पाकिस्तान पर IMF का शिकंजा: $7 अरब EFF प्रोग्राम में जोड़ी गई 11 नई शर्तें, SEZ और टैक्स छूट पर कड़ी नज़र

Click to start listening
पाकिस्तान पर IMF का शिकंजा: $7 अरब EFF प्रोग्राम में जोड़ी गई 11 नई शर्तें, SEZ और टैक्स छूट पर कड़ी नज़र

सारांश

IMF ने पाकिस्तान के $7 अरब EFF कार्यक्रम में 11 नई शर्तें थोप दी हैं — SEZ टैक्स छूट को दस साल में खत्म करने से लेकर रेगुलेटरी रजिस्ट्री बनाने तक। ऊपर से UAE ने $3.5 अरब वापस लिए। आर्थिक तंगी में डूबे पाकिस्तान के लिए यह दोहरी मार है।

Key Takeaways

  • IMF ने पाकिस्तान के $7 अरब के EFF प्रोग्राम में 11 नई शर्तें जोड़ी हैं।
  • SEZ एक्ट और स्पेशल टेक्नोलॉजी ज़ोन्स अथॉरिटी एक्ट में संशोधन की शर्त — टैक्स छूट अगले 10 वर्षों में चरणबद्ध समाप्ति।
  • कराची में 6,000 एकड़ ज़मीन SEZ डेवलपर्स को मुफ्त लीज़ देने की योजना IMF की नज़र में।
  • UAE ने पाकिस्तान से $3.5 अरब की जमा राशि वापस ली, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा।
  • सरकारी खरीद में पारदर्शिता के लिए विश्व बैंक-समर्थित e-PADS प्रणाली लागू करने की शर्त।
  • ऊँची ब्याज दरों से निवेश और निर्यात दोनों प्रभावित, अर्थव्यवस्था की रफ्तार सुस्त।

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक बार फिर दबाव बढ़ा दिया है। बिज़नेस रिकॉर्डर की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, IMF ने पाकिस्तान के $7 अरब के चल रहे एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) कार्यक्रम में 11 नई शर्तें जोड़ दी हैं। 28 अप्रैल 2026 को सामने आई यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान की बाहरी आर्थिक स्थिति पहले से ही गंभीर दबाव में है।

नई शर्तों में क्या है खास

रिपोर्ट के अनुसार, IMF की प्रमुख शर्तों में से एक यह है कि पाकिस्तान सरकार स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन्स (SEZ) एक्ट और स्पेशल टेक्नोलॉजी ज़ोन्स अथॉरिटी एक्ट में संशोधन करे। इसका उद्देश्य मौजूदा टैक्स छूट जैसी सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना और मुनाफे-आधारित राहत की जगह लागत-आधारित राहत लागू करना है।

इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी उजागर किया गया है कि पाकिस्तान सरकार कराची में 6,000 एकड़ ज़मीन SEZ डेवलपर्स को बिना किसी शुल्क के लीज़ पर देने की योजना बना रही है — एक कदम जिस पर IMF की नज़र टिकी हुई है।

अक्टूबर 2024 की शर्तों से जुड़ाव

अक्टूबर 2024 में IMF के दस्तावेज़ों में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि पाकिस्तान की टैक्स प्रणाली का उपयोग रियल एस्टेट, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा जैसे कई खास क्षेत्रों को छूट देने के लिए किया जा रहा है, जो पारदर्शी नहीं है। गौरतलब है कि SEZ की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

इसी के मद्देनज़र IMF ने शर्त रखी है कि मौजूदा SEZ को अगले दस वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाए और कोई नया SEZ स्थापित न किया जाए। साथ ही, व्यापारिक माहौल सुधारने के लिए एक रेगुलेटरी रजिस्ट्री बनाने की भी शर्त रखी गई है।

सरकारी खरीद में पारदर्शिता की माँग

रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2024 की शर्तों में यह भी शामिल था कि पाकिस्तान सरकार केंद्र और प्रांतीय स्तर पर सभी सरकारी खरीद में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करे। इसके लिए विश्व बैंक की सहायता से विकसित इलेक्ट्रॉनिक पाकिस्तान एक्विज़िशन एंड डिस्पोज़ल सिस्टम (e-PADS) प्रणाली को लागू किया जाएगा।

