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लॉन्ग मार्च की 90वीं वर्षगांठ: चीन का भव्य टीवी गाला, AI तकनीक से जीवंत हुए ऐतिहासिक क्षण

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लॉन्ग मार्च की 90वीं वर्षगांठ: चीन का भव्य टीवी गाला, AI तकनीक से जीवंत हुए ऐतिहासिक क्षण

सारांश

लॉन्ग मार्च की 90वीं वर्षगांठ पर चीन ने AI तकनीक और बहु-मंच प्रसारण से इतिहास को जीवंत किया। अभिनेता ली श्वेएच्येन, जिनकी सुनने-बोलने की क्षमता प्रभावित है, की आवाज AI से तैयार कर कार्यक्रम में प्रसारित की गई — तकनीक और सांस्कृतिक स्मृति के संगम का एक अनोखा उदाहरण।

मुख्य बातें

22 अक्टूबर 2026 को बीजिंग में लॉन्ग मार्च की 90वीं वर्षगांठ पर भव्य टीवी गाला आयोजित हुआ।
चाइना मीडिया ग्रुप (CMG) के कई प्लेटफार्मों पर एक साथ प्रसारण किया गया।
अभिनेता ली श्वेएच्येन की आवाज CMG की AI डिजिटल तकनीक से तैयार कर कार्यक्रम में प्रसारित की गई।
बीमारी के कारण ली श्वेएच्येन की सुनने-बोलने की क्षमता प्रभावित है; रिहर्सल केवल टेक्स्ट मैसेज से हुई।
' लाल सेना आयी है ' और ' ग्रासलैंड डायरी ' जैसे कार्यक्रमों में गीत, नृत्य और नाटक को एकीकृत किया गया।

चीनी श्रमिक एवं किसान लाल सेना के लॉन्ग मार्च की विजय की 90वीं वर्षगांठ के अवसर पर 22 अक्टूबर 2026 की शाम बीजिंग में एक भव्य टीवी गाला 'लॉन्ग मार्च के लिए एक स्तुति गान' का आयोजन किया गया। चाइना मीडिया ग्रुप (CMG) के कई प्लेटफार्मों पर एक साथ प्रसारित इस समारोह ने दर्शकों के बीच गहरी छाप छोड़ी।

मंच की परिकल्पना और निर्माण

इस समारोह में पुराने क्रांतिकारी गीतों का संग्रह एक स्तरित और प्रगतिशील शैली में प्रस्तुत किया गया। 'लाल सेना आयी है' और 'ग्रासलैंड डायरी' जैसे कार्यक्रम एक अनूठी प्रदर्शन शैली अपनाते हैं, जो कई आयामों और स्थलों पर नाटक के साथ गीत और नृत्य को एकीकृत करती है। संगीत को कथा का मुख्य सूत्र बनाया गया, पात्रों के भाग्य और इतिहास के उतार-चढ़ाव को रेखांकित करते हुए दर्शकों को नाटक में खींचा गया।

यह समारोह महज एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि टेलीविजन के माध्यम से फिल्म संगीत की अनुभूति देने का एक नवीन प्रयोग भी था।

AI तकनीक: अतीत और वर्तमान के बीच सेतु

समारोह के मंच पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने समय और स्थान की सीमाओं को पार करते हुए लॉन्ग मार्च के ऐतिहासिक क्षणों को एक बार फिर जीवंत किया। 'प्रकाश की ओर' नामक कार्यक्रम में अभिनेता ली श्वेएच्येन ने लाल सेना के रसोइया दस्ते के नेता की भूमिका निभाई, जो जलता हुआ एक तेल का दीपक लिए अंधेरे से प्रकाश की ओर बढ़ते दिखाई दिए।

गौरतलब है कि बीमारी के कारण ली श्वेएच्येन की सुनने और बोलने की क्षमता प्रभावित हो चुकी है। रिहर्सल के दौरान निर्देशन टीम ने उनसे पूरी तरह टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से संवाद किया। कार्यक्रम में उनकी आवाज में प्रसारित कथन CMG की AI डिजिटल तकनीक का उपयोग कर तैयार किया गया, और कई दौर की तकनीकी प्रक्रिया के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया।

