहा है।
क्या इस घटना की जांच की जा रही है?
हां, संगठन ने इस घटना की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की है।
क्या ऐसे मामले मानवाधिकार का उल्लंघन हैं?
हाँ, यह घटना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन दर्शाती है।
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