8 अक्टूबर 2026
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सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हमले की भारत ने कड़ी निंदा की, 3 मृत, 36 घायल

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सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हमले की भारत ने कड़ी निंदा की, 3 मृत, 36 घायल

सारांश

भारत ने सऊदी अरब के दो प्रमुख हवाई अड्डों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए नागरिक ढाँचे को निशाना बनाने को सर्वथा अस्वीकार्य बताया। हूती विद्रोहियों के दावों के बीच 3 मौतें और 36 घायल — यह 2022 के संघर्षविराम के बाद सबसे बड़ी हिंसक भड़काव मानी जा रही है।

मुख्य बातें

भारतीय विदेश मंत्रालय ने 8 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।
हमलों में 3 लोगों की मौत और 36 घायल ; सभी घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया।
निशाना बने हवाई अड्डे: आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, रियाद ।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले की ज़िम्मेदारी ली।
सऊदी गठबंधन ने हूतियों की दो बैलिस्टिक मिसाइलें बीच में ही रोकीं; जवाबी हवाई हमले तेज़।
यह हिंसा 2022 के संयुक्त राष्ट्र -मध्यस्थ संघर्षविराम के बाद की सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने 8 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए अलग-अलग हमलों की कड़ी निंदा की। सऊदी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हो गए। भारत ने इस संकट की घड़ी में सऊदी अरब की सरकार और जनता के साथ एकजुटता व्यक्त की।

भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम नागरिकों से जुड़े स्थानों और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। मंत्रालय ने उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की जिन्होंने अपने प्रियजनों को इन हमलों में खोया है, और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

मंत्रालय ने आगे कहा, 'हम इस कठिन समय में सऊदी अरब की जनता और सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।' यह बयान भारत-सऊदी अरब के बीच मज़बूत रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की पृष्ठभूमि में आया है।

हमलों का विवरण

सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने पुष्टि की कि मंगलवार और बुधवार को दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अलग-अलग हमलों में निशाना बनाया गया। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया और दोनों स्थानों पर संपत्ति को नुकसान पहुँचने की भी सूचना है।

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने दावा किया कि किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कई ड्रोनों से निशाना बनाया गया। साथ ही बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से अब्हा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा दक्षिण-पश्चिमी असीर इलाके में खामिस मुशैत के निकट स्थित किंग खालिद एयर बेस पर भी हमला किया गया।

गठबंधन की जवाबी कार्रवाई

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि उसने हूती विद्रोहियों की दो बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया — एक रियाद के उत्तर में और दूसरी खामिस मुशैत की ओर आ रही थी। इसके साथ ही सऊदी बलों ने अपने हवाई हमले भी तेज़ कर दिए हैं।

हूती समूह का दावा है कि सना, ताइज़, सादा, अल-जौफ, मारिब और अमरान में कुल 156 हवाई और मिसाइल हमले किए गए। यह आँकड़ा रिपोर्टों पर आधारित है और स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि हाल की यह हिंसा 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम के बाद सबसे बड़े तनाव के रूप में देखी जा रही है। उस संघर्षविराम के बाद युद्धग्रस्त यमन में बड़े पैमाने पर लड़ाई काफी हद तक थम गई थी, किंतु ताज़ा घटनाक्रम दर्शाता है कि टकराव फिर तेज़ हो रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में व्यापक भू-राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है। भारत की यह तीखी प्रतिक्रिया उसकी 'नागरिकों की सुरक्षा' और 'आतंकवाद के विरुद्ध शून्य-सहिष्णुता' की स्थापित विदेश नीति के अनुरूप है।

आगे क्या होगा

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब इस बात पर हैं कि क्या संयुक्त राष्ट्र एक बार फिर सक्रिय मध्यस्थता की भूमिका निभाएगा। भारत समेत कई देशों की निंदा के बाद कूटनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है, हालाँकि ज़मीनी संघर्ष में शीघ्र शांति की उम्मीद फिलहाल कम दिख रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना ही रणनीतिक भी। ध्यान देने योग्य है कि भारत ने हमलावर पक्ष का नाम सार्वजनिक बयान में सीधे नहीं लिया — यह उसकी 'सभी पक्षों से संवाद' की परंपरागत नीति को दर्शाता है। 2022 के संघर्षविराम का टूटना दर्शाता है कि यमन संकट का कोई स्थायी राजनीतिक समाधान अभी नहीं निकला है, और जब तक वैश्विक समुदाय वार्ता की मेज़ पर लौटने के लिए ठोस दबाव नहीं बनाता, नागरिक ढाँचे पर हमले रुकने की संभावना नहीं है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हमलों की निंदा क्यों की?
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिक स्थानों और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भारत के सऊदी अरब के साथ मज़बूत द्विपक्षीय संबंध हैं और लाखों भारतीय नागरिक वहाँ कार्यरत हैं, जो इस निंदा को कूटनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बनाता है।
सऊदी अरब के किन हवाई अड्डों पर हमला हुआ?
मंगलवार और बुधवार को दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने दोनों स्थानों पर संपत्ति के नुकसान की पुष्टि की।
इन हमलों में कितने लोगों की जान गई और कितने घायल हुए?
सऊदी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में 3 लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हुए। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया।
इन हमलों की ज़िम्मेदारी किसने ली?
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले और अब्हा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा खामिस मुशैत के निकट किंग खालिद एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल व ड्रोन हमलों की ज़िम्मेदारी ली।
क्या यह संघर्ष पहले से जारी था?
हाँ, सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच यमन के संदर्भ में यह संघर्ष वर्षों से चल रहा है। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से संघर्षविराम हुआ था, जिसके बाद बड़े पैमाने की लड़ाई काफी हद तक थमी थी। ताज़ा हमले उस संघर्षविराम के बाद की सबसे बड़ी हिंसक बढ़ोतरी माने जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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