क्या कनाडा के खिलाफ रूस ने 28 नागरिकों को ब्लैकलिस्ट कर दिया?
सारांश
Key Takeaways
- रूस ने कनाडा के 28 नागरिकों को ब्लैकलिस्ट किया।
- यह कार्रवाई ओटावा द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में है।
- रूसी विदेश मंत्रालय ने इस कदम को राजनीतिक रणनीति बताया।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रूस ने अपने नागरिकों पर प्रतिबंध लगाने के ओटावा के कदम का जवाब दिया है। जहां कनाडा ने पहले रूस पर गैर-कानूनी प्रतिबंध लगाए थे, वहीं रूस ने 28 कनाडाई नागरिकों को ब्लैकलिस्ट करते हुए उनके लिए देश में एंट्री पर स्थायी रोक लगा दी है।
रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, जिन 28 कनाडाई व्यक्तियों पर यह प्रतिबंध लगाया गया है, उनकी गतिविधियाँ बैंडेरा के समर्थन वाले संगठनों और संरचनाओं से संबंधित हैं। इनका उद्देश्य यूक्रेनी सरकार द्वारा अपनाई जा रही आपराधिक नियो-नाजी सोच को बढ़ावा देना है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि ये लोग ऐतिहासिक सच्चाई और देश के लिए लड़े गए युद्ध की घटनाओं की सच्चाई को नकार रहे हैं। ये सभी यूक्रेन में कट्टर और समझौता न करने वाली राष्ट्रवादी ताकतों के साथ कनाडा के गठबंधन को और मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।
हाल ही में, कनाडा की पूर्व वित्त मंत्री और उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की का आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया गया है। इस पर रूसी विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया भी आई है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि क्रिस्टिया की जेलेंस्की के आर्थिक सलाहकार के रूप में नियुक्ति से कनाडा और राष्ट्रवादी ताकतों के बीच गठबंधन की पुष्टि होती है। क्रिस्टिया फ्रीलैंड, हिटलर के दोस्त मिखाइलो खोमियाक की पोती हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस व्यक्तिगत निर्णय के माध्यम से एसएस फर्स्ट गैलिशियन के 14वें वेफेन ग्रेनेडियर डिवीजन, एसएस शूट्जमैनशाफ्ट (ऑक्सिलरी पुलिस) यूनिट्स, नैचटिगल बटालियन, और अन्य फॉर्मेशन्स द्वारा किए गए अपराधों को छिपाने का प्रयास किया गया है। कीव ने कनाडा के आक्रामक यूक्रेनी नियो-नाजी समुदाय के सम्मान में ऐसा कदम उठाया है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि रूस हमेशा कट्टरपंथ और जेनोफोबिया (विदेशियों से डर) के सभी रूपों का विरोध करेगा और अपने देश के हितों की रक्षा करने के लिए कदम उठाता रहेगा।