चीन के विशेष दूत जाई जून ने कुवैत और कतर के नेताओं से की बातचीत
सारांश
Key Takeaways
- चीन के विशेष दूत ने कुवैत और कतर के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की।
- कुवैत ने शांति के लिए चीन के रुख की सराहना की।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना सैन्य हमले का चीन ने विरोध किया।
- कतर ने संकट के कारणों पर चिंता व्यक्त की।
- युद्धविराम और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बीजिंग, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीन के विशेष दूत जाई जून ने कुवैत सिटी में कुवैती विदेश मंत्री खालिद अल-जर्राह से भेंट की।
खालिद अल-जर्राह ने स्पष्ट किया कि कुवैत युद्ध का पक्षधर नहीं है और हमेशा विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। कुवैत चीन के निष्पक्ष दृष्टिकोण और शांति के प्रयासों की सराहना करता है, और क्षेत्र में चीनी विशेष दूत की मध्यस्थता का स्वागत करता है। कुवैत चीन के साथ संवाद और समन्वय को मजबूत करने के लिए तत्पर है ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली को सुनिश्चित किया जा सके।
जाई जून ने कहा कि क्षेत्र की स्थिति अशांत बनी हुई है, जिसने कुवैत जैसे खाड़ी देशों को गंभीर नुकसान पहुँचाया है, जिसे चीन नहीं देखना चाहता। अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना ईरान पर सैन्य हमला किया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, और चीन इसका कड़ा विरोध करता है। युद्धविराम अत्यंत आवश्यक है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संबंधित पक्षों से तुरंत अपनी कार्रवाई रोकने का आग्रह करना चाहिए।
जाई जून ने कतर के विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-खुलाइफी से फोन पर बातचीत की।
मोहम्मद बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-खुलाइफी ने कहा कि मौजूदा संकट ने कतर को काफी नुकसान पहुंचाया है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक विकास को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जो किसी भी पक्ष के हित में नहीं है। कतर चीन के निष्पक्ष रुख की सराहना करता है और सभी पक्षों को बातचीत और संवाद के माध्यम से मुद्दों को हल करने के सही रास्ते पर लौटने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर है।
जाई जून ने कहा कि चीन कतर की स्थिति को पूरी तरह समझता है। युद्धविराम प्राप्त करना और संवाद एवं बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सर्वसम्मत सहमति है, और यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इसे अमल में लाया जाए।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)