वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज 3 जून से भारत दौरे पर, PM मोदी से करेंगी मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज 3 से 7 जून तक पाँच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगी, जहाँ वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इस यात्रा की पुष्टि की और बताया कि रोड्रिगेज के साथ विदेश, वित्त, विज्ञान एवं तकनीक, सूचना एवं संचार तथा परिवहन मंत्रियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा।
मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, “बोलिवेरियन गणराज्य वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज पहले 1 जून को इंटरनेशनल बिग कैट्स अलायंस (आईबीसीए) समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आने वाली थीं। अब वह 3 से 7 जून तक भारत का दौरा करेंगी।”
जायसवाल के अनुसार, यह रोड्रिगेज का भारत का छठा दौरा होगा। वह 2015 में वेनेजुएला की विदेश मंत्री के तौर पर तथा 2019, 2023, 2024 और 2025 में उपराष्ट्रपति के रूप में भारत आ चुकी हैं।
एजेंडे में क्या-क्या
जायसवाल ने बताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं की बातचीत में भारत-वेनेजुएला संबंधों की पूरी श्रेणी शामिल होगी। उन्होंने कहा, “ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्टेशन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आगे के सहयोग के रास्ते तलाशे जाएंगे।”
प्रवक्ता ने जोड़ा कि भारत वेनेजुएला को विशेषकर ऊर्जा और निवेश क्षेत्र में एक अहम साझेदार मानता है। भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश किया है और वे अपनी मौजूदगी बढ़ाने के नए अवसर तलाशने को तैयार हैं।
पृष्ठभूमि और पिछली बातचीत
गौरतलब है कि PM मोदी और रोड्रिगेज के बीच इस साल 30 जनवरी को टेलीफोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों, आपसी हितों के क्षेत्रों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई थी। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, कृषि और जन-संपर्क सहित सभी क्षेत्रों में भागीदारी को और गहरा करने पर सहमति जताई थी। दोनों ने ग्लोबल साउथ के लिए घनिष्ठ सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया।
राजनीतिक संदर्भ
रोड्रिगेज ने 5 जनवरी को वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। यह घटनाक्रम कथित तौर पर अमेरिकी सेना द्वारा दक्षिण अमेरिकी देश पर हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी को ‘पकड़े जाने’ के बाद हुआ।
क्या होगा आगे
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब लैटिन अमेरिका में भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। दौरे के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है, विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में।