8 अक्टूबर 2026
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हांगकांग के 125 वर्ष पुराने खालसा दीवान गुरुद्वारे में भारतीय राजदूत दोराईस्वामी का मत्था टेकना, सिख समुदाय से की सार्थक मुलाकात

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हांगकांग के 125 वर्ष पुराने खालसा दीवान गुरुद्वारे में भारतीय राजदूत दोराईस्वामी का मत्था टेकना, सिख समुदाय से की सार्थक मुलाकात

सारांश

चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने हांगकांग के 125 वर्ष पुराने खालसा दीवान गुरुद्वारे में मत्था टेका, सिख समुदाय की सराहना की और कांसुलर सेवाओं की समीक्षा की — भारत-चीन संबंधों की जटिल पृष्ठभूमि में यह यात्रा डायस्पोरा कूटनीति को नई ऊर्जा देती है।

मुख्य बातें

राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने 8 अक्टूबर 2026 को हांगकांग के 125 वर्ष पुराने खालसा दीवान गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका।
प्रबंधक समिति के सदस्यों से मुलाकात में सिख समुदाय की सांस्कृतिक व समाज कल्याण सेवाओं की सराहना की गई।
एशिया सोसाइटी हांगकांग में 'आज के भारत पर बातचीत' कार्यक्रम में भारत की आर्थिक प्रगति और विदेश नीति पर संबोधन दिया।
राजदूत ने एशिया सोसाइटी हांगकांग सेंटर के चेयरमैन रॉनी चान से अलग बैठक की।
महावाणिज्य दूत राजेश एन.
नाइक ने भारतीय वाणिज्य दूतावास में राजदूत का स्वागत किया — यह हांगकांग मिशन की उनकी पहली यात्रा बताई जा रही है।
इंडिया एसोसिएशन हांगकांग और FIPHK के प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद किया गया।

चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने 8 अक्टूबर 2026 को हांगकांग के ऐतिहासिक खालसा दीवान गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका और वहाँ की प्रबंधक समिति के सदस्यों से विस्तृत बातचीत की। यह गुरुद्वारा 125 वर्ष से अधिक पुराना है और हांगकांग में सिख एवं भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक पहचान का केंद्र रहा है।

सिख समुदाय की सेवा को सराहना

राजदूत दोराईस्वामी ने प्रबंधक समिति के सदस्यों की दशकों से चली आ रही सांस्कृतिक और समाज कल्याण सेवाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय की सेवा, कड़ी मेहनत और सामाजिक योगदान ने हांगकांग में भारतीयों का मान बढ़ाया है। हांगकांग में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अपनी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में इस यात्रा की जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत ने समुदाय को यह भरोसा भी दिलाया कि वाणिज्य दूतावास की टीम हर समय उनकी सहायता के लिए तत्पर रहेगी।

एशिया सोसाइटी में भारत की तरक्की पर संबोधन

इसी दौरे के अंतर्गत राजदूत दोराईस्वामी ने एशिया सोसाइटी हांगकांग में आयोजित 'अ कन्वर्सेशन ऑन इंडिया टुडे' (आज के भारत पर बातचीत) कार्यक्रम को भी संबोधित किया। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति, विदेश नीति और विकास प्राथमिकताओं पर अपने विचार रखे तथा दर्शकों के सवालों के जवाब दिए।

कार्यक्रम के पश्चात् राजदूत दोराईस्वामी ने एशिया सोसाइटी हांगकांग सेंटर के चेयरमैन रॉनी चान के साथ एक अलग बैठक की। गौरतलब है कि यह बैठक भारत-हांगकांग व्यापार और कूटनीतिक सहयोग के व्यापक संदर्भ में अहम मानी जा रही है।

वाणिज्य दूतावास में कांसुलर सेवाओं की समीक्षा

राजदूत दोराईस्वामी ने हांगकांग स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास का दौरा किया, जहाँ उनका स्वागत हांगकांग में भारत के महावाणिज्य दूत राजेश एन. नाइक ने किया। यह राजदूत की हांगकांग मिशन की पहली यात्रा बताई जा रही है।

वाणिज्य दूतावास ने अपनी एक्स पोस्ट में बताया कि राजदूत ने अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की तथा कुशल कांसुलर सेवाओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कांसुलर अनुभाग का सीधा निरीक्षण किया और वहाँ सेवाएँ प्राप्त कर रहे आवेदकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की।

भारतीय समुदाय संगठनों से संवाद

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को, राजदूत दोराईस्वामी ने इंडिया एसोसिएशन हांगकांग और फोरम ऑफ इंडियन प्रोफेशनल्स हांगकांग (FIPHK) के प्रतिनिधियों के साथ भारतीय वाणिज्य दूतावास में संवाद किया। इन संगठनों की हांगकांग में भारतीय समुदाय के लिए निरंतर सेवाओं की उन्होंने सराहना की।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-चीन संबंधों में हालिया हलचल के बीच हांगकांग में भारतीय समुदाय के साथ कूटनीतिक संपर्क को मज़बूत करने की कोशिशें बढ़ी हैं। राजदूत दोराईस्वामी की यह यात्रा डायस्पोरा कूटनीति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भले ही वहाँ का राजनीतिक माहौल बदल चुका हो। हालाँकि, कांसुलर सेवाओं की समीक्षा और समुदाय संगठनों से संवाद की असली कसौटी यह होगी कि आम भारतीय प्रवासी को व्यवहार में कितनी राहत मिलती है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने हांगकांग में कहाँ-कहाँ दौरा किया?
राजदूत दोराईस्वामी ने 8 अक्टूबर 2026 को खालसा दीवान गुरुद्वारा साहिब, एशिया सोसाइटी हांगकांग और भारतीय वाणिज्य दूतावास का दौरा किया। इसके अलावा बुधवार को इंडिया एसोसिएशन हांगकांग और FIPHK के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।
हांगकांग का खालसा दीवान गुरुद्वारा साहिब क्यों खास है?
खालसा दीवान गुरुद्वारा साहिब 125 वर्षों से भी अधिक समय से हांगकांग में सिख और भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक पहचान का केंद्र रहा है। यह हांगकांग के सबसे पुराने भारतीय धार्मिक संस्थानों में से एक है।
भारतीय राजदूत ने हांगकांग में कांसुलर सेवाओं पर क्या कहा?
राजदूत दोराईस्वामी ने वाणिज्य दूतावास अधिकारियों को कुशल कांसुलर सेवाएँ सुनिश्चित करने और आवेदकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कांसुलर अनुभाग का सीधा निरीक्षण कर वहाँ मौजूद आवेदकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत भी की।
'अ कन्वर्सेशन ऑन इंडिया टुडे' कार्यक्रम क्या था?
यह एशिया सोसाइटी हांगकांग में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम था, जिसमें राजदूत दोराईस्वामी ने भारत की आर्थिक प्रगति, विदेश संबंधों और विकास प्राथमिकताओं पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने एशिया सोसाइटी हांगकांग सेंटर के चेयरमैन रॉनी चान से भी अलग बैठक की।
हांगकांग में भारत के महावाणिज्य दूत कौन हैं?
हांगकांग में भारत के महावाणिज्य दूत राजेश एन. नाइक हैं, जिन्होंने भारतीय वाणिज्य दूतावास में राजदूत दोराईस्वामी का स्वागत किया। यह राजदूत की हांगकांग मिशन की पहली यात्रा बताई जा रही है।
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