क्या ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने वियतनाम के पीएम फाम मिन्ह चिन्ह से मुलाकात की?

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क्या ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने वियतनाम के पीएम फाम मिन्ह चिन्ह से मुलाकात की?

सारांश

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और वियतनाम के पीएम फाम मिन्ह चिन्ह के बीच हुई महत्वपूर्ण मुलाकात ने भारत-वियतनाम संबंधों को और मजबूत किया। यह बैठक नई रणनीतिक साझेदारी के लिए एक मील का पत्थर है। जानें इस मुलाकात के पीछे की राजनीति और भविष्य की योजनाएँ।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री मोदी और फाम मिन्ह चिन्ह के बीच सकारात्मक चर्चा हुई।
वियतनाम ने इस वर्ष ब्रिक्स का सदस्यता प्राप्त की।
दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी है।
भारत और वियतनाम के संबंध समय के साथ मजबूत हुए हैं।
2024 में वियतनाम के पीएम की भारत यात्रा महत्वपूर्ण होगी।

रियो डी जेनेरियो, 7 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह के साथ एक सकारात्मक बातचीत हुई।"

वियतनाम इस वर्ष जनवरी में ब्रिक्स का सदस्य बना है।

भारत और वियतनाम के बीच परंपरागत रूप से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंध हैं, जिन्हें एक आधिकारिक बयान में व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में बताया गया है।

महात्मा गांधी और वियतनाम के उस समय के राष्ट्रपति हो ची मिन्ह ने अपने-अपने देशों में आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया और एक-दूसरे को संदेश भेजे थे।

वियतनाम के हनोई स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, "भारत 1954 के जिनेवा समझौते के बाद बनी अंतरराष्ट्रीय निगरानी और नियंत्रण आयोग का सह-अध्यक्ष था। पहले भारत ने उत्तरी वियतनाम और दक्षिणी वियतनाम के साथ कॉन्सुलेट स्तर के संबंध बनाए रखे। 7 जनवरी 1972 को भारत ने वियतनाम के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित कर लिए। ये रिश्ते समय के साथ धीरे-धीरे मजबूत होते गए।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान 2016 में भारत-वियतनाम संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया गया था। इससे पहले, संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में नामित किया गया था।

भारत और वियतनाम के रिश्ते शांति, समृद्धि और लोगों के लिए संयुक्त दृष्टिकोण पर आगे बढ़ रहे हैं, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के उस समय के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक ने 21 दिसंबर 2020 को वर्चुअल समिट में अपनाया था।

प्रधानमंत्री मोदी और वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव गुयेन फु ट्रोंग ने 15 अप्रैल 2022 को फोन पर बातचीत भी की थी।

दोनों देशों ने 2022 में अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मनाई और आपसी सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह की 2024 में भारत यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी की सितंबर 2024 में वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव से मुलाकात ने दोनों देशों के रिश्तों को नई गति दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समय के साथ और मजबूत हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और मजबूत करेगी।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन क्या है?
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जहाँ ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेता मिलकर वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हैं।
वियतनाम का भारत के साथ क्या संबंध है?
वियतनाम और भारत के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जो समय के साथ और मजबूत हुए हैं।
फाम मिन्ह चिन्ह कौन हैं?
फाम मिन्ह चिन्ह वियतनाम के प्रधानमंत्री हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण नीतियाँ लागू की हैं।
भारत और वियतनाम के बीच सहयोग कैसे बढ़ रहा है?
भारत और वियतनाम के बीच सहयोग कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है, जिसमें व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल हैं।
भारत-वियतनाम संबंधों का भविष्य क्या है?
भारत और वियतनाम के बीच संबंधों का भविष्य उज्जवल है, विशेषकर जब दोनों देशों ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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