क्या दंगाइयों और आतंकवादियों को ईरानी समाज में गड़बड़ी फैलाने की इजाजत नहीं है?: राष्ट्रपति पेजेशकियान
सारांश
Key Takeaways
- ईरान में दंगाइयों के खिलाफ राष्ट्रपति का कड़ा बयान।
- आर्थिक तंगी से जूझ रहा देश।
- दंगाई गतिविधियों पर नियंत्रण की आवश्यकता।
- सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रदर्शन का जारी रहना।
- अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया की आवश्यकता।
तेहरान, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में उग्र विरोध प्रदर्शनों के तीन दिन गुजरने के बाद राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने दंगाइयों और आतंकवादियों की आड़ में ईरानी समाज में गड़बड़ी फैलाने वालों की कड़ी निंदा की है।
पेजेशकियान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल दंगों का आदेश देकर ईरान में अफरा-तफरी और गड़बड़ी फैलाना चाहते हैं। उन्होंने ईरान के लोगों से दंगाइयों और आतंकवादियों से दूरी बनाने की अपील की। रविवार (11 जनवरी) को देश को संबोधित करते हुए, पेजेशकियान ने ईरान के लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों और चिंताओं पर ध्यान देगी और चेतावनी दी कि दंगाइयों को समाज में गड़बड़ी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
पेजेशकियान ने ईरानी सरकारी टेलीविजन को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “ईरानियों को दंगाइयों को समाज में गड़बड़ी फैलाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। लोगों को यह समझना होगा कि सरकार न्याय चाहती है।”
पेजेशकियान ने कहा, “लोग चिंतित हैं; हमें भी एहसास है।”
ईरानी सरकार की कार्रवाई में कथित तौर पर 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत के बाद पहली बार पेजेशकियान ने ईरानियों को कुछ राहत देने के लिए एक आर्थिक योजना भी पेश किया। प्रतिबंधों से प्रभावित देश अभी भी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
ये विरोध प्रदर्शन, जो ईरान की राजधानी तेहरान में रहने के बढ़ते खर्च और आर्थिक संकट के खिलाफ छोटे-छोटे प्रदर्शनों के तौर पर शुरू हुए थे, अब बड़े पैमाने पर सुरक्षा कार्रवाई और पूरे इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद लगातार चौदहवें दिन में पहुंच गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन को हटाने की मांग की है। तेहरान की सड़कों पर लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने संकेत दिया है कि वह वापस आएंगे और प्रदर्शनकारियों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की है।