क्या पेंटागन के पूर्व अधिकारी की चेतावनी से वेनेजुएला पर अमेरिकी रुख की विश्वसनीयता खतरे में है?

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क्या पेंटागन के पूर्व अधिकारी की चेतावनी से वेनेजुएला पर अमेरिकी रुख की विश्वसनीयता खतरे में है?

सारांश

क्या वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की विश्वसनीयता पर पेंटागन के पूर्व अधिकारी डेव लापन की चेतावनी गंभीर है? जानिए उनके विचारों को और कैसे यह कार्रवाई दुनिया में अमेरिका की छवि को प्रभावित कर सकती है।

Key Takeaways

  • वेनेजुएला में हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कानूनी आधार पर प्रश्न उठते हैं।
  • सेवानिवृत्त कर्नल डेव लापन ने कार्रवाई की पारदर्शिता की कमी की ओर इशारा किया।
  • इस कार्रवाई से अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
  • कांग्रेस की मंजूरी के बिना सैन्य कार्रवाई पर गंभीर विचार करने की आवश्यकता है।
  • अमेरिकी मित्र देशों के बीच असमंजस उत्पन्न हो रहा है।

वाशिंगटन, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पेंटागन के पूर्व प्रेस सचिव ने वेनेजुएला में हाल ही में की गई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। उनका कहना है कि इस कार्रवाई का कानूनी आधार क्या था, इसका उद्देश्य क्या था और इसका दुनिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इन मामलों में अभी भी स्पष्टता नहीं आई है। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप प्रशासन द्वारा दिए गए विभिन्न विरोधाभासी बयानों से अमेरिका की विश्वसनीयता उसके मित्र देशों और साझेदारों के सामने प्रभावित हो सकती है।

राष्ट्र प्रेस को दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में, सेवानिवृत्त अमेरिकी मरीन कर्नल डेव लापन ने कहा कि कार्रवाई के कई दिन बाद भी वेनेजुएला अभियान के संबंध में महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर नहीं मिले हैं। डेव पहले पेंटागन के प्रेस सचिव रह चुके हैं और बाद में होमलैंड सिक्योरिटी विभाग में मीडिया संबंधों के डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

लापन ने कहा, "भले ही ऑपरेशन हुए कई दिन बीत चुके हैं, फिर भी कई ऐसे प्रश्न हैं जिनके उत्तर नहीं मिले हैं।" उन्होंने बताया कि सरकार ने इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग तर्क दिए हैं, जो कई बार एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।

उन्होंने सवाल उठाया, "क्या यह किसी कथित ड्रग तस्कर की गिरफ्तारी के लिए किया गया ऑपरेशन था, या वेनेजुएला से तेल प्राप्त करने की कोशिश थी, या फिर वहां की सरकार को बदलने का इरादा था? इन प्रश्नों पर सरकार की ओर से कई अलग-अलग स्पष्टीकरण दिए गए हैं, जो कई मामलों में विरोधाभासी हैं।"

लापन ने कहा कि इस तरह की अस्पष्टता के कारण न केवल आम अमेरिकी नागरिकों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि असल में हुआ क्या है और आगे क्या होने वाला है।

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान और इराक में भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयां हुई थीं, लेकिन दोनों मामलों में एक बड़ा अंतर था। अफगानिस्तान और इराक में युद्ध को आधिकारिक रूप से घोषित किया गया था और उन्हें कांग्रेस की मंजूरी मिली थी। लेकिन वेनेज़ुएला के मामले में ऐसा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, "भले ही यह इराक या अफगानिस्तान जैसा बड़ा ऑपरेशन नहीं था, लेकिन इसमें सैन्य बल और घातक बल का उपयोग किया गया था। दर्जनों लोग मारे गए और अमेरिकी सैनिक घायल हुए। कांग्रेस ने न तो इस ऑपरेशन को अधिकृत किया और न ही उन्हें इसकी पूर्व सूचना दी गई थी। ऑपरेशन समाप्त होने तक उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई थी।" उन्होंने इसे कई मायनों में अनदेखी और नई स्थिति बताया।

वहीं, सैन्य दृष्टि से देखें तो लापन ने माना कि यह ऑपरेशन काफी सफल रहा। लेकिन उन्होंने सरकार के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया कि यह मुख्य रूप से एक कानून-प्रवर्तन ऑपरेशन था, जिसे सेना का समर्थन मिला। लापन ने कहा कि कई कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह तर्क काफी नहीं है और यही बात सबसे ज्यादा चिंता पैदा करती है।

एक वरिष्ठ प्रवक्ता के रूप में अपने अनुभव को याद करते हुए, लापन ने इस ऑपरेशन की जानकारी देने के तरीके की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पहले पेंटागन की कोशिश रहती थी कि जल्दी और सही जानकारी दी जाए, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन ने पेंटागन की बजाय व्हाइट हाउस में रिपोर्टर्स को जानकारी दी, और पेंटागन की स्थायी प्रेस टीम को वास्तव में समाप्त कर दिया गया है।

लापन ने चेतावनी दी कि इस तरह की स्थिति से भ्रम और अविश्वास बढ़ता है। इससे यह प्रश्न भी उठता है कि अमेरिकी सेना की भूमिका क्या होनी चाहिए, खासकर तब, जब कांग्रेस की मंजूरी के बिना विदेशों में या देश के भीतर उसका इस्तेमाल किया जाए।

उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की यह कार्रवाई विदेशों में भी गलत संदेश भेजती है। इससे यूरोप और एशिया में मौजूद अमेरिका के मित्र और साझेदार देशों के बीच असमंजस पैदा होता है। उन्हें सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि क्या संधियों का अब कोई महत्व है।

लापन ने अंत में कहा, "इससे सीधे तौर पर अमेरिका की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है। साझेदार देशों को यह प्रश्न पूछना पड़ता है कि क्या अब अमेरिका पर भरोसा किया जा सकता है। और यह कहना बहुत दुखद है।"

Point of View

बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। जब हम अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बात करते हैं, तो स्पष्टता और विश्वसनीयता अनिवार्य हैं।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या वेनेजुएला की सैन्य कार्रवाई अमेरिका के लिए सही है?
यह कार्रवाई कई कानूनी प्रश्न उठाती है और इससे अमेरिका की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
डेव लापन कौन हैं?
डेव लापन एक सेवानिवृत्त अमेरिकी मरीन कर्नल हैं और पूर्व पेंटागन के प्रेस सचिव रह चुके हैं।
क्या अमेरिका की सैन्य कार्रवाई हमेशा कानूनी होती है?
नहीं, कई बार अमेरिकी सैन्य कार्रवाई बिना कांग्रेस की मंजूरी के होती है, जैसे कि वेनेजुएला में।
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