ईरान ने यूरेनियम संवर्धन रोकने की अमेरिकी मांग को किया खारिज: परमाणु ऊर्जा प्रमुख का बयान
सारांश
Key Takeaways
- यूरेनियम संवर्धन जारी रहेगा, ईरान का स्पष्ट बयान।
- अमेरिकी मांगों को खारिज किया गया है।
- संवर्धन कार्यक्रम को सीमित करने की कोशिशें विफल होंगी।
- अंतरराष्ट्रीय राजनीति में जटिलताएँ बढ़ सकती हैं।
- ईरान का परमाणु कार्यक्रम एक विवादास्पद मुद्दा है।
तेहरान, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान ने अमेरिकी मांगों को दरकिनार करते हुए स्पष्ट किया है कि यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को रोकने का कोई इरादा नहीं है। सीजफायर की घोषणा के बाद ईरान के परमाणु ऊर्जा प्रमुख मोहम्मद इस्लामी का यह बयान स्थिति को और भी जटिल कर सकता है।
सरकार द्वारा समर्थित ईरान स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी (आईएसएनए) ने इस्लामी के हवाले से जानकारी दी। इस्लामी ने कहा, "ईरान के संवर्धन कार्यक्रम को सीमित करने में आक्रामक देशों को सफलता नहीं मिलेगी।"
उनकी यह टिप्पणियाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य अधिकारियों के बयानों के विपरीत हैं, जिन्होंने कहा था कि ईरान में "यूरेनियम का कोई संवर्धन नहीं" होगा।
सीजफायर की घोषणा के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा और हम इस बात पर सहमत हैं कि ईरान ने एक सफल 'सत्ता परिवर्तन' का अनुभव किया है! अब यूरेनियम का संवर्धन नहीं किया जाएगा। अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर, जमीन में दबी हुई सभी परमाणु कणों को निकालने का प्रयास करेगा। कड़ी निगरानी में यह संभव होगा। हम ईरान के साथ टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत देने के मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं।"
मोहम्मद इस्लामी ने कहा, "दुश्मन ईरान के संवर्धन कार्यक्रम को सीमित करने में सफल नहीं होगा," और यह भी बताया कि अमेरिका के साथ बातचीत के लिए यूरेनियम संवर्धन का अधिकार बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी मांगें "कोरी कल्पना" हैं और वे ईरान की परमाणु गतिविधियों को रोक नहीं सकतीं।
इस्लामी ने यह बातें एक पत्रकार वार्ता के दौरान कहीं, जो दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सम्मान में आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा, "कोई भी कानून या व्यक्ति हमें नहीं रोक सकता," और जो भी विरोधी कदम उठाए गए हैं, वे विफल रहे हैं।