21 जुलाई 2026
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PM मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज के बीच ऊर्जा साझेदारी पर अहम बातचीत

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PM मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज के बीच ऊर्जा साझेदारी पर अहम बातचीत

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज की नई दिल्ली में हुई बैठक महज़ शिष्टाचार नहीं थी — यह एक रणनीतिक ऊर्जा गठजोड़ की नींव थी। वेनेजुएला इस महीने भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन चुका है और दोनों देश अपस्ट्रीम से डाउनस्ट्रीम तक साझा काम करने की राह तलाश रहे हैं।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने 4 जून 2026 को हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की।
वेनेजुएला इस महीने स्पॉट परचेज में भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।
चर्चा में ऊर्जा के साथ-साथ खनन, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोटिव, कृषि उपकरण और परिवहन क्षेत्रों में सहयोग पर भी बात हुई।
रोड्रिगेज का यह छठा भारत दौरा है; वह 3 से 6 जून 2026 तक भारत में हैं।
वेनेजुएला ने भारत को भविष्य का 'पसंदीदा साझेदार' बताया और कहा कि भारत ने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने गुरुवार, 4 जून 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच ऊर्जा साझेदारी को ठोस आकार देने पर केंद्रित चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बातचीत व्यावसायिक और लक्ष्य-उन्मुख रही तथा दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच वास्तविक उष्मा देखी गई।

उच्चस्तरीय बैठक का ब्यौरा

विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने रोड्रिगेज के दौरे पर एक विशेष ब्रीफिंग में बताया कि दोनों नेताओं के बीच लंच पर हुई यह बातचीत 'बहुत ज़रूरी और व्यावसायिक प्रकृति की' रही। बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। रोड्रिगेज के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में विदेश, संचार, अर्थव्यवस्था, वित्त, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और परिवहन मंत्री शामिल थे।

ऊर्जा क्षेत्र में 'परफेक्ट कॉम्प्लिमेंट्री'

टंडन ने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है, जबकि भारत तेल की एक बड़ी और बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा, 'इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में हम एक परफेक्ट कॉम्प्लिमेंट्री देखते हैं।' उल्लेखनीय है कि स्पॉट परचेज में वेनेजुएला इस महीने भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। चर्चा में ऊर्जा क्षेत्र के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों पहलुओं में संयुक्त सहयोग की संभावनाएँ तलाशी गईं।

ऊर्जा से परे — बहुक्षेत्रीय साझेदारी की रूपरेखा

टंडन के अनुसार, बातचीत केवल ऊर्जा तक सीमित नहीं रही। खनन, पशुपालन, परिवहन, कृषि उपकरण, ऑटोमोटिव और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्रों में भी सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि मुख्य उद्देश्य ऐसे रास्ते खोजना था जिनसे भारतीय व्यावसायिक संस्थाएँ वेनेजुएला के बाज़ार में सफलतापूर्वक प्रवेश कर सकें।

द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि

रोड्रिगेज 3 से 6 जून 2026 तक भारत के कार्यकारी दौरे पर हैं। यह उनका छठा भारत दौरा है — इससे पहले वह 2015 में वेनेजुएला की विदेश मंत्री के रूप में और 2019, 2023, 2024 तथा 2025 में उपराष्ट्रपति के रूप में भारत आ चुकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला का ऊर्जा क्षेत्र एक बड़े बदलाव से गुज़र रहा है और देश दीर्घकालिक स्थिर साझेदार तलाश रहा है। वेनेजुएला की ओर से माना गया कि भारत ने अच्छे और बुरे दोनों समय में उनका साथ दिया है।

आगे की राह

बैठक के बाद पेट्रोलियम मंत्री के साथ रोड्रिगेज की अलग मुलाकात निर्धारित थी, जो ऊर्जा वार्ता को और ठोस आधार देने की दिशा में अगला कदम है। दोनों पक्षों ने संकेत दिया है कि भारत वेनेजुएला के लिए एक 'पसंदीदा साझेदार' बना रहेगा और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वेनेजुएला के साथ व्यापार जटिल और जोखिम भरा रहा है। भारत की 'सभी के साथ, सबकी प्रगति' की कूटनीति यहाँ स्पष्ट दिखती है — रूस, ईरान और अब वेनेजुएला से तेल खरीदकर भारत ऊर्जा आपूर्ति में विविधता ला रहा है। असली परीक्षा यह है कि क्या यह साझेदारी दीर्घकालिक संस्थागत ढाँचे में बदलती है या केवल स्पॉट डील तक सीमित रहती है। फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोटिव जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों की वास्तविक पहुँच तभी संभव होगी जब वेनेजुएला की आर्थिक स्थिरता और नियामक पारदर्शिता में सुधार हो।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी और डेल्सी रोड्रिगेज की बैठक में क्या तय हुआ?
दोनों नेताओं ने 4 जून 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऊर्जा साझेदारी बनाने पर केंद्रित बातचीत की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चा व्यावसायिक और लक्ष्य-उन्मुख रही तथा ऊर्जा के अलावा खनन, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोटिव क्षेत्रों में भी सहयोग पर विचार हुआ।
वेनेजुएला भारत के लिए ऊर्जा क्षेत्र में क्यों महत्वपूर्ण है?
वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है और यह इस महीने स्पॉट परचेज में भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन चुका है। भारत की बढ़ती ऊर्जा माँग और वेनेजुएला की आपूर्ति क्षमता दोनों को एक-दूसरे का स्वाभाविक पूरक माना जा रहा है।
डेल्सी रोड्रिगेज का यह कौन-सा भारत दौरा है?
यह रोड्रिगेज का छठा भारत दौरा है। इससे पहले वह 2015 में विदेश मंत्री के रूप में और 2019, 2023, 2024 तथा 2025 में उपराष्ट्रपति के रूप में भारत आ चुकी हैं। वर्तमान दौरा 3 से 6 जून 2026 तक का कार्यकारी दौरा है।
भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा के अलावा किन क्षेत्रों में सहयोग की बात हुई?
विदेश मंत्रालय के सचिव रुद्रेंद्र टंडन के अनुसार, खनन, पशुपालन, परिवहन, कृषि उपकरण, ऑटोमोटिव और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। उद्देश्य यह था कि भारतीय व्यावसायिक संस्थाएँ वेनेजुएला के बाज़ार में सफलतापूर्वक प्रवेश कर सकें।
इस बैठक में भारत की ओर से कौन-कौन शामिल थे?
बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के बाद पेट्रोलियम मंत्री के साथ भी रोड्रिगेज की अलग मुलाकात निर्धारित थी।
राष्ट्र प्रेस
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