14 अक्टूबर 2026
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होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के दो जहाजों पर हमला: GFS Pride डूबा, सभी 43 क्रू सुरक्षित

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होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के दो जहाजों पर हमला: GFS Pride डूबा, सभी 43 क्रू सुरक्षित

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट में तनाव नई ऊँचाई पर — सिंगापुर के दो जहाजों पर हमले में GFS Pride डूबा, 43 क्रू सुरक्षित। IRGC ने समुद्री बारूदी सुरंग का दावा किया, जबकि MPA ने अज्ञात प्रोजेक्टाइल की बात कही। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल-आवागमन मार्ग पर यह ताज़ा हमला वैश्विक शिपिंग के लिए गंभीर खतरे की घंटी है।

मुख्य बातें

होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर-पंजीकृत दो कंटेनर जहाजों पर मंगलवार-बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को हमला हुआ।
GFS Pride में आग लगने के बाद वह डूब गया ; GFS Gizel क्षतिग्रस्त लेकिन लंगरगाह तक पहुँचा।
दोनों जहाजों पर सवार कुल 43 चालक दल के सदस्य सुरक्षित; कोई हताहत नहीं।
IRGC ने दावा किया कि जहाज समुद्री बारूदी सुरंग से टकराया; GFS Pride पर कथित तौर पर 2,500 से अधिक कंटेनर लदे थे।
ईरान ने 28 फरवरी 2026 से अमेरिका और इज़रायल से संबद्ध जहाजों के होर्मुज से गुजरने पर रोक लगा रखी है।
MPA ने होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हमलों पर गहरी चिंता जताई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे सिंगापुर में पंजीकृत दो कंटेनर जहाजों पर मंगलवार और बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किए जाने की खबर है। सिंगापुर के समुद्री और बंदरगाह प्राधिकरण (MPA) ने पुष्टि की कि GFS Pride नामक जहाज आग लगने के बाद डूब गया, जबकि GFS Gizel को बाहरी नुकसान हुआ। दोनों जहाजों पर सवार कुल 43 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

MPA के अनुसार, GFS Pride पर हमले के बाद आग भड़क उठी, जिसके कारण जहाज डूब गया। उस पर सवार 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।

दूसरे जहाज GFS Gizel के बाहरी ढाँचे को नुकसान पहुँचा, लेकिन वह अपनी इंजन शक्ति से सुरक्षित लंगरगाह तक पहुँचने में सफल रहा। इस जहाज पर 22 चालक दल के सदस्य सवार थे और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि दोनों जहाजों में कोई भी सिंगापुरी नागरिक सवार नहीं था।

ईरान का दावा और IRGC का बयान

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने बुधवार को दावा किया कि एक कंटेनर जहाज प्रतिबंधित मार्ग से गुजरने की कोशिश के दौरान एक समुद्री बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया। IRGC के आधिकारिक मीडिया सेपाह न्यूज पर जारी बयान के अनुसार, जहाज होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में उस सुरंग से टकराया, जिसके बाद विस्फोट हुआ और आग लग गई। ईरान ने दावा किया कि डूबे जहाज पर 2,500 से अधिक कंटेनर लदे थे।

ईरानी नौसेना ने क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को पानी में तैरते कंटेनरों से टकराने के खतरे के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी भी दी है।

IRGC कमांडर की चेतावनी

इससे पहले मंगलवार को सरकारी प्रसारक IRIB TV से बातचीत में IRGC नौसेना के कमांडर अली अजमाई ने कहा कि IRGC की नौसेना फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट पर चौबीसों घंटे नियंत्रण रखती है, जबकि ओमान की खाड़ी ईरानी सेना की नौसेना की निगरानी में है।

अजमाई ने दावा किया कि ईरान की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा अभूतपूर्व स्तर पर है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के इच्छुक जहाजों को अनुमति लेनी होगी और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत जवाबदेह होना पड़ेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कथित तौर पर अमेरिकी उकसावे के तहत समुद्री नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के विरुद्ध ईरान निर्णायक कार्रवाई करेगा।

