बांग्लादेश PM तारिक रहमान का पहला विदेश दौरा: मलेशिया और चीन से होंगे 15-17 द्विपक्षीय समझौते
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान पद संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर मलेशिया और चीन रवाना होने वाले हैं। ढाका स्थित विदेश मंत्रालय ने शनिवार, 20 जून को यह जानकारी दी। इस दौरे को बांग्लादेश की आर्थिक साझेदारियों को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
दौरे का कार्यक्रम
विदेश सचिव असद आलम सियाम ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि प्रधानमंत्री रहमान रविवार दोपहर मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर कुआलालंपुर के लिए रवाना होंगे। इसके अगले दिन सोमवार दोपहर वे चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग के निमंत्रण पर बीजिंग की यात्रा पर निकलेंगे।
चीन के साथ समझौतों का एजेंडा
विदेश सचिव आलम के अनुसार, बीजिंग में होने वाली वार्ता का मुख्य केंद्र व्यापार और बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ होंगी। इस यात्रा के दौरान बांग्लादेश और चीन के बीच 15 से 17 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इनमें 13 समझौता ज्ञापन (एमओयू), दो समझौते, एक कार्य योजना और एक प्रोटोकॉल शामिल हैं।
मलेशिया दौरे का महत्व
मलेशिया के साथ वार्ता भी द्विपक्षीय व्यापार और संबंधों को सुदृढ़ करने पर केंद्रित रहेगी। उल्लेखनीय है कि अनुमानों के अनुसार मलेशिया में करीब 8 लाख बांग्लादेशी कामगार रहते हैं, जो देश के कुल विदेशी श्रमिकों का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा हैं। ऐसे में यह दौरा प्रवासी श्रमिकों के हितों की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल का आकार
सियाम ने बताया कि दोनों यात्राओं के लिए प्रतिनिधिमंडल को अपेक्षाकृत छोटा रखा गया है — दोनों देशों के लिए कुल मिलाकर करीब 27 से 28 सदस्य शामिल होंगे। उन्होंने कहा, 'हमने इसे एक उचित स्तर तक सीमित रखने की कोशिश की है।'
फरवरी के बाद पहली विदेश यात्रा
सियाम ने स्पष्ट किया कि फरवरी 2026 में सरकार के सत्ता संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री तारिक रहमान की पहली विदेश यात्रा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब बांग्लादेश अपनी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने की कोशिशों में जुटा है। आने वाले हफ्तों में इन समझौतों के क्रियान्वयन की दिशा से बांग्लादेश की विदेश नीति की प्राथमिकताएँ और स्पष्ट होंगी।