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बांग्लादेश PM तारिक रहमान का पहला विदेश दौरा: मलेशिया और चीन से होंगे 15-17 द्विपक्षीय समझौते

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बांग्लादेश PM तारिक रहमान का पहला विदेश दौरा: मलेशिया और चीन से होंगे 15-17 द्विपक्षीय समझौते

सारांश

पद संभालने के चार महीने बाद बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान अपनी पहली विदेश यात्रा पर मलेशिया और चीन जा रहे हैं। बीजिंग में 15-17 समझौतों पर हस्ताक्षर की संभावना है — व्यापार और बुनियादी ढाँचे पर फोकस। यह दौरा ढाका की आर्थिक कूटनीति की नई दिशा तय करेगा।

मुख्य बातें

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान रविवार को मलेशिया और सोमवार को चीन रवाना होंगे।
यह फरवरी 2026 में सरकार बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है।
चीन के साथ 15 से 17 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर की संभावना — इनमें 13 एमओयू , 2 समझौते , 1 कार्य योजना और 1 प्रोटोकॉल शामिल।
बीजिंग में वार्ता का एजेंडा व्यापार और बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ होंगी।
मलेशिया में करीब 8 लाख बांग्लादेशी कामगार — देश के कुल विदेशी श्रमिकों का एक-तिहाई से अधिक ।
दोनों यात्राओं के लिए प्रतिनिधिमंडल में केवल 27-28 सदस्य रखे गए हैं।

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान पद संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर मलेशिया और चीन रवाना होने वाले हैं। ढाका स्थित विदेश मंत्रालय ने शनिवार, 20 जून को यह जानकारी दी। इस दौरे को बांग्लादेश की आर्थिक साझेदारियों को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

दौरे का कार्यक्रम

विदेश सचिव असद आलम सियाम ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि प्रधानमंत्री रहमान रविवार दोपहर मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर कुआलालंपुर के लिए रवाना होंगे। इसके अगले दिन सोमवार दोपहर वे चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग के निमंत्रण पर बीजिंग की यात्रा पर निकलेंगे।

चीन के साथ समझौतों का एजेंडा

विदेश सचिव आलम के अनुसार, बीजिंग में होने वाली वार्ता का मुख्य केंद्र व्यापार और बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ होंगी। इस यात्रा के दौरान बांग्लादेश और चीन के बीच 15 से 17 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इनमें 13 समझौता ज्ञापन (एमओयू), दो समझौते, एक कार्य योजना और एक प्रोटोकॉल शामिल हैं।

मलेशिया दौरे का महत्व

मलेशिया के साथ वार्ता भी द्विपक्षीय व्यापार और संबंधों को सुदृढ़ करने पर केंद्रित रहेगी। उल्लेखनीय है कि अनुमानों के अनुसार मलेशिया में करीब 8 लाख बांग्लादेशी कामगार रहते हैं, जो देश के कुल विदेशी श्रमिकों का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा हैं। ऐसे में यह दौरा प्रवासी श्रमिकों के हितों की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल का आकार

सियाम ने बताया कि दोनों यात्राओं के लिए प्रतिनिधिमंडल को अपेक्षाकृत छोटा रखा गया है — दोनों देशों के लिए कुल मिलाकर करीब 27 से 28 सदस्य शामिल होंगे। उन्होंने कहा, 'हमने इसे एक उचित स्तर तक सीमित रखने की कोशिश की है।'

फरवरी के बाद पहली विदेश यात्रा

सियाम ने स्पष्ट किया कि फरवरी 2026 में सरकार के सत्ता संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री तारिक रहमान की पहली विदेश यात्रा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब बांग्लादेश अपनी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने की कोशिशों में जुटा है। आने वाले हफ्तों में इन समझौतों के क्रियान्वयन की दिशा से बांग्लादेश की विदेश नीति की प्राथमिकताएँ और स्पष्ट होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे क्षेत्रीय विश्लेषक ध्यान से देख रहे हैं। चीन के साथ 15-17 समझौतों की संभावना महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि ये कागज़ी एमओयू कितनी जल्दी ज़मीनी परियोजनाओं में बदलते हैं — बांग्लादेश में चीनी निवेश का इतिहास घोषणाओं और क्रियान्वयन के बीच लंबे अंतराल का रहा है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान मलेशिया और चीन क्यों जा रहे हैं?
तारिक रहमान फरवरी 2026 में सरकार बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर मलेशिया और चीन जा रहे हैं। इसका उद्देश्य व्यापार, बुनियादी ढाँचे और द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करना है।
चीन यात्रा में कितने समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे?
विदेश सचिव असद आलम सियाम के अनुसार, बीजिंग में 15 से 17 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर की संभावना है। इनमें 13 एमओयू, 2 समझौते, 1 कार्य योजना और 1 प्रोटोकॉल शामिल हैं।
मलेशिया दौरे में किन मुद्दों पर बात होगी?
मलेशिया में वार्ता द्विपक्षीय व्यापार और संबंधों को सुदृढ़ करने पर केंद्रित रहेगी। उल्लेखनीय है कि मलेशिया में करीब 8 लाख बांग्लादेशी कामगार हैं, जो प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे को भी प्रासंगिक बनाता है।
तारिक रहमान के प्रतिनिधिमंडल में कितने सदस्य होंगे?
दोनों यात्राओं के लिए प्रतिनिधिमंडल को छोटा रखा गया है — कुल मिलाकर करीब 27 से 28 सदस्य। विदेश सचिव ने कहा कि इसे 'उचित स्तर तक सीमित' रखने की कोशिश की गई है।
तारिक रहमान ने पहले विदेश दौरे के लिए भारत की बजाय चीन को क्यों चुना?
सरकार ने इस चुनाव पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालाँकि, विश्लेषकों के अनुसार यह बांग्लादेश की आर्थिक कूटनीति में विविधता लाने और चीन के साथ व्यापार व निवेश संबंधों को प्राथमिकता देने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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