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तारिक रहमान की शी जिनपिंग से बीजिंग में वार्ता, 24 लड़ाकू विमान सौदे और 13 MoU पर नज़र

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तारिक रहमान की शी जिनपिंग से बीजिंग में वार्ता, 24 लड़ाकू विमान सौदे और 13 MoU पर नज़र

सारांश

तारिक रहमान की बीजिंग यात्रा महज कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं — यह बांग्लादेश की बदलती विदेश नीति का सबसे बड़ा संकेत है। 24 चीनी लड़ाकू विमानों का संभावित सौदा और 13 MoU ढाका के रणनीतिक झुकाव को नई दिशा दे सकते हैं, जिसकी सीधी चिंता भारत और अमेरिका दोनों को है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश के PM तारिक रहमान ने 27 जून 2025 को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय वार्ता की।
एक दिन पहले चीनी PM ली च्यांग के साथ बैठक में 2 समझौतों और 13 MoU पर हस्ताक्षर हुए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश कथित तौर पर 24 जे-10सीई लड़ाकू विमान और UAV तकनीक के सौदे को अंतिम रूप दे सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सौदा सिलीगुड़ी कॉरिडोर के निकट तैनाती की स्थिति में भारत के लिए रणनीतिक चिंता बन सकता है।
यह रहमान की प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली विदेश यात्रा है; इससे पहले वे मलेशिया का दौरा कर चुके थे।

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने 27 जून 2025 को बीजिंग स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। यह बैठक रहमान की चार दिवसीय आधिकारिक चीन यात्रा का केंद्रबिंदु रही, जिसमें व्यापार, निवेश, बुनियादी ढाँचे और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दे एजेंडे पर थे।

वार्ता का विवरण

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रेस सचिव अतिकुर रहमान रुमोन ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच शुक्रवार सुबह बीजिंग में द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता महदी अमीन के अनुसार, इस बैठक में व्यापार, निवेश, बुनियादी ढाँचे, कनेक्टिविटी और अन्य साझा हितों पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद थी।

यह बैठक एक दिन पहले गुरुवार को चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग के साथ हुई वार्ता के बाद आयोजित हुई, जिसमें तीस्ता परियोजना, व्यापार और निवेश पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में दोनों देशों के बीच दो समझौतों और 13 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए गए।

रक्षा सौदे पर नज़र

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान बांग्लादेश कथित तौर पर 24 जे-10सीई लड़ाकू विमानों की खरीद और मानवरहित हवाई वाहन (UAV) तकनीक हासिल करने के समझौते को अंतिम रूप दे सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह सौदा ढाका के बीजिंग की ओर बढ़ते रणनीतिक झुकाव का संकेत है।

गौरतलब है कि 9 फरवरी 2025 को तत्कालीन अंतरिम सरकार ने आम चुनाव से तीन दिन पहले अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौता किया था। हालाँकि उस समझौते में चीन से लड़ाकू विमान या UAV तकनीक खरीदने पर कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं है, विश्लेषकों का कहना है कि यह रक्षा सौदा उस समझौते के तहत किए गए कुछ वादों के विपरीत जा सकता है।

भारत और अमेरिका पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के साथ बांग्लादेश के रक्षा समझौते अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं। भारत की चिंताएँ भी बढ़ सकती हैं, खासकर यदि अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भारत के रणनीतिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर के निकट तैनात किए जाते हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश की विदेश नीति में उल्लेखनीय बदलाव देखा जा रहा है।

यात्रा का संदर्भ

तारिक रहमान सोमवार रात मलेशिया की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पूरी करने के बाद चीन के डालियान पहुँचे थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है। रिपोर्टों के अनुसार, ढाका अब चीन, तुर्किये और पाकिस्तान जैसे देशों के साथ अपने संबंध अधिक मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

बीएनपी की प्रतिक्रिया

बैठक के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने एक्स पर लिखा, 'दोनों प्रधानमंत्रियों ने उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप दो समझौतों और 13 MoU पर हस्ताक्षर हुए। यह बांग्लादेश-चीन सहयोग और साझेदारी को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।' आने वाले दिनों में इस यात्रा के ठोस परिणाम और घोषणाएँ सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। यह भी उल्लेखनीय है कि 9 फरवरी का अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौता चुनाव से महज तीन दिन पहले हुआ था और उसकी व्यापक आलोचना हो चुकी है — ऐसे में चीनी रक्षा सौदा उस समझौते की साख को और कमज़ोर कर सकता है। नई दिल्ली के लिए असली परीक्षा यह है कि वह इस बदलाव को कूटनीतिक संवाद से संभालती है या चुप्पी साधे रहती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारिक रहमान और शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में किन मुद्दों पर बात हुई?
दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, बुनियादी ढाँचे, कनेक्टिविटी और रक्षा सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता महदी अमीन के अनुसार, बांग्लादेश के हितों से जुड़े कई अहम मुद्दे भी राष्ट्रपति शी के समक्ष रखे जाने थे।
बांग्लादेश और चीन के बीच कितने समझौते हुए?
चीनी प्रधानमंत्री ली च्यांग के साथ गुरुवार की बैठक में दोनों देशों के बीच 2 समझौतों और 13 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। इनमें तीस्ता परियोजना, व्यापार और निवेश से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
बांग्लादेश का चीन से लड़ाकू विमान सौदा क्या है?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश कथित तौर पर 24 जे-10सीई लड़ाकू विमानों की खरीद और UAV तकनीक हासिल करने के समझौते को इस यात्रा के दौरान अंतिम रूप दे सकता है। यह सौदा अभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं हुआ है।
इस सौदे से भारत को क्यों चिंता हो सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीनी लड़ाकू विमान भारत के रणनीतिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर के निकट तैनात किए जाते हैं, तो यह भारत के लिए सुरक्षा चिंता बन सकता है। यह कॉरिडोर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्य भूमि से जोड़ता है।
तारिक रहमान की यह यात्रा बांग्लादेश की विदेश नीति के लिए क्यों अहम है?
यह प्रधानमंत्री बनने के बाद रहमान की पहली विदेश यात्रा है, जो शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश की विदेश नीति में बदलाव को दर्शाती है। रिपोर्टों के अनुसार, ढाका अब चीन, तुर्किये और पाकिस्तान के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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