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मेटे फ्रेडरिक्सन तीसरी बार बनीं डेनमार्क की PM, मोदी ने दी बधाई; ग्रीन पार्टनरशिप पर ज़ोर

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मेटे फ्रेडरिक्सन तीसरी बार बनीं डेनमार्क की PM, मोदी ने दी बधाई; ग्रीन पार्टनरशिप पर ज़ोर

सारांश

डेनमार्क की मेटे फ्रेडरिक्सन लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनी हैं। पीएम मोदी ने एक्स पर बधाई देते हुए ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प दोहराया। 19 मई को ओस्लो में हुई दोनों नेताओं की हालिया बैठक में निवेश, AI और रक्षा सहयोग पर चर्चा हो चुकी है — फ्रेडरिक्सन का तीसरा कार्यकाल इस एजेंडे की निरंतरता पक्की करता है।

मुख्य बातें

मेटे फ्रेडरिक्सन लगातार तीसरी बार डेनमार्क की प्रधानमंत्री बनीं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने 3 जून को एक्स पर बधाई देकर भारत-डेनमार्क संबंधों को और गहरा करने की बात कही।
दोनों देशों की ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और हरित प्रौद्योगिकी पर केंद्रित है।
19 मई को ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के इतर मोदी-फ्रेडरिक्सन की मुलाक़ात हुई थी।
मोदी ने डेनिश पेंशन फंड्स को भारत में निवेश और डेनिश कंपनियों को GIFT सिटी में मौजूदगी का निमंत्रण दिया था।

डेनमार्क की मेटे फ्रेडरिक्सन ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की ज़िम्मेदारी संभाली है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जून को उन्हें बधाई देते हुए भारत-डेनमार्क संबंधों को और गहरा करने का संकल्प दोहराया। मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से दी गई शुभकामनाओं में दोनों देशों की ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को अगले दौर में ले जाने पर ज़ोर दिया।

मोदी का बधाई संदेश

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘अपनी मित्र फ्रेडरिक्सन को डेनमार्क की प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीसरी बार पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई देता हूं।’ उन्होंने आगे कहा कि भारत और डेनमार्क के संबंध ‘आपसी विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और सतत विकास के प्रति समान प्रतिबद्धता’ पर टिके हैं।

ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दायरा

मोदी ने विश्वास जताया कि फ्रेडरिक्सन के नेतृत्व में दोनों देशों की ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप और मज़बूत होगी। यह साझेदारी स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, हरित प्रौद्योगिकी, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है। हाल के वर्षों में दोनों देशों ने हरित ऊर्जा, जल प्रबंधन, शहरी विकास और नवाचार के मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है।

ओस्लो की हालिया बैठक

गौरतलब है कि 19 मई को पीएम मोदी ने पांच देशों की यात्रा के दौरान ओस्लो में फ्रेडरिक्सन से मुलाक़ात की थी। तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के इतर हुई इस बैठक में मोदी ने डेनमार्क के पेंशन फंड्स को भारत में निवेश बढ़ाने का निमंत्रण दिया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत हुई प्रगति का स्वागत किया था और हरित परिवर्तन को बढ़ावा देने के संयुक्त प्रयासों को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी थी।

रक्षा, AI और GIFT सिटी पर सहयोग

ओस्लो बैठक में दोनों नेताओं ने नई एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, संचार, उन्नत शोध, स्टार्टअप और शैक्षणिक आदान-प्रदान में सहयोग को मज़बूत करने का फ़ैसला किया था। रक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई थी। मोदी ने डेनमार्क की कंपनियों को गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT सिटी) में मौजूदगी स्थापित करने का निमंत्रण भी दिया था।

आगे क्या

दिल्ली का संदेश साफ़ है — फ्रेडरिक्सन के नए कार्यकाल में ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप ही भारत-डेनमार्क संबंधों की धुरी बनी रहेगी, और निवेश, जलवायु तथा तकनीक के मोर्चे पर नए समझौतों की ज़मीन तैयार हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

डेनमार्क का स्थिर नेतृत्व ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को ठोस निवेश और तकनीक हस्तांतरण में बदलने का दुर्लभ अवसर देता है। असली परीक्षा बधाई संदेशों से आगे है — क्या पेंशन फंड का पैसा वाक़ई भारत के हरित बुनियादी ढाँचे में उतरता है, और क्या GIFT सिटी डेनिश कंपनियों के लिए आकर्षक केंद्र बन पाती है। प्रतीक मज़बूत हैं; अब आँकड़े बोलने चाहिए।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेटे फ्रेडरिक्सन कौन हैं और वह कितनी बार डेनमार्क की PM बनी हैं?
मेटे फ्रेडरिक्सन डेनमार्क की प्रधानमंत्री हैं और उन्होंने लगातार तीसरी बार यह पदभार ग्रहण किया है। वह सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी से जुड़ी हैं और जलवायु तथा हरित ऊर्जा एजेंडे पर मुखर रही हैं।
भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप क्या है?
यह दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक ढाँचा है जो स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, हरित प्रौद्योगिकी, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित है। साझेदारी का लक्ष्य दोनों देशों में हरित परिवर्तन को तेज़ करना और संयुक्त नवाचार को बढ़ावा देना है।
पीएम मोदी और फ्रेडरिक्सन की हालिया मुलाक़ात कब और कहाँ हुई थी?
दोनों नेताओं की हालिया मुलाक़ात 19 मई को ओस्लो में हुई थी, जब पीएम मोदी पांच देशों की यात्रा पर थे। यह बैठक तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के इतर हुई थी।
ओस्लो बैठक में किन मुद्दों पर सहयोग की बात हुई?
दोनों नेताओं ने नई एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप, शैक्षणिक आदान-प्रदान, रक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में सहयोग को मज़बूत करने पर चर्चा की थी। मोदी ने डेनिश पेंशन फंड्स को भारत में निवेश और डेनिश कंपनियों को GIFT सिटी में मौजूदगी स्थापित करने का निमंत्रण भी दिया था।
मोदी का बधाई संदेश कहाँ पोस्ट हुआ?
पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से फ्रेडरिक्सन को बधाई संदेश पोस्ट किया। इसमें उन्होंने उन्हें ‘अपनी मित्र’ संबोधित किया और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक संबंधों को और घनिष्ठ बनाने की उम्मीद जताई।
राष्ट्र प्रेस
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