डेनमार्क में अचानक संसदीय चुनाव, प्रधानमंत्री <b>फ्रेडरिकसेन</b> के तीसरे कार्यकाल की आशा
सारांश
Key Takeaways
- फ्रेडरिकसेन तीसरे कार्यकाल की कोशिश कर रही हैं।
- महंगाई और पेंशन जैसे मुद्दे चुनाव में प्रमुख हैं।
- किसी भी पक्ष को बहुमत की संभावना नहीं है।
- शरण प्रक्रिया पर संभावित 'आपातकालीन रोक' की योजना।
- डेनिश पीपल्स पार्टी की वापसी की संभावना।
कोपेनहेगन, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। डेनमार्क में लोग मंगलवार को अचानक आयोजित संसदीय चुनाव के लिए मतदान कर रहे हैं। ये चुनाव प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन द्वारा बुलाए गए हैं, जो अपने तीसरे कार्यकाल की आशा कर रही हैं।
हालिया जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार, फ्रेडरिकसेन के नेतृत्व वाला वामपंथी गठबंधन दक्षिणपंथी दल पर नौ सीटों की बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, यूरो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, डेनमार्क की संसद 'फोल्केटिंग' की १७९ सीटों में से किसी भी पक्ष को बहुमत हासिल करने की संभावना नहीं है।
२०१९ से सत्ता में कायम फ्रेडरिकसेन की उनके नेतृत्व के लिए काफी प्रशंसा हुई है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की मांगों का सामना करते हुए कभी झुकने से इनकार किया। ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है, जिसे ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानते हैं।
अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान डेनमार्क में बढ़ती महंगाई के चलते फ्रेडरिकसेन के समर्थन में कमी आई है। महंगाई के साथ-साथ पेंशन और संभावित वेल्थ टैक्स जैसे मुद्दे चुनाव अभियान में प्रमुख बने हुए हैं। फ्रेडरिकसेन को रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन के प्रति मजबूत समर्थन देने के लिए भी जाना जाता है।
इस महीने की शुरुआत में फ्रेडरिकसेन ने कई प्रस्ताव पेश किए, जिनमें शरण देने की प्रक्रिया पर संभावित 'आपातकालीन रोक' लगाना और ऐसे अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखना शामिल था, जिनके पास देश में रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। उनकी सरकार ने एक योजना भी प्रस्तुत की है जिसके तहत उन विदेशियों को देश से बाहर निकाला जा सकेगा, जिन्हें गंभीर अपराधों के लिए कम से कम एक साल की सजा सुनाई गई हो।
यूरो न्यूज के अनुसार, दो मध्य-दक्षिणपंथी चुनौतीकर्ता, रक्षा मंत्री ट्रोल्स लुंड पॉलसेन और विपक्षी लिबरल अलायंस के एलेक्स वैनोप्सलैघ (३४), फ्रेडरिकसेन को प्रधानमंत्री पद से हटाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस बीच, आप्रवासन विरोधी डेनिश पीपल्स पार्टी (डीएफ) २०२२ के पिछले चुनाव में कमजोर प्रदर्शन के बाद वापसी करती दिख रही है।
चुनाव अभियान में ग्रीनलैंड का मुद्दा ज्यादा चर्चा में नहीं रहा। इसके बजाय, महंगाई, कृषि जल में नाइट्रेट का उच्च स्तर और कल्याणकारी राज्य जैसे घरेलू मुद्दों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया।
फरवरी में संसद को संबोधित करते हुए फ्रेडरिकसेन ने कहा कि मतदाता तय करेंगे कि अगले चार वर्षों में डेनमार्क किस दिशा में जाएगा। यह मतदान १७९ सदस्यीय संसद की संरचना तय करेगा, जिसमें ग्रीनलैंड और फैरो द्वीपों का प्रतिनिधित्व करने वाली सीटें भी शामिल हैं।