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क्या डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को फोन करके भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत करने का संकल्प लिया?

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क्या डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को फोन करके भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत करने का संकल्प लिया?

सारांश

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मैटे फ्रेडरिक्सन और पीएम मोदी के बीच हुई बातचीत में भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को मजबूती देने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। यह वार्ता व्यापार, निवेश, और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित रही।

मुख्य बातें

भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत करने का संकल्प।
डेनमार्क की यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता का समर्थन।
यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का शीघ्र निष्कर्षण।
सतत विकास और नवाचार में सहयोग।

नई दिल्ली, 16 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मैटे फ्रेडरिक्सन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर संवाद किया। इस बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और अधिक मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से व्यक्त किया।

इस वार्ता में व्यापार, निवेश, नवाचार, ऊर्जा, जल प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण और सतत विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री मोदी ने डेनमार्क की वर्तमान यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।

इस दौरान, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और शांति व स्थिरता की बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया।

प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र निष्कर्षण के प्रति डेनमार्क के समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने वर्ष 2026 में भारत द्वारा आयोजित होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट की सफलता के लिए भी अपना समर्थन व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज डेनमार्क की प्रधानमंत्री मैटे फ्रेडरिक्सन के साथ एक सकारात्मक बातचीत हुई। हमने अपनी हरित रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र समाप्त करने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता के लिए डेनमार्क को शुभकामनाएं दी। यूक्रेन

डेनमार्क के प्रधानमंत्री कार्यालय ने 'एक्स' पर पोस्ट में बताया कि मोदी के साथ बातचीत के बाद प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन ने कहा कि हमने अपने संबंधों और हरित रणनीतिक साझेदारी की मजबूती की पुष्टि की। वैश्विक चुनौतियों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। मैंने सहयोग के महत्व पर जोर दिया, साथ ही यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध के वैश्विक प्रभावों से निपटने पर भी जोर दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत और डेनमार्क के बीच ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को सुदृढ़ करना न केवल दोनों देशों के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह वैश्विक स्थिरता और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप क्या है?
यह एक सहयोगात्मक ढांचा है जो दोनों देशों के बीच पर्यावरण, ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देता है।
इस बातचीत में क्या मुख्य मुद्दे उठाए गए?
बातचीत में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, जल प्रबंधन और वैश्विक स्थिरता के मुद्दे शामिल थे।
यूक्रेन संघर्ष पर भारत का क्या रुख है?
भारत ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है और शांति की बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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