11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या 'ब्लडी संडे' ने रूस में जारशाही के अंत की शुरुआत की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 'ब्लडी संडे' ने रूस में जारशाही के अंत की शुरुआत की?

सारांश

क्या आपको पता है कि 9 जनवरी 1905 का दिन रूस के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था? इस दिन की घटना, जिसे 'ब्लडी संडे' कहा जाता है, जारशाही के पतन की शुरुआत थी। जानिए कैसे इसने 1905 और 1917 की क्रांतियों को जन्म दिया।

मुख्य बातें

ब्लडी संडे 9 जनवरी 1905 को रूस में हुआ था।
इस घटना ने जारशाही के पतन की शुरुआत की।
जनता का असंतोष क्रांति की ओर ले गया।
जार ने ऑक्टूबर घोषणापत्र जारी किया।
यह घटना इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रूसी इतिहास में 9 जनवरी 1905 की तारीख एक महत्वपूर्ण घटना को दर्शाती है, जिसे "ब्लडी संडे" के नाम से जाना जाता है। यह केवल एक नरसंहार नहीं था, बल्कि यह वह पल था जिसने जारशाही के पतन की शुरुआत की। इस घटना के बाद देश भर में हड़तालों, विद्रोहों और जन आंदोलनों की लहर उठी, जिसने 1905 की रूसी क्रांति को जन्म दिया और अंततः 1917 की रूसी क्रांति की नींव रखी।

उस समय रूस के जार निकोलस द्वितीय के अधीन था। औद्योगीकरण तेजी से हो रहा था, लेकिन मजदूर वर्ग बहुत ही दयनीय हालात में जी रहा था। कम मजदूरी, लंबे काम के घंटे, राजनीतिक अधिकारों की कमी, और रूस-जापान युद्ध में मिली हार ने जनता के असंतोष को और बढ़ा दिया था। इसी पृष्ठभूमि में पादरी जॉर्जी गैपोन के नेतृत्व में मजदूरों ने जार को एक याचिका सौंपने का निर्णय लिया।

9 जनवरी 1905 को सेंट पीटर्सबर्ग में हजारों मजदूर, महिलाएं और बच्चे शांतिपूर्ण जुलूस के रूप में विंटर पैलेस की ओर बढ़े। उनके हाथों में धार्मिक प्रतीक और जार के नाम लिखी याचिकाएं थीं। उन्हें उम्मीद थी कि जार उनकी पीड़ा सुनेगा। लेकिन सेना ने भीड़ को रोकने का आदेश दिया और बिना चेतावनी गोलियां चलानी शुरू कर दीं। सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। यही घटना "ब्लडी संडे" कहलायी।

इस घटना का प्रभाव पूरे रूस में तुरंत दिखाई दिया। कारखानों में हड़तालें होने लगीं, किसानों ने जमींदारों के खिलाफ विद्रोह किया और सेना तथा नौसेना में भी असंतोष फैल गया। इतिहासकार 'ऑरलैंडो फाइजीस' ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “अ पीपुल्स ट्रेजेडी: द रसियन रेवोल्यूशन 1891–1924” में लिखा कि ब्लडी संडे ने आम रूसियों के मन से यह भ्रम तोड़ दिया कि जार जनता का रक्षक है। उनके अनुसार, यह दिन वह क्षण था जब जार और जनता के बीच का नैतिक रिश्ता हमेशा के लिए टूट गया।

जनदबाव के कारण जार निकोलस द्वितीय को अक्टूबर 1905 में 'ऑक्टूबर घोषणापत्र' जारी करना पड़ा, जिसमें नागरिक स्वतंत्रता और संसद जैसी संस्था ‘ड्यूमा’ की स्थापना का वादा किया गया। हालांकि ये सुधार अधूरे साबित हुए, लेकिन उन्होंने जारशाही की निरंकुश सत्ता को पहली बार सीमित किया।

ब्लडी संडे और 1905 की रूसी क्रांति को इतिहासकार आज भी उस चेतावनी के रूप में देखते हैं, जिसे अगर जारशाही ने गंभीरता से लिया होता, तो शायद 1917 की क्रांति इतनी उग्र न होती।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना न केवल रूस के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी थी। जारशाही का पतन और जनता का संघर्ष हमेशा याद रखा जाएगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना का क्या प्रभाव पड़ा?
इस घटना ने पूरे देश में हड़तालों और विद्रोहों की लहर को जन्म दिया, जिससे 1905 की रूसी क्रांति की नींव रखी गई।
जार निकोलस द्वितीय ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जनदबाव के कारण जार ने अक्टूबर 1905 में 'ऑक्टूबर घोषणापत्र' जारी किया, जिसमें नागरिक स्वतंत्रता का वादा किया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले