18 जुलाई 2026
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बांग्लादेश: चटगांव हिल ट्रैक्ट्स मंत्री दीपेन दीवान का इस्तीफा, समर्थकों ने लगाया दबाव का आरोप

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बांग्लादेश: चटगांव हिल ट्रैक्ट्स मंत्री दीपेन दीवान का इस्तीफा, समर्थकों ने लगाया दबाव का आरोप

सारांश

बांग्लादेश में साढ़े तीन महीने पहले नियुक्त हुए चटगांव हिल ट्रैक्ट्स मंत्री दीपेन दीवान ने स्वास्थ्य कारण बताकर इस्तीफा दिया, लेकिन समर्थकों ने दबाव का आरोप लगाया और रंगमती में सड़क जाम कर दिया। इस्तीफे की असली वजह अब बांग्लादेशी राजनीति में बड़े विवाद का केंद्र बन गई है।

मुख्य बातें

दीपेन दीवान ने 1 जून 2026 को चटगांव हिल ट्रैक्ट्स अफेयर्स मंत्री पद से इस्तीफा दिया — केवल साढ़े तीन महीने के कार्यकाल के बाद।
त्यागपत्र में शारीरिक अस्वस्थता को कारण बताया गया; प्रधानमंत्री के प्रेस सचिव अतीकुर रहमान ने पुष्टि की।
समर्थकों ने रंगमती में सड़क जाम किया और दावा किया कि दीवान को दबाव में इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया।
स्थानीय BNP नेताओं को इस्तीफे की पूर्व जानकारी नहीं थी; मंत्रालय नियुक्तियों और रंगमती राजनीति पर मतभेद की आशंका।
दीवान ने 12 फरवरी 2026 को पहली बार चुनाव जीता था — UPDF समर्थित उम्मीदवार को 1,69,066 वोटों से हराकर।

बांग्लादेश में चटगांव हिल ट्रैक्ट्स अफेयर्स मंत्री दीपेन दीवान ने 1 जून 2026 को शारीरिक अस्वस्थता का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालाँकि, उनके समर्थकों ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें महज साढ़े तीन महीने के कार्यकाल में दबाव में आकर त्यागपत्र देने पर मजबूर किया गया।

इस्तीफे का आधिकारिक कारण

बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, दीवान ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को लिखे अपने त्यागपत्र में कहा कि शारीरिक बीमारी के कारण उन्हें अपनी जिम्मेदारियाँ निभाने में 'कई तरह की दिक्कतें' आ रही थीं। पत्र में उन्होंने लिखा, 'मेरी शारीरिक बीमारी की वजह से, मुझे सौंपी गई जिम्मेदारियों को निभाने में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं।' सरकार के विकास कार्यों की गति बनाए रखने के लिए पद छोड़ना जरूरी बताया गया।

प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रेस सचिव अतीकुर रहमान ने मीडिया के साथ इस्तीफे की प्रति साझा कर मामले की आधिकारिक पुष्टि की।

समर्थकों का विरोध और दबाव का आरोप

दीवान के समर्थकों ने रंगमती में सड़क जाम कर उनके इस्तीफे के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने माँग की कि उनका त्यागपत्र वापस लिया जाए और उन्हें पुनः मंत्री पद पर बहाल किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कथित तौर पर कहना है कि दीवान को दबाव में इस्तीफा देने के लिए बाध्य किया गया।

बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम आलो के अनुसार, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता, कार्यकर्ता और पहाड़ी समुदाय के लोग इस्तीफे की असली वजह समझने की कोशिश में हैं। स्थानीय BNP नेताओं ने स्वीकार किया कि उन्हें इस फैसले की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी।

इस्तीफे की संभावित वजहें

स्थानीय BNP नेताओं का मानना है कि इस्तीफे के पीछे मंत्रालय संचालन, रंगमती की राजनीति पर नियंत्रण और चटगांव पहाड़ी क्षेत्र की जिला परिषदों में सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया से जुड़े आंतरिक मतभेद हो सकते हैं। गौरतलब है कि चटगांव हिल ट्रैक्ट्स मंत्रालय तीन पहाड़ी जिलों — रंगमती, खगराछारी और बंदरबन — के मामलों की देखरेख करता है, जहाँ की तीनों संसदीय सीटें BNP ने जीती हैं।