UAE का झटका और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव

इस बीच, पाकिस्तान की कमज़ोर आर्थिक स्थिति एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान से अपने $3.5 अरब के जमा पैसे वापस ले लिए हैं, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर तत्काल दबाव बढ़ गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक सक्रियता दिखा रहा था।

आर्थिक सुधार की राह में बाधाएँ

हालाँकि पाकिस्तान में महँगाई में कुछ हद तक कमी आई है, लेकिन IMF की सलाह पर ब्याज दरें अभी भी ऊँची बनी हुई हैं। इससे निवेश और निर्यात दोनों प्रभावित हो रहे हैं और अर्थव्यवस्था धीमी रफ्तार में फँसी हुई है। आलोचकों का कहना है कि बाहरी ऋणदाताओं पर अत्यधिक निर्भरता और संरचनात्मक सुधारों की धीमी गति पाकिस्तान को एक दीर्घकालिक संकट की ओर धकेल रही है। आने वाले महीनों में IMF की इन शर्तों पर पाकिस्तान की अनुपालन क्षमता ही तय करेगी कि अगली किस्त समय पर मिलेगी या नहीं।

Point of View

वे IMF की नज़र में पारदर्शिता की सबसे बड़ी बाधा हैं। UAE के $3.5 अरब की वापसी यह भी बताती है कि पारंपरिक मित्र देश भी अब बिना शर्त समर्थन देने से हिचकिचा रहे हैं। बिना घरेलू राजस्व आधार मज़बूत किए और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाए, पाकिस्तान IMF के ऋण चक्र से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं दिखता।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

IMF ने पाकिस्तान के EFF प्रोग्राम में कितनी नई शर्तें जोड़ी हैं?
बिज़नेस रिकॉर्डर की रिपोर्ट के अनुसार, IMF ने पाकिस्तान के $7 अरब के EFF कार्यक्रम में 11 नई शर्तें जोड़ी हैं। इनमें SEZ टैक्स छूट की समाप्ति, रेगुलेटरी रजिस्ट्री निर्माण और e-PADS प्रणाली लागू करना प्रमुख हैं।
पाकिस्तान के SEZ पर IMF की क्या आपत्ति है?
IMF का कहना है कि SEZ में दी जाने वाली टैक्स छूट पारदर्शी नहीं है और इससे राजस्व का नुकसान होता है। शर्त रखी गई है कि मौजूदा SEZ को अगले दस वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाए और कोई नया SEZ न बनाया जाए।
UAE ने पाकिस्तान से पैसे क्यों वापस लिए?
रिपोर्ट के अनुसार, UAE ने पाकिस्तान से अपने $3.5 अरब के जमा पैसे वापस ले लिए हैं, जिससे पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर तत्काल दबाव बढ़ा है। इसके पीछे की विस्तृत वजह रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं की गई है।
e-PADS सिस्टम क्या है और इसे क्यों लागू करने को कहा गया है?
e-PADS यानी इलेक्ट्रॉनिक पाकिस्तान एक्विज़िशन एंड डिस्पोज़ल सिस्टम, विश्व बैंक की मदद से बनाई गई सरकारी खरीद प्रणाली है। IMF ने शर्त रखी है कि केंद्र और प्रांतीय स्तर पर सभी सरकारी खरीद में पारदर्शिता के लिए इस प्रणाली का उपयोग किया जाए।
पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक स्थिति कैसी है?
पाकिस्तान में महँगाई में कुछ कमी आई है, लेकिन IMF की सलाह पर ब्याज दरें अभी भी ऊँची हैं, जिससे निवेश और निर्यात दोनों प्रभावित हैं। UAE द्वारा $3.5 अरब की जमा राशि वापसी के बाद विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव है और कुल मिलाकर बाहरी आर्थिक स्थिति कमज़ोर बनी हुई है।
Nation Press