लॉन्ग मार्च की 90वीं वर्षगांठ: शी चिनफिंग ने बीजिंग में दिया ऐतिहासिक भाषण, 3,000 लोग हुए शामिल
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के महासचिव, राष्ट्रपति और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष शी चिनफिंग ने 22 अक्टूबर 2026 को बीजिंग स्थित जन वृहद भवन में चीनी लाल सेना के लॉन्ग मार्च की विजय की 90वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक महत्वपूर्ण भाषण दिया। इस ऐतिहासिक समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 3,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
भाषण के मुख्य बिंदु
शी चिनफिंग ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास को स्मरण रखकर ही भविष्य की नींव रखी जा सकती है। उन्होंने पूरी पार्टी, पूरी सेना और देश के समस्त जातीय समुदायों का आह्वान किया कि वे सीपीसी की केंद्रीय समिति के इर्द-गिर्द और घनिष्ठ रूप से एकजुट हों तथा महान लॉन्ग मार्च भावना को आगे बढ़ाते हुए मेहनत से काम करें।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि क्रांतिकारी पूर्वजों द्वारा आरंभ किए गए महान कार्य को निरंतर आगे ले जाना और नए लॉन्ग मार्च के पथ पर नई उपलब्धियाँ अर्जित करना समय की माँग है।
90 वर्षों की यात्रा का मूल्यांकन
शी चिनफिंग ने कहा कि लॉन्ग मार्च की विजय के 90 वर्षों में सीपीसी ने जनता का नेतृत्व करते हुए क्रांति, निर्माण और सुधार के विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों में एक के बाद एक महान लॉन्ग मार्च संपन्न किए और महत्वपूर्ण जीत हासिल कीं। उनके अनुसार यह यात्रा पार्टी और जनता के दृढ़ संकल्प की जीवंत मिसाल है।
नई यात्रा और भावी प्राथमिकताएँ
राष्ट्रपति शी ने नई यात्रा को 'गौरव और सपनों से भरा नया लॉन्ग मार्च' बताते हुए चार प्रमुख प्राथमिकताएँ रेखांकित कीं। पहली, उच्च गुणवत्ता वाले विकास को बढ़ावा देकर जनता की बढ़ती जीवन-स्तर संबंधी जरूरतों को पूरा करना। दूसरी, विकास और सुरक्षा में समन्वय स्थापित कर जोखिमों व चुनौतियों का सामना करना।
तीसरी प्राथमिकता के रूप में उन्होंने जन सेना को विश्व स्तरीय सेना के रूप में विकसित कर उच्च गुणवत्ता के साथ प्रतिरक्षा और सैन्य आधुनिकीकरण में तेज़ी लाने पर बल दिया। चौथी, सख्ती के साथ सीपीसी का समग्र प्रबंधन जारी रखने की बात कही।
समारोह का महत्व और संदर्भ
गौरतलब है कि लॉन्ग मार्च (1934–1936) चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के इतिहास में एक निर्णायक अध्याय रहा है, जिसे चीन में राष्ट्रीय एकता और क्रांतिकारी दृढ़ता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। यह समारोह ऐसे समय में आया है जब चीन वैश्विक भू-राजनीतिक दबावों और आर्थिक पुनर्संरचना के बीच अपनी राष्ट्रीय पहचान को पुनः परिभाषित करने में जुटा है।
विश्लेषकों के अनुसार, इस भाषण में शी का सैन्य आधुनिकीकरण पर विशेष ज़ोर और 'नए लॉन्ग मार्च' का रूपक दोनों ही आंतरिक एकजुटता और वैश्विक प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। आगे आने वाले महीनों में इन घोषित प्राथमिकताओं को नीतिगत धरातल पर उतारने की असली परीक्षा होगी।