क्या किंग चार्ल्स ने राष्ट्रपति मुर्मु को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी और भारत-ब्रिटेन संबंधों की सराहना की?
सारांश
Key Takeaways
- किंग चार्ल्स ने राष्ट्रपति मुर्मु को शुभकामनाएं दीं।
- भारत-ब्रिटेन संबंधों की स्थिरता की सराहना की गई।
- कॉमनवेल्थ के महत्व पर जोर दिया गया।
- जलवायु परिवर्तन पर सहयोग को बढ़ावा देने का स्वागत किया गया।
- भारत की अंतरराष्ट्रीय जलवायु नेतृत्व की प्रशंसा की गई।
लंदन, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र भेजकर भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर भारत सरकार और उसके लोगों को अपनी और रानी कैमिला की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच स्थायी और घनिष्ठ संबंधों की सराहना की।
किंग ने पत्र में भारत और ब्रिटेन के बीच की पक्की साझेदारी की प्रशंसा की, जो कॉमनवेल्थ के शेयर्ड वैल्यूज और आपसी सम्मान पर आधारित है। उन्होंने कॉमनवेल्थ के सदस्य देशों की भूमिका पर गर्व जताया, जो दुनिया भर में समझ और सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
पत्र में उल्लेखित है, "कॉमनवेल्थ की विविधता और इसकी युवा पीढ़ी की ऊर्जा हमें उम्मीद और विकास के लिए प्रेरित करती है। वैश्विक अनिश्चितता के इस समय में, हमारी एकजुटता और सामूहिक शक्ति की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है।"
किंग ने आगे लिखा, "मैं इस साल गर्मियों में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स का भी बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं और अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी के लिए आपको बधाई देता हूं।"
किंग चार्ल्स ने क्लीन एनर्जी पहल, जलवायु वित्त पर सहयोग, और स्वच्छ तकनीक और हरित विकास पर इनिशिएटिव के जरिए भारत-ब्रिटेन साझेदारी को गहरा करने का स्वागत किया। उन्होंने कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे इनिशिएटिव के माध्यम से भारत की अंतरराष्ट्रीय जलवायु नेतृत्व की प्रशंसा की।
पत्र के अंत में लिखा गया, "भारत इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए एक मजबूत वैश्विक आवाज है। मैं और मेरी पत्नी आपको और भारत के सभी लोगों को आने वाले शांतिपूर्ण और खुशहाल वर्ष की शुभकामनाएं देते हैं।"
भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, जो 1950 में संविधान को अपनाने की याद में बनता है। यह अवसर संविधान में निहित न्याय, समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे के मूल सिद्धांतों का पुनः पुष्टि करता है।