क्या भारत-इटली संबंध तेजी से विस्तार के रास्ते पर हैं? इटली के राष्ट्रपति मातारेला का बयान

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क्या भारत-इटली संबंध तेजी से विस्तार के रास्ते पर हैं? इटली के राष्ट्रपति मातारेला का बयान

सारांश

इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला ने भारत के गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत-इटली के संबंधों के विस्तार की बात की, जो लोकतंत्र और कानून के शासन के मूल्यों पर आधारित हैं। जानें कैसे ये संबंध और गहरे होंगे।

मुख्य बातें

भारत और इटली के संबंध तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
दोनों देशों के बीच लोकतंत्र और कानून के शासन का साझा सम्मान है।
संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना से द्विपक्षीय साझेदारी को नई ऊर्जा मिल रही है।
भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में भी सुधार की उम्मीद है।
उच्चस्तरीय दौरों से सहयोग में वृद्धि होगी।

रोम, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भारत के गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत और इटली के द्विपक्षीय संबंध तेज़ी से विस्तार के मार्ग पर हैं और आने वाले समय में ये और भी गहरे होंगे।

राष्ट्रपति मातारेला ने कहा कि भारत और इटली लोकतंत्र और कानून के शासन के सम्मान जैसे मूलभूत मूल्यों को साझा करते हैं। साथ ही, दोनों देशों के कई हित एक-दूसरे से मेल खाते हैं, जिनमें नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा, इंडो-मेडिटरेनियन क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता, तथा वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी प्रबंधन शामिल है।

राष्ट्रपति मुर्मू को लिखे पत्र में मातारेला ने कहा, “गणतंत्र दिवस के अवसर पर मैं आपको भारत गणराज्य के समृद्ध भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। भारत और इटली के बीच संबंध तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं और आपसी हित में आगे और भी मजबूत होंगे।”

उन्होंने कहा कि संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से द्विपक्षीय साझेदारी को नई ऊर्जा मिल रही है। मातारेला ने कहा, “हमारे देशों के आर्थिक संस्थानों के बीच संयुक्त परियोजनाएं, वैज्ञानिक सहयोग और नागरिक समाजों के बीच बढ़ते संवाद के माध्यम से सहयोग के नए अवसर लगातार सामने आ रहे हैं।”

इटली के राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि भारत-इटली के बीच तालमेल द्विपक्षीय एजेंडे के हर क्षेत्र में और साथ ही भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के ढांचे के भीतर भी और मजबूत होगा।

उन्होंने कहा, “दिल्ली और रोम लोकतंत्र और कानून के शासन जैसे मूलभूत मूल्यों को साझा करते हैं। इसके अलावा, दोनों देश नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा, इंडो-मेडिटरेनियन क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता, तथा प्रमुख वैश्विक चुनौतियों के बहुपक्षीय समाधान जैसे साझा हितों को आगे बढ़ा रहे हैं।”

मातारेला ने कहा कि उच्चस्तरीय राजनीतिक और संस्थागत दौरों से मिलने वाली गति के बल पर दोनों देशों के बीच सहयोग को हर क्षेत्र में और सशक्त किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत–यूरोपीय संघ संबंधों को भी नए आर्थिक और व्यापार समझौतों से बड़ा लाभ मिलेगा।

उन्होंने पत्र के अंत में कहा, “इन उम्मींदों और दोस्ती की भावना के साथ, मैं इतालवी गणराज्य की ओर से आपको और भारत के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूं।”

गौरतलब है कि पिछले महीने इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री एंटोनियो ताजानी ने नई दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत–इटली संबंधों को “लगातार मजबूत होते रिश्ते” बताया था।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की भारत यात्रा के दौरान भारत और इटली ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था। इसके बाद 2025–2029 की संयुक्त कार्य योजना के जरिए एक दीर्घकालिक और महत्वाकांक्षी एजेंडे को अमल में लाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक स्तर पर भी हमारी स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक है। हमें इस दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और इटली के संबंधों का महत्व क्या है?
भारत और इटली के संबंध लोकतंत्र और कानून के शासन को साझा करने पर आधारित हैं, जिससे यह दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण बनता है।
इटली के राष्ट्रपति ने क्या कहा?
उन्होंने भारत के गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं दी और द्विपक्षीय संबंधों के तेजी से विस्तार की बात की।
भारत-इटली संबंधों के भविष्य पर क्या उम्मीदें हैं?
आने वाले समय में, दोनों देशों के बीच सहयोग और भी मजबूत होगा, विशेषकर आर्थिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में।
राष्ट्र प्रेस