दीपेन दीवान: राजनीतिक सफर

दीवान इससे पहले वरिष्ठ संयुक्त जिला जज के पद पर कार्यरत थे और उन्होंने 2005 में सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर BNP में प्रवेश किया था। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता सुबिमल दीवान BNP के संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष जियाउर रहमान के सलाहकार रहे थे और रंगमती जिला BNP के संस्थापक महासचिव भी थे।

2010 में दीवान रंगमती में BNP के जिलाध्यक्ष चुने गए और 2016 में उन्हें पार्टी का केंद्रीय सहायक धार्मिक मामलों का सचिव बनाया गया — यह जिम्मेदारी वे अभी भी निभा रहे हैं। उन्होंने 12 फरवरी 2026 को पहली बार चुनाव लड़ा और UPDF समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार पहल चकमा को 1,69,066 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया।

17 फरवरी को BNP के भारी बहुमत से सरकार बनाने के बाद दीवान को चटगांव हिल ट्रैक्ट्स अफेयर्स मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तीन पहाड़ी जिलों की अन्य दो सीटों से सा चिंग प्रू जेरी (बंदरबन) और वदूद भुइयां (खगराछारी) निर्वाचित हुए हैं।

आगे क्या

फिलहाल सरकार की ओर से मंत्रालय के नए प्रभारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस्तीफे की असली वजह को लेकर जारी विवाद और रंगमती में प्रदर्शन यह संकेत देते हैं कि चटगांव पहाड़ी क्षेत्र में राजनीतिक तनाव निकट भविष्य में कम होने की संभावना कम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सतह के नीचे सुलग रही है। गौरतलब है कि चटगांव पहाड़ी क्षेत्र दशकों से जातीय तनाव, भूमि विवाद और स्वायत्तता की माँगों का केंद्र रहा है — और इस मंत्रालय पर किसका वर्चस्व हो, यह सवाल केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि गहरे राजनीतिक निहितार्थ वाला है। तारिक रहमान सरकार के लिए असली परीक्षा यह है कि वह पहाड़ी समुदाय के भरोसे को बनाए रखते हुए पार्टी के आंतरिक समीकरणों को कैसे साधती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपेन दीवान ने चटगांव हिल ट्रैक्ट्स मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
आधिकारिक त्यागपत्र में दीपेन दीवान ने शारीरिक बीमारी को कारण बताया और कहा कि इससे उन्हें जिम्मेदारियाँ निभाने में दिक्कत हो रही थी। हालाँकि उनके समर्थकों का कथित तौर पर दावा है कि उन्हें दबाव में इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया।
दीपेन दीवान कितने समय से मंत्री थे?
दीपेन दीवान ने 17 फरवरी 2026 को BNP सरकार बनने के बाद मंत्री पद संभाला था और 1 जून 2026 को इस्तीफा दिया — यानी उनका कार्यकाल लगभग साढ़े तीन महीने का रहा।
रंगमती में विरोध प्रदर्शन क्यों हुआ?
दीवान के समर्थकों ने रंगमती में सड़क जाम कर उनके इस्तीफे का विरोध किया और माँग की कि उन्हें पुनः मंत्री पद पर बहाल किया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस्तीफा स्वेच्छा से नहीं, बल्कि दबाव में दिया गया।
दीपेन दीवान कौन हैं और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
दीपेन दीवान पूर्व वरिष्ठ संयुक्त जिला जज हैं, जिन्होंने 2005 में सरकारी सेवा छोड़कर BNP जॉइन की थी। उनके पिता सुबिमल दीवान BNP संस्थापक जियाउर रहमान के सलाहकार और रंगमती जिला BNP के संस्थापक महासचिव थे। दीवान ने 12 फरवरी 2026 को पहली बार चुनाव जीता, UPDF समर्थित उम्मीदवार को 1,69,066 मतों से हराकर।
चटगांव हिल ट्रैक्ट्स मंत्रालय की भूमिका क्या है?
यह मंत्रालय बांग्लादेश के तीन पहाड़ी जिलों — रंगमती, खगराछारी और बंदरबन — के प्रशासनिक और विकास कार्यों की देखरेख करता है। इन तीनों जिलों की संसदीय सीटें BNP ने 2026 के चुनाव में जीती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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