होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के दो जहाजों पर हमला: GFS Pride डूबा, सभी 43 क्रू सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे सिंगापुर में पंजीकृत दो कंटेनर जहाजों पर मंगलवार और बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किए जाने की खबर है। सिंगापुर के समुद्री और बंदरगाह प्राधिकरण (MPA) ने पुष्टि की कि GFS Pride नामक जहाज आग लगने के बाद डूब गया, जबकि GFS Gizel को बाहरी नुकसान हुआ। दोनों जहाजों पर सवार कुल 43 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
MPA के अनुसार, GFS Pride पर हमले के बाद आग भड़क उठी, जिसके कारण जहाज डूब गया। उस पर सवार 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
दूसरे जहाज GFS Gizel के बाहरी ढाँचे को नुकसान पहुँचा, लेकिन वह अपनी इंजन शक्ति से सुरक्षित लंगरगाह तक पहुँचने में सफल रहा। इस जहाज पर 22 चालक दल के सदस्य सवार थे और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि दोनों जहाजों में कोई भी सिंगापुरी नागरिक सवार नहीं था।
ईरान का दावा और IRGC का बयान
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने बुधवार को दावा किया कि एक कंटेनर जहाज प्रतिबंधित मार्ग से गुजरने की कोशिश के दौरान एक समुद्री बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया। IRGC के आधिकारिक मीडिया सेपाह न्यूज पर जारी बयान के अनुसार, जहाज होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में उस सुरंग से टकराया, जिसके बाद विस्फोट हुआ और आग लग गई। ईरान ने दावा किया कि डूबे जहाज पर 2,500 से अधिक कंटेनर लदे थे।
ईरानी नौसेना ने क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को पानी में तैरते कंटेनरों से टकराने के खतरे के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी भी दी है।
IRGC कमांडर की चेतावनी
इससे पहले मंगलवार को सरकारी प्रसारक IRIB TV से बातचीत में IRGC नौसेना के कमांडर अली अजमाई ने कहा कि IRGC की नौसेना फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट पर चौबीसों घंटे नियंत्रण रखती है, जबकि ओमान की खाड़ी ईरानी सेना की नौसेना की निगरानी में है।
अजमाई ने दावा किया कि ईरान की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा अभूतपूर्व स्तर पर है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के इच्छुक जहाजों को अनुमति लेनी होगी और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत जवाबदेह होना पड़ेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कथित तौर पर अमेरिकी उकसावे के तहत समुद्री नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के विरुद्ध ईरान निर्णायक कार्रवाई करेगा।
पृष्ठभूमि: होर्मुज पर बढ़ता तनाव
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ और सख्त कर दी थी। ईरान के अनुसार, अपने क्षेत्र पर अमेरिका और इज़रायल के कथित संयुक्त हमलों के बाद उसने इन दोनों देशों के स्वामित्व वाले या उनसे संबद्ध जहाजों के सुरक्षित आवागमन पर रोक लगा दी थी। MPA ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है।
यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे होकर दुनिया के कच्चे तेल की एक बड़ी मात्रा का परिवहन होता है — पहले से ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए सर्वाधिक संवेदनशील जलमार्गों में से एक बना हुआ है। इस घटना के बाद वैश्विक शिपिंग कंपनियों में क्षेत्र से होकर गुजरने के जोखिम को लेकर चिंता और बढ़ सकती है।
आगे क्या होगा
MPA ने कहा कि वह जहाजों का प्रबंधन करने वाली कंपनी के संपर्क में है और स्थिति की करीबी निगरानी जारी है। हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है, और यह स्पष्ट नहीं है कि हमला समुद्री बारूदी सुरंग से हुआ या किसी अन्य प्रकार के प्रोजेक्टाइल से — दोनों पक्षों के बयान परस्पर विरोधी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री समुदाय और प्रभावित देशों की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया इस तनाव की दिशा तय करेगी।