होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग से मालवाहक जहाज डूबा, IRGC का दावा; UKMTO ने 2 जहाजों पर हमले की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट एक मालवाहक जहाज बारूदी सुरंग की चपेट में आकर डूब गया। ईरानी मीडिया आउटलेट तस्नीम ने IRGC के हवाले से बताया कि जहाज में 2,500 कंटेनर लदे हुए थे और टक्कर के बाद उसमें आग भी लग गई थी। इसी दिन यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने भी दो कमर्शियल जहाजों पर 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' हमले की अलग-अलग घटनाओं की जानकारी दी।
IRGC का दावा और जहाज का मार्ग
IRGC के अनुसार, मालवाहक जहाज एक ऐसे रास्ते से गुज़र रहा था जो अनधिकृत और खतरनाक घोषित था। IRGC का कहना है कि ईरान पिछले कई दिनों से लगातार चेतावनी दे रहा था कि निर्धारित मार्ग से भटककर चलने वाले जहाजों की ज़िम्मेदारी स्वयं उन पर होगी। कथित तौर पर यह जंग शुरू होने के बाद पहला ऐसा मामला है जब किसी जहाज को बारूदी सुरंग ने डुबोया हो।
जहाज पर सवार लोगों की संख्या और किसी के हताहत होने की स्थिति को लेकर समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
UKMTO द्वारा दर्ज दो अलग घटनाएँ
समुद्री सुरक्षा की निगरानी करने वाली एजेंसी UKMTO ने बताया कि मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में दो अलग-अलग जहाजों पर 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' से हमले हुए। पहली घटना में 50,000 टन का एक कंटेनर जहाज जलडमरूमध्य में प्रवेश करते समय हमले की चपेट में आया — एजेंसी के अनुसार जहाज को मामूली क्षति पहुँची, कोई हताहत नहीं हुआ और वह अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहा।
दूसरी घटना में 19,000 टन का एक कंटेनर जहाज जलमार्ग से बाहर निकलते वक्त एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया। UKMTO के मुताबिक इस जहाज को भी मामूली नुकसान हुआ, कोई घायल नहीं हुआ और यह भी आगे बढ़ता रहा।
व्यापक संदर्भ: होर्मुज और समुद्री तनाव
यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिहाज़ से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। दुनिया के कुल तेल और गैस व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुज़रता है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र पहले भी जहाज़ों पर हमलों, अपहरण और मार्ग-संबंधी विवादों का गवाह रहा है।
ईरान द्वारा 'अनधिकृत मार्ग' की चेतावनी और UKMTO द्वारा 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' के उल्लेख के बीच दोनों घटनाओं की परस्पर पुष्टि या खंडन अभी तक किसी तटस्थ अंतरराष्ट्रीय एजेंसी द्वारा नहीं की गई है।
क्या होगा आगे
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग उद्योग और प्रमुख देशों की नौसेनाएँ इन घटनाओं पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और बीमा दरों पर पड़ सकता है। इन घटनाओं की स्वतंत्र जाँच की माँग तेज़ होने की संभावना है।