ऐतिहासिक महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपनी क्रांतिकारी विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करने में विशेष रुचि दिखा रहा है। लॉन्ग मार्च वर्ष 1934-35 में हुआ था, जब चीनी लाल सेना ने हज़ारों किलोमीटर की कठिन यात्रा तय की थी — यह यात्रा चीन के आधुनिक इतिहास की सबसे प्रतीकात्मक घटनाओं में से एक मानी जाती है। 90 वर्ष बाद इस स्मृति को AI और बहु-मंच प्रसारण के ज़रिए नई पीढ़ी तक पहुँचाने का यह प्रयास उल्लेखनीय है।

आगे क्या

इस गाला की सफलता के बाद, रिपोर्टों के अनुसार CMG भविष्य में इसी तरह के AI-संचालित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार करने पर विचार कर रहा है। यह आयोजन तकनीक और सांस्कृतिक स्मृति के संगम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि चीन की 'सॉफ्ट पावर' रणनीति का एक और अध्याय है — जहाँ AI तकनीक का उपयोग क्रांतिकारी कथाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए किया जा रहा है। ली श्वेएच्येन की AI-निर्मित आवाज की कहानी तकनीकी उपलब्धि के साथ-साथ एक नैतिक प्रश्न भी उठाती है — क्या AI-निर्मित आवाज किसी कलाकार की वास्तविक अभिव्यक्ति का विकल्प बन सकती है? वैश्विक स्तर पर जब AI और सांस्कृतिक पहचान का संबंध बहस का विषय बन रहा है, तब CMG का यह प्रयोग एक मिसाल भी है और एक सवाल भी।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लॉन्ग मार्च की 90वीं वर्षगांठ का टीवी गाला क्या था?
'लॉन्ग मार्च के लिए एक स्तुति गान' एक भव्य टीवी गाला था, जो 22 अक्टूबर 2026 को चीनी श्रमिक एवं किसान लाल सेना के लॉन्ग मार्च की विजय की 90वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इसे चाइना मीडिया ग्रुप के कई प्लेटफार्मों पर एक साथ प्रसारित किया गया।
इस गाला में AI तकनीक का उपयोग कैसे किया गया?
CMG की AI डिजिटल तकनीक का उपयोग अभिनेता ली श्वेएच्येन की आवाज में कथन तैयार करने के लिए किया गया, क्योंकि बीमारी के कारण उनकी सुनने-बोलने की क्षमता प्रभावित है। कई दौर की तकनीकी प्रक्रिया के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया और कार्यक्रम में प्रसारित किया गया।
अभिनेता ली श्वेएच्येन ने इस कार्यक्रम में क्या भूमिका निभाई?
ली श्वेएच्येन ने 'प्रकाश की ओर' कार्यक्रम में लाल सेना के रसोइया दस्ते के नेता की भूमिका निभाई। वे जलता हुआ तेल का दीपक लिए अंधेरे से प्रकाश की ओर बढ़ते दिखाई दिए; उनकी आवाज AI तकनीक से तैयार की गई थी।
लॉन्ग मार्च का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
लॉन्ग मार्च वर्ष 1934-35 में हुआ था, जब चीनी लाल सेना ने हजारों किलोमीटर की कठिन यात्रा तय की थी। यह चीन के आधुनिक इतिहास की सबसे प्रतीकात्मक घटनाओं में से एक मानी जाती है और 90 वर्ष बाद भी इसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।
इस गाला में किस तरह की प्रस्तुतियाँ शामिल थीं?
गाला में पुराने क्रांतिकारी गीतों का संग्रह एक स्तरित और प्रगतिशील शैली में प्रस्तुत किया गया। 'लाल सेना आयी है' और 'ग्रासलैंड डायरी' जैसे कार्यक्रमों में गीत, नृत्य और नाटक को कई आयामों पर एकीकृत किया गया, जिससे दर्शकों को एक फिल्मी संगीत जैसा अनुभव मिला।
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