पृष्ठभूमि: होर्मुज पर बढ़ता तनाव

गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ और सख्त कर दी थी। ईरान के अनुसार, अपने क्षेत्र पर अमेरिका और इज़रायल के कथित संयुक्त हमलों के बाद उसने इन दोनों देशों के स्वामित्व वाले या उनसे संबद्ध जहाजों के सुरक्षित आवागमन पर रोक लगा दी थी। MPA ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है।

यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे होकर दुनिया के कच्चे तेल की एक बड़ी मात्रा का परिवहन होता है — पहले से ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए सर्वाधिक संवेदनशील जलमार्गों में से एक बना हुआ है। इस घटना के बाद वैश्विक शिपिंग कंपनियों में क्षेत्र से होकर गुजरने के जोखिम को लेकर चिंता और बढ़ सकती है।

आगे क्या होगा

MPA ने कहा कि वह जहाजों का प्रबंधन करने वाली कंपनी के संपर्क में है और स्थिति की करीबी निगरानी जारी है। हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है, और यह स्पष्ट नहीं है कि हमला समुद्री बारूदी सुरंग से हुआ या किसी अन्य प्रकार के प्रोजेक्टाइल से — दोनों पक्षों के बयान परस्पर विरोधी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री समुदाय और प्रभावित देशों की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया इस तनाव की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरा 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' कहता है — यह दर्शाते हैं कि सूचना-युद्ध भी इन हमलों जितना ही तीखा है। होर्मुज स्ट्रेट, जिससे होकर वैश्विक कच्चे तेल की बड़ी मात्रा गुजरती है, पहले ही सबसे संवेदनशील जलमार्ग बन चुका है; इन हमलों से बीमा प्रीमियम, शिपिंग मार्ग परिवर्तन और ऊर्जा कीमतों पर असर अवश्यंभावी है। सवाल यह है कि सिंगापुर-पंजीकृत तटस्थ जहाज निशाना बने — यह संकेत देता है कि टकराव की सीमारेखा और धुंधली हो रही है, जो भारत सहित उन देशों के लिए चिंताजनक है जिनकी ऊर्जा आपूर्ति इस जलमार्ग पर निर्भर है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के जहाजों पर हमला कब और कैसे हुआ?
सिंगापुर में पंजीकृत दो कंटेनर जहाजों GFS Pride और GFS Gizel पर मंगलवार और बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। MPA के अनुसार GFS Pride में आग लगकर वह डूब गया, जबकि GFS Gizel क्षतिग्रस्त होने के बावजूद सुरक्षित लंगरगाह पहुँचा।
जहाजों पर सवार चालक दल का क्या हुआ?
दोनों जहाजों पर सवार कुल 43 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया — GFS Pride पर 21 और GFS Gizel पर 22। किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है और MPA ने स्पष्ट किया कि दोनों जहाजों में कोई सिंगापुरी नागरिक नहीं था।
IRGC ने इस घटना के बारे में क्या कहा?
IRGC की नौसेना ने दावा किया कि जहाज प्रतिबंधित मार्ग से गुजरने की कोशिश में होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एक समुद्री बारूदी सुरंग से टकराया। IRGC के अनुसार जहाज पर 2,500 से अधिक कंटेनर लदे थे। हालाँकि, यह दावा MPA के 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' के बयान से मेल नहीं खाता।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की मौजूदा नीति क्या है?
ईरान ने 28 फरवरी 2026 से अमेरिका और इज़रायल के स्वामित्व वाले या उनसे संबद्ध जहाजों के होर्मुज से सुरक्षित गुजरने पर रोक लगा रखी है। IRGC कमांडर अली अजमाई ने कहा है कि होर्मुज और फारस की खाड़ी से गुजरने के इच्छुक जहाजों को अनुमति लेनी होगी।
इन हमलों का वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर क्या असर पड़ सकता है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल-परिवहन मार्गों में से एक है। इन हमलों से वाणिज्यिक जहाजों के लिए बीमा प्रीमियम बढ़ सकता है, कंपनियाँ वैकल्पिक मार्ग अपना सकती हैं और ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। MPA ने भी क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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