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क्या ईरान 20 लाख अवैध अफगान प्रवासियों को देश से बाहर भेजने जा रहा है?

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क्या ईरान 20 लाख अवैध अफगान प्रवासियों को देश से बाहर भेजने जा रहा है?

सारांश

ईरान ने 20 लाख अवैध अफगान प्रवासियों को देश से वापस भेजने की योजना बनाई है। यह कदम कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा। क्या यह प्रक्रिया सफल होगी और इसके पीछे के कारण क्या हैं? इस पर हमारी विस्तृत रिपोर्ट पढ़ें।

मुख्य बातें

ईरान 20 लाख अवैध अफगान प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
यह प्रक्रिया कानूनी और सम्मानजनक तरीके से की जाएगी।
अफगानिस्तान में गरीबी और बेरोजगारी खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है।
ईरान की सरकार ने इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए राष्ट्रीय संगठन की नियुक्ति की है।
मानवीय संगठनों ने वापसी पर चिंता जताई है।

काबुल, 18 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। क्षेत्रीय दबाव के बीच, ईरान ने यह घोषणा की है कि वह लगभग 20 लाख अवैध अफगान प्रवासियों को देश से वापस भेजने की तैयारी कर रहा है। ईरान ने आश्वासन दिया है कि यह प्रक्रिया कानूनी तरीके से पूरी की जाएगी।

ईरान के गृहमंत्री इस्कंदर मोमेनी ने सोमवार को मशहद में संवाददाताओं से कहा कि एक नया कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत बिना किसी वैध दस्तावेज के ईरान आए अफगानों को पहले चरण में उनके वतन भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में छह मिलियन से अधिक अफगान नागरिक ईरान में रह रहे हैं और इतनी बड़ी आबादी को संभालने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।

गृहमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को "प्रवासी विरोधी" नहीं समझा जाना चाहिए, बल्कि हर देश के अपने कानून और नियम होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया की निगरानी नेशनल माइग्रेशन ऑर्गनाइजेशन करेगी और सुनिश्चित करेगी कि सभी को अफगानिस्तान वापस भेजने की प्रक्रिया कानूनी और सम्मानजनक तरीके से पूरी हो।

मोमेनी ने बताया कि अधिकांश अफगानों की वापसी खोरासान रजवी सीमा से होगी, जो लंबे समय से दोनों देशों के बीच प्रमुख बिंदु रहा है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान भी सितंबर से अफगान प्रवासियों की वापसी की मुहिम शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

मानवीय संगठनों ने ईरान और पाकिस्तान से बड़े पैमाने पर हो रही वापसी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अफगानिस्तान लौटने वाले लोगों को गरीबी, बेरोजगारी और तालिबान शासन के तहत पाबंदियों का सामना करना पड़ेगा।

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने 17 अगस्त को चेतावनी दी कि पाकिस्तान और ईरान से अब तक 22 लाख से अधिक अफगानों की वापसी हो चुकी है और इसकी वजह से उसके पास फंड तेजी से खत्म हो रहे हैं। एजेंसी ने कहा कि अफगानिस्तान में गरीबी और बेरोजगारी खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है और आधी से अधिक आबादी मानवीय सहायता पर निर्भर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसमें प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय कानूनों का पालन करना आवश्यक है। हमें इस प्रक्रिया का ध्यानपूर्वक अवलोकन करना चाहिए ताकि मानवाधिकारों का उल्लंघन न हो।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान क्यों प्रवासियों को वापस भेज रहा है?
ईरान क्षेत्रीय दबाव और अपनी राष्ट्रीय नीतियों के तहत अवैध प्रवासियों को वापस भेज रहा है।
क्या यह प्रक्रिया कानूनी होगी?
हां, ईरान ने आश्वासन दिया है कि यह प्रक्रिया कानूनी तरीके से पूरी की जाएगी।
कितने अफगान प्रवासी ईरान में रह रहे हैं?
वर्तमान में ईरान में लगभग छह मिलियन अफगान नागरिक रह रहे हैं।
इस प्रक्रिया का अफगानिस्तान पर क्या असर पड़ेगा?
अफगानिस्तान लौटने वाले प्रवासियों को गरीबी और बेरोजगारी का सामना करना पड़ सकता है।
मानवीय संगठनों की प्रतिक्रिया क्या है?
मानवीय संगठनों ने बड़े पैमाने पर वापसी पर चिंता जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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