जयशंकर का 11वें राजदूत सम्मेलन में संबोधन: अस्थिर विश्व में भारतीय कूटनीति देश हित को आगे बढ़ाने को तैयार
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सारांश
जयशंकर ने 11वें राजदूत सम्मेलन में साफ संदेश दिया — भारतीय कूटनीति अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रूप से राष्ट्रहित-केंद्रित है। साथ ही इक्वाडोर के साथ व्यापार, स्वास्थ्य और डिजिटल सहयोग की नई नींव रखी गई, और इक्वाडोर ने इसरो सोलर अलायंस व IBCA में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू की।
Key Takeaways
- विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 29 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में 11वें राजदूतों और उच्चायुक्तों के सम्मेलन को संबोधित किया।
- जयशंकर ने कहा कि भारतीय कूटनीति अस्थिर विश्व में देश के हितों और लक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए तैयार है।
- इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो के साथ व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल और कैपेसिटी बिल्डिंग पर सहयोग बढ़ाने की चर्चा हुई।
- इक्वाडोर ने इसरो सोलर अलायंस और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू की।
- क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स की फंडिंग पर समझौता हुआ, जो भारत-इक्वाडोर विकास साझेदारी को मज़बूत करेगा।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 29 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 11वें राजदूतों और उच्चायुक्तों के सम्मेलन में भारत के उच्चायुक्तों, राजदूतों और विदेश मंत्रालय (MEA) के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक अस्थिर और उथल-पुथल भरी दुनिया में भारतीय कूटनीति देश के हितों को आगे बढ़ाने और राष्ट्रीय लक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सम्मेलन में मुख्य संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सम्मेलन की तस्वीर साझा करते हुए जयशंकर ने लिखा,
Point of View
लेकिन इस बार इसे राजदूतों के सामने दोहराना एक स्पष्ट संकेत है कि विदेश सेवा को निष्क्रिय प्रतिनिधित्व से आगे बढ़कर सक्रिय रणनीतिक भूमिका निभानी होगी। इक्वाडोर जैसे लैटिन अमेरिकी देशों के साथ जुड़ाव भारत की 'ग्लोबल साउथ' रणनीति का हिस्सा है, जो पश्चिम और चीन दोनों से स्वतंत्र एक बहुध्रुवीय विदेश नीति की दिशा में बढ़ रही है।
NationPress
29/04/2026
Frequently Asked Questions
11वें राजदूतों और उच्चायुक्तों के सम्मेलन में क्या हुआ?
29 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत के राजदूतों, उच्चायुक्तों और MEA के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने पिछले दशक में भारत के वैश्विक जुड़ाव में हुई वृद्धि को रेखांकित किया और भारतीय कूटनीति को राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्ध बताया।
जयशंकर ने भारतीय कूटनीति के बारे में क्या कहा?
जयशंकर ने कहा कि एक अस्थिर और उथल-पुथल भरी दुनिया में भारतीय कूटनीति देश के हित को आगे बढ़ाने और राष्ट्रीय लक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए तैयार है। उन्होंने पिछले दशक में भारत के वैश्विक जुड़ाव में हुई उल्लेखनीय वृद्धि को भी स्वीकार किया।
इक्वाडोर की विदेश मंत्री की भारत यात्रा का क्या परिणाम रहा?
इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो की भारत यात्रा के दौरान व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल और कैपेसिटी बिल्डिंग में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। इक्वाडोर ने इसरो सोलर अलायंस और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया।
इसरो सोलर अलायंस और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस क्या हैं?
इसरो सोलर अलायंस भारत के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय सौर ऊर्जा सहयोग पहल है। इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए भारत की अगुवाई में बना एक वैश्विक गठबंधन है, और इक्वाडोर ने दोनों में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू की है।
क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स पर भारत-इक्वाडोर समझौता क्या है?
भारत और इक्वाडोर के बीच क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए फंडिंग पर समझौता हुआ है। जयशंकर के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों की विकास